1 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या वित्त वर्ष 27 में घरेलू खपत से भारत की विकास दर में तेजी आएगी, जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या वित्त वर्ष 27 में घरेलू खपत से भारत की विकास दर में तेजी आएगी, जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान?

सारांश

क्या भारत के आर्थिक विकास में घरेलू खपत और कर्ज का बड़ा योगदान होगा? एसबीआई म्यूचुअल फंड की हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। जानिए इस रिपोर्ट में और क्या महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं।

मुख्य बातें

वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर लगभग 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान।
घरेलू खपत और कर्ज का रहेगा प्रमुख योगदान।
नॉमिनल जीडीपी में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी संभावित।
महंगाई लगभग 4 प्रतिशत रहने का अनुमान।
बैंक कर्ज की वृद्धि दर 13 से 14 प्रतिशत तक हो सकती है।

नई दिल्ली, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की आर्थिक प्रगति का प्रमुख स्तंभ घरेलू खपत और कर्ज होगा। इस दौरान देश की वास्तविक (रियल) जीडीपी वृद्धि दर लगभग 7.2 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जबकि नॉमिनल जीडीपी में लगभग 11 प्रतिशत की वृद्धि संभव है। यह जानकारी एसबीआई म्यूचुअल फंड की रिपोर्ट में प्रस्तुत की गई है।

एसबीआई म्यूचुअल फंड की इस रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2026-27 में बैंकों द्वारा दी जाने वाली कर्ज की वृद्धि 13 से 14 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। इस वर्ष मई में बैंक कर्ज की वृद्धि दर 9 प्रतिशत से बढ़कर नवंबर 2025 तक 11.4 प्रतिशत हो गई है। वहीं, वर्ष 2025-26 में कुल कर्ज वृद्धि 10.5 से 11 प्रतिशत रहने की संभावना जताई गई है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि भविष्य में घरेलू परिवारों का कर्ज कंपनियों के कर्ज की तुलना में तेजी से बढ़ेगा। जिन क्षेत्रों में कर्ज पर आधारित मांग और बेहतर उत्पादों की मांग है, वे क्षेत्र अच्छे परिणाम दे सकते हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वर्ष 2025-26 में भारत की वास्तविक आर्थिक वृद्धि लगभग 7.5 प्रतिशत रही। हालांकि, निर्यात अभी भी सबसे कमजोर कड़ी बना हुआ है, लेकिन अच्छी खबर यह है कि महंगाई नियंत्रण में है।

म्यूचुअल फंड हाउस का मानना है कि शेयर बाजार में 2025 का रुझान 2026 में भी जारी रह सकता है। उभरते बाजारों के शेयर और औद्योगिक वस्तुएं बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं, क्योंकि वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।

फंड हाउस ने बिजली, गैस परिवहन, पूंजीगत वस्तुएं, सीमेंट और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों को निवेश के लिए बेहतर बताया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2026-27 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई लगभग 4 प्रतिशत रह सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक की नीतियों में बड़े बदलाव की संभावना कम है।

सरकारी बॉंड की आपूर्ति बढ़कर 29 लाख करोड़ रुपए तक जा सकती है, जबकि रुपए की गिरावट की गति कम होकर वित्त वर्ष 2027 में लगभग 2 प्रतिशत तक कमजोर होकर 92 रुपए प्रति अमेरिकी डॉलर के करीब पहुंच सकता है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि टैरिफ के बावजूद वैश्विक आर्थिक स्थिति अभी तक मजबूत बनी हुई है। अमेरिका में एआई से जुड़े निवेश और ढीली सरकारी नीतियों से विकास को सहारा मिला है। साथ ही, रिपोर्ट में कहा गया है कि यूरोप में सरकारी खर्च बढ़ा है, जबकि चीन अभी भी निर्यात पर निर्भर बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ताकि हमारी अर्थव्यवस्था को स्थिरता मिले।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की जीडीपी वृद्धि दर क्या होगी?
वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर लगभग 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
घरेलू खपत का क्या योगदान होगा?
घरेलू खपत का योगदान भारत की आर्थिक वृद्धि का मुख्य आधार रहेगा।
क्या महंगाई नियंत्रण में है?
हां, रिपोर्ट के अनुसार महंगाई नियंत्रण में है।
कर्ज की वृद्धि दर क्या होगी?
बैंक कर्ज की वृद्धि दर 13 से 14 प्रतिशत तक हो सकती है।
रिपोर्ट में कौन से क्षेत्रों को निवेश के लिए बेहतर बताया गया है?
रिपोर्ट में बिजली, गैस परिवहन, पूंजीगत वस्तुएं, सीमेंट और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों को निवेश के लिए बेहतर बताया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले