क्या पशुधन क्षेत्र भारत की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है? हर साल औसतन 12.77 प्रतिशत की वृद्धि : रिपोर्ट

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क्या पशुधन क्षेत्र भारत की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है? हर साल औसतन 12.77 प्रतिशत की वृद्धि : रिपोर्ट

सारांश

पशुधन क्षेत्र भारत की कृषि अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह हर साल औसतन 12.77 प्रतिशत की वृद्धि दर से बढ़ रहा है, जिससे किसानों की आमदनी में इजाफा हो रहा है। जानें इस रिपोर्ट के महत्वपूर्ण तथ्य और आंकड़े।

Key Takeaways

  • पशुधन क्षेत्र भारत की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
  • हर साल औसतन 12.77 प्रतिशत की वृद्धि दर।
  • दूध उत्पादन में भारत का पहला स्थान
  • अंडा और मांस उत्पादन में भी महत्वपूर्ण वृद्धि
  • किसानों की आमदनी में वृद्धि हो रही है।

नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सरकार के अनुसार, पशुधन क्षेत्र भारत की कृषि अर्थव्यवस्था को लगातार मजबूती प्रदान कर रहा है। यह क्षेत्र वर्ष 2014-15 से अब तक हर साल औसतन 12.77 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है, जिससे किसानों की आमदनी में वृद्धि हो रही है।

मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अनुसार, कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों के कुल सकल मूल्यवर्धन (जीवीए) में पशुधन का योगदान वर्ष 2014-15 में 24.38 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 30.87 प्रतिशत हो गया। वहीं, साल 2023-24 में, पशुधन क्षेत्र ने कुल सकल बाजार मूल्य (जीवीएसी) में, वर्तमान कीमतों पर, 5.49 प्रतिशत का योगदान दिया।

भारत दुनियाभर में दूध उत्पादन में पहले स्थान पर है और इसकी हिस्सेदारी 25 प्रतिशत है। पिछले 11 वर्षों में दूध उत्पादन 5.41 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ा है। साल 2014-15 में दूध उत्पादन 146.31 मिलियन टन था, जो बढ़कर 2024-25 में 247.87 मिलियन टन हो गया।

आधिकारिक बयान में कहा गया है कि साल 2023 की तुलना में 2024 में वैश्विक दूध उत्पादन सिर्फ 1.12 प्रतिशत बढ़ा। चालू वित्त वर्ष में भारत में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 485 ग्राम प्रतिदिन है, जबकि दुनिया का औसत 328 ग्राम प्रतिदिन है। इससे स्पष्ट है कि भारत में दूध की उपलब्धता अधिक है।

खाद्य एवं कृषि संगठन कॉर्पोरेट सांख्यिकी डेटाबेस (एफएओस्टेट) के आंकड़ों के अनुसार, भारत अंडा उत्पादन में दूसरे और मांस उत्पादन में चौथे स्थान पर है। देश में अंडा उत्पादन 2014-15 में 78.48 अरब था, जो बढ़कर 2024-25 में 149.11 अरब हो गया। पिछले 11 वर्षों में यह 6.63 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक दर (सीएजीआर) से बढ़ रहा है।

वित्त वर्ष 2024-25 में प्रति व्यक्ति अंडे की उपलब्धता 106 अंडे प्रति वर्ष है, जबकि 2014-15 में यह संख्या 62 अंडे थी। देश में मांस उत्पादन 2014-15 में 6.69 मिलियन टन से बढ़कर 2024-25 में 10.50 मिलियन टन हो गया। मांस उत्पादन भी पिछले 11 वर्षों में 4.61 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ा है।

Point of View

NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

भारत में दूध उत्पादन का स्थान क्या है?
भारत दुनिया में दूध उत्पादन में पहले स्थान पर है, जिसकी हिस्सेदारी 25 प्रतिशत है।
पशुधन क्षेत्र की वृद्धि दर कितनी है?
पशुधन क्षेत्र हर साल औसतन 12.77 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है।
भारत में अंडा उत्पादन में स्थिति क्या है?
भारत अंडा उत्पादन में दूसरे स्थान पर है, और पिछले 11 वर्षों में इसका उत्पादन 6.63 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ा है।
पशुधन क्षेत्र का जीवीए में योगदान क्या है?
पशुधन का योगदान वर्ष 2014-15 में 24.38 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 30.87 प्रतिशत हो गया।
भारत में मांस उत्पादन का क्या हाल है?
भारत मांस उत्पादन में चौथे स्थान पर है, और इसका उत्पादन 11 वर्षों में 4.61 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ा है।
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