क्या भारत ओपनएआई का सबसे बड़ा बाजार बनने वाला है? : सीईओ सैम ऑल्टमैन

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क्या भारत ओपनएआई का सबसे बड़ा बाजार बनने वाला है? : सीईओ सैम ऑल्टमैन

सारांश

ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन का कहना है कि भारत निकट भविष्य में ओपनएआई का सबसे बड़ा बाजार बन सकता है। जानिए इस तेजी से बढ़ते बाजार की संभावनाएँ और नई पहलें।

मुख्य बातें

भारत ओपनएआई का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है।
ओपनएआई स्थानीय भागीदारों के साथ काम कर रहा है।
नई पहल के तहत एआई शिक्षा का विस्तार किया जाएगा।
जीपीटी-5 के माध्यम से उपयोगकर्ताओं के लिए नए अवसर उपलब्ध हैं।
भारत में एआई का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।

नई दिल्ली, 8 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन के अनुसार, भारत, अमेरिका के बाद विश्व में ओपनएआई का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन चुका है और निकट भविष्य में यह सबसे बड़ा बाजार बनने की संभावना रखता है।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ओपनएआई भारत को एक तेजी से बढ़ते बाजार के रूप में देखता है, जहाँ एआई की पहुँच और सामर्थ्य को बढ़ाने की योजनाएँ हैं।

ऑल्टमैन ने चैटजीपीटी को संचालित करने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम के नवीनतम संस्करण जीपीटी-5 के लॉन्च के समय कहा, "यह अविश्वसनीय रूप से तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन भारतीय उपयोगकर्ता जिस तरीके से एआई का उपयोग कर रहे हैं, वह वास्तव में अद्वितीय है।"

उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी अपने उत्पादों को भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए और अधिक प्रभावी एवं किफायती बनाने के लिए स्थानीय साझेदारों के साथ मिलकर कार्य कर रही है और वह सितंबर में भारत का दौरा करने की योजना बना रहे हैं।

जून में, ओपनएआई ने भारत सरकार के इंडियाएआई मिशन के साथ साझेदारी में अपने शिक्षा प्लेटफॉर्म का पहला अंतरराष्ट्रीय विस्तार शुरू किया, जिसका उद्देश्य एआई कौशल प्रशिक्षण तक पहुँच को बढ़ाना है।

"ओपनएआई एकेडमी इंडिया" नामक इस पहल का उद्देश्य भारत के तेजी से बढ़ते डेवलपर समुदाय, डिजिटल आधारभूत संरचना और स्टार्टअप्स का लाभ उठाते हुए एआई शिक्षा और उपकरणों तक पहुँच को व्यापक बनाना है।

यह छात्रों, डेवलपर्स, शिक्षकों, सिविल सेवकों, गैर-लाभकारी संगठनों के लीडर्स और छोटे व्यवसाय मालिकों जैसे शिक्षार्थियों की एक विस्तृत श्रृंखला के लिए एआई कौशल प्रशिक्षण तक पहुँच का विस्तार करने में मदद करेगा, जो इंडियाएआई मिशन के फ्यूचरस्किल्स स्तंभ का समर्थन करेगा।

ओपनएआई के मुख्य रणनीति अधिकारी, जेसन क्वोन ने कहा, "भारत एआई विकास के लिए दुनिया के सबसे गतिशील देशों में से एक है, जहाँ अडॉप्शन और इनोवेशन में तेज वृद्धि हो रही है।"

कंपनी के अनुसार, "हम जीपीटी-5, अपनी अब तक की सर्वश्रेष्ठ एआई प्रणाली, पेश कर रहे हैं। जीपीटी-5, हमारे सभी पिछले मॉडलों की तुलना में बुद्धिमत्ता के मामले में एक महत्वपूर्ण छलांग है, जिसमें कोडिंग, गणित, लेखन, स्वास्थ्य, दृश्य बोध आदि क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन शामिल है।"

जीपीटी-5 सभी उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है, जबकि प्लस सब्सक्राइबर्स इसका अधिक उपयोग कर पाएंगे और प्रो ग्राहकों को जीपीटी-5 प्रो तक पहुँच प्राप्त होगी।

कंपनी ने कहा, "जीपीटी-5 एक एकीकृत प्रणाली है, जिसमें एक स्मार्ट, कुशल मॉडल है, जो अधिकांश प्रश्नों के उत्तर देता है, कठिन समस्याओं के लिए एक गहरा तर्क मॉडल (जीपीटी-5 थिंकिंग) और एक रियल-टाइम राउटर है जो बातचीत के प्रकार, जटिलता, उपकरण की आवश्यकताओं और स्पष्ट इरादे के आधार पर तुरंत निर्णय लेता है कि किसका उपयोग करना है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

और यह हमारे युवाओं के लिए नई संभावनाएँ खोलता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ओपनएआई का सबसे बड़ा बाजार क्यों बन सकता है?
भारत में एआई का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और यहाँ के उपयोगकर्ताओं का अनुभव अद्वितीय है।
ओपनएआई ने भारत में क्या नई पहल की है?
ओपनएआई ने 'ओपनएआई एकेडमी इंडिया' नामक पहल शुरू की है, जिसका उद्देश्य एआई शिक्षा को बढ़ावा देना है।
राष्ट्र प्रेस