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क्या भारत में लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल लीजिंग वर्ष के अंत तक 60 एमएसएफ को पार कर सकती है?

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क्या भारत में लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल लीजिंग वर्ष के अंत तक 60 एमएसएफ को पार कर सकती है?

सारांश

क्या भारत के लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल लीजिंग सेक्टर में वर्ष के अंत तक ६० एमएसएफ का नया मानक स्थापित होने जा रहा है? जानें इस रिपोर्ट में कैसे मजबूत मांग और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार से यह संभव हो रहा है।

मुख्य बातें

लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल लीजिंग में वर्ष के अंत तक ६० एमएसएफ के पार पहुंचने की उम्मीद।
वेयरहाउसिंग ने कुल लीजिंग का ७१.३ प्रतिशत हिस्सा लिया।
ई-कॉमर्स में १५८ प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि।
इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग में अग्रणी स्थान।
मजबूत मांग और सहायक नीतियों का प्रभाव।

नई दिल्ली, १३ सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। ग्रॉस लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल (एलएंडआई) लीजिंग वर्ष के अंत तक ६० मिलियन वर्ग फुट (एमएसएफ) को पार करने की संभावना है। शनिवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र में मजबूत मांग के चलते एक नया बेंचमार्क स्थापित होगा।

रियल एस्टेट सर्विस फर्म कुशमैन एंड वेकफील्ड ने अपनी रिपोर्ट में कहा, "२०२५ की पहली छमाही में, वेयरहाउसिंग और इंडस्ट्रियल सेगमेंट में लीजिंग की वृद्धि दोहरे अंकों में बनी रही, कुल लीजिंग ३०.७ मिलियन वर्ग फुट रही, जो सालाना आधार पर २१.६ प्रतिशत की वृद्धि है।" यह प्रदर्शन इस क्षेत्र के मजबूत फंडामेंटल को उजागर करता है, जिसमें लीजिंग गतिविधि पिछले तीन वर्षों से सालाना ५० मिलियन वर्ग फुट से अधिक रही है।

इस वर्ष के अंत तक ग्रॉस लीजिंग ६० एमएसएफ को पार करने की उम्मीद है, जो भारत के लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल मार्केट के लिए एक नया मानक स्थापित करेगा।

रिपोर्ट के अनुसार, वेयरहाउसिंग प्रमुख चालक बना रहा, जिसकी लीजिंग में २१.९ एमएसएफ की हिस्सेदारी रही और यह ७१.३ प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि इंडस्ट्रियल सेक्टर ने ८.८ एमएसएफ का योगदान दिया, जो कुल लीजिंग का २८.७ प्रतिशत है।

सेक्टोरल फ्रंट पर इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग (ईएंडएम) ने ९.७ एमएसएफ के साथ समग्र लीजिंग में अग्रणी स्थान हासिल किया, जो कुल अब्सॉर्प्शन का ३२ प्रतिशत था और सालाना आधार पर ३७ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह भारत की आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है, जिसे इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने और सहायक नीतियों से सहायता मिली है। ३पीएल ऑपरेटरों ने ७.४ एमएसएफ लीज पर लिया, जो २४ प्रतिशत हिस्सेदारी का प्रतिनिधित्व करता है और स्थिर वृद्धि दर्शाता है।

ई-कॉमर्स सेक्टर ने सबसे तेज वार्षिक उछाल दर्ज किया, जिसमें सालाना आधार पर सेक्टर १५८ प्रतिशत की वृद्धि के साथ ४.६ एमएसएफ तक पहुंच गया और कुल लीजिंग में १५ प्रतिशत की हिस्सेदारी हासिल की।

कुशमैन एंड वेकफील्ड के गुजरात प्रमुख, लॉजिस्टिक्स एंड इंडस्ट्रियल सर्विसेज इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर, अभिषेक भूटानी ने कहा, "पहली छमाही का प्रदर्शन इस बात को पुष्ट करता है कि भारत का लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल सेक्टर साइक्लिक स्विंग से आगे बढ़कर संरचनात्मक मजबूती प्रदर्शित कर रहा है।"

रिपोर्ट में कहा गया है कि मजबूत मांग फंडामेंटल, अगले २-३ वर्षों में ग्रेड ए वेयरहाउसिंग के २५ एमएसएफ की हेल्दी सप्लाई पाइपलाइन, सहायक नीतिगत उपायों के साथ भारत का लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल सेक्टर २०२५ तक अपनी मजबूत गति बनाए रखने के लिए तैयार है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना अनिवार्य है कि भारत के लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल लीजिंग क्षेत्र की वृद्धि न केवल आर्थिक स्थिरता का संकेत है, बल्कि देश की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल लीजिंग क्षेत्र में वृद्धि का कोई कारण है?
हाँ, रिपोर्ट के अनुसार, मजबूत मांग और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार इस क्षेत्र की वृद्धि का मुख्य कारण है।
क्या ई-कॉमर्स सेक्टर में भी वृद्धि हो रही है?
जी हाँ, ई-कॉमर्स सेक्टर ने वार्षिक आधार पर १५८ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।
राष्ट्र प्रेस
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