BMW ग्रुप इंडिया 1 जुलाई 2026 से BMW और MINI कारों की कीमतों में 2% की बढ़ोतरी करेगा
सारांश
मुख्य बातें
BMW ग्रुप इंडिया ने 8 जून 2026 को घोषणा की कि वह 1 जुलाई 2026 से अपनी BMW और MINI कारों की पूरी रेंज की कीमतों में 2 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करेगा। कंपनी के अनुसार, रुपये में गिरावट और बढ़ती लॉजिस्टिक्स लागत जैसे व्यापक आर्थिक दबाव इस निर्णय के पीछे मुख्य कारण हैं।
कौन-से मॉडल होंगे प्रभावित
कीमतों में यह संशोधन भारत में स्थानीय रूप से निर्मित वाहनों और पूरी तरह आयातित (CBU) मॉडल्स — दोनों पर लागू होगा। भारत में असेंबल किए जाने वाले मॉडलों में BMW 2 सीरीज ग्रैन कूप, 3 सीरीज लॉन्ग व्हीलबेस, 5 सीरीज लॉन्ग व्हीलबेस, 7 सीरीज, X1, X3, X5, X7, M340i और iX1 लॉन्ग व्हीलबेस शामिल हैं।
आयातित (CBU) पोर्टफोलियो में i5 M60, i7, i7 M70, iX, M440i कन्वर्टेबल, M2 कूप, M4 कंपेटीशन, M5 और XM जैसे परफॉर्मेंस व इलेक्ट्रिक वाहन भी इस मूल्य संशोधन के दायरे में आएंगे।
कंपनी की प्रतिक्रिया
BMW ग्रुप इंडिया के अध्यक्ष एवं सीईओ हरदीप सिंह बरार ने कहा कि भारत के लग्जरी कार बाज़ार में कंपनी की मज़बूत माँग और प्रीमियम पहचान उसे लगातार नई उपलब्धियाँ हासिल करने में सहायक रही है। उन्होंने कहा, "मज़बूत माँग और हमारे बेहतरीन उत्पादों की रेंज BMW ग्रुप इंडिया को लग्जरी मोबिलिटी क्षेत्र में लगातार नए मानक स्थापित करने में सक्षम बनाती है।"
बरार ने यह भी स्पष्ट किया कि यह मूल्य वृद्धि कंपनी के प्रीमियम गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने और ग्राहकों को विश्वस्तरीय सेवा प्रदान करने के लिए आवश्यक है। उनके शब्दों में, "यह संशोधन सुनिश्चित करेगा कि ग्राहकों को वही बेहतरीन इंजीनियरिंग और विश्वस्तरीय सेवा मिलती रहे जिसकी वे BMW से उम्मीद करते हैं।"
ग्राहकों के लिए फाइनेंसिंग विकल्प
कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद BMW ग्रुप इंडिया की वित्तीय सेवा शाखा ग्राहकों को कई आकर्षक विकल्प उपलब्ध कराती रहेगी। BMW स्मार्ट फाइनेंस कार्यक्रम के तहत लचीली ईएमआई, चुनिंदा मॉडलों पर कम ब्याज दर, सुनिश्चित बाय-बैक विकल्प और लोन अवधि पूरी होने पर अन्य सुविधाएँ दी जाती हैं।
व्यापक संदर्भ
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब भारतीय लग्जरी कार बाज़ार में माँग लगातार बढ़ रही है। गौरतलब है कि BMW अकेली नहीं है — मर्सिडीज़-बेंज़ और ऑडी सहित कई प्रीमियम ब्रांड पहले भी आयात लागत और मुद्रा दबाव का हवाला देते हुए कीमतें बढ़ा चुके हैं। रुपये की कमज़ोरी और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में उतार-चढ़ाव लग्जरी वाहन निर्माताओं के लिए एक स्थायी चुनौती बनी हुई है।
1 जुलाई 2026 से लागू होने वाली इस बढ़ोतरी से पहले खरीदारी करने के इच्छुक ग्राहकों के पास अभी कुछ सप्ताह का समय शेष है।