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क्या भारत-ओमान सीईपीए का सकारात्मक प्रभाव आने वाले दशकों तक रहेगा?

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क्या भारत-ओमान सीईपीए का सकारात्मक प्रभाव आने वाले दशकों तक रहेगा?

सारांश

भारत और ओमान के बीच हुआ सीईपीए समझौता एक ऐतिहासिक कदम है, जो दोनों देशों के लिए व्यापार और निवेश के नए अवसर प्रदान करेगा। यह समझौता आने वाले दशकों तक प्रभावी रहेगा, जिससे युवाओं और छोटे व्यवसायों को विशेष लाभ मिलेगा। जानें इस समझौते की प्रमुख बातें और इसके सकारात्मक प्रभाव।

मुख्य बातें

भारत-ओमान सीईपीए एक ऐतिहासिक समझौता है।
यह व्यापार और निवेश को नई गति देगा।
युवाओं और छोटे व्यवसायों को लाभ होगा।
कई सेक्टर को टैरिफ में कमी का फायदा मिलेगा।
सेवाओं के व्यापार का विकास होगा।

नई दिल्ली, 18 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत और ओमान के बीच कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (सीईपीए) एक ऐतिहासिक कदम है, और इसका सकारात्मक प्रभाव आने वाले कई दशकों तक दिखाई देगा। यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कही।

सीईपीए समझौता होने के बाद, एक सोशल मीडिया पोस्ट में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को कोट करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत-ओमान संबंधों को और बढ़ाने के लिए आज हमने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (सीईपीए) 21वीं सदी में हमारे संबंधों को ऊर्जा देगा।"

उन्होंने आगे कहा कि इससे व्यापार और निवेश को नई गति मिलेगी और विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर खुलेंगे। इससे दोनों देशों के युवाओं को विशेष लाभ होगा।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पोस्ट में लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महामहिम सुल्तान हैथम बिन तारिक के नेतृत्व में, भारत और ओमान ने भारत-ओमान सीईपीए पर हस्ताक्षर किए हैं, जो खाड़ी क्षेत्र के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

यह समझौता भारत को बाजारों तक पहुंच प्रदान करता है, जिसमें ओमान की 98.08 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर जीरो-ड्यूटी की पेशकश की गई है, जो वैल्यू के हिसाब से भारत के 99.38 प्रतिशत निर्यात को कवर करती है। इससे लेबर-इंटेंसिव सेक्टर्स को काफी फायदा होगा, और रोजगार पैदा होंगे। साथ ही, एमएसएमई, कारीगरों और महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को मजबूती मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि टेक्सटाइल, लेदर, फुटवियर, रत्न और आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, प्लास्टिक, फर्नीचर, कृषि उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस और ऑटोमोबाइल जैसे प्रमुख एक्सपोर्ट सेक्टर को टैरिफ खत्म होने से फायदा होगा, जिससे भारत की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट कॉम्पिटिटवनेस मजबूत होगी।

यह समझौता सेवाओं के व्यापार के लिए एक व्यापक और भविष्योन्मुखी ढांचा प्रदान करता है, जिसमें आईटी, व्यावसायिक और पेशेवर सेवाएं, आरएंडडी, शिक्षा, स्वास्थ्य और ऑडियो-विजुअल सेवाएं शामिल हैं। सीईपीए की एक मुख्य बात यह है कि कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले सर्विस सप्लायर्स के लिए रहने की अनुमति की अवधि को 90 दिन से बढ़ाकर दो साल कर दिया गया है और इसे दो साल और बढ़ाया जा सकता है। इससे दोनों देशों को लाभ होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत और ओमान के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए भी है। यह एक सकारात्मक विकास है, जो दोनों देशों के लिए नई संभावनाएं और अवसर पैदा करेगा।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-ओमान सीईपीए क्या है?
भारत-ओमान सीईपीए एक आर्थिक साझेदारी समझौता है जो व्यापार और निवेश में सहयोग को बढ़ावा देता है।
इस समझौते से कौन से क्षेत्रों को लाभ होगा?
यह समझौता टेक्सटाइल, लेदर, कृषि उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों को लाभ पहुंचाएगा।
क्या सीईपीए से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे?
हाँ, सीईपीए से लेबर-इंटेंसिव सेक्टर्स में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
इस समझौते का युवा पीढ़ी पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
युवाओं को व्यापार और निवेश के नए अवसर मिलेंगे, जिससे उनकी क्षमता और भविष्य में लाभ होगा।
क्या सीईपीए से भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी?
हाँ, यह समझौता भारत की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट कॉम्पिटिटिवनेस को मजबूत करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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