सी-डॉट और जंप्स ऑटोमेशन का समझौता, साइबर सुरक्षा जागरूकता के लिए गेमिफिकेशन प्लेटफॉर्म का निर्माण
सारांश
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नई दिल्ली, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार की टेलीकॉम अनुसंधान एवं विकास संस्था सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सी-डॉट) ने सी-डॉट कोलैबोरेटिव रिसर्च प्रोग्राम (सीसीआरपी) के तहत जंप्स ऑटोमेशन एलएलपी के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह जानकारी संचार मंत्रालय द्वारा सोमवार को साझा की गई।
इस प्लेटफॉर्म में गेमिंग एरिना, लीडरबोर्ड, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम, चर्चा मंच और वास्तविक सिमुलेशन-आधारित परिदृश्य शामिल होंगे, जिनका मुख्य उद्देश्य साइबर जागरूकता को बढ़ावा देना और संगठनों की साइबर सुरक्षा तैयारियों में सुधार करना है।
संचार मंत्रालय के बयान में कहा गया है, "इस महत्वपूर्ण साझेदारी का उद्देश्य साइबर सुरक्षा जागरूकता को मजबूत करना, साइबर सुरक्षा तैयारियों को बढ़ावा देना और पारंपरिक प्रशिक्षण को एक आकर्षक, संवादमूलक और प्रभावी शिक्षण अनुभव में परिवर्तित करना है। इस प्लेटफॉर्म में फिशिंग, सोशल इंजीनियरिंग, मैलवेयर से बचाव और समय सीमा के भीतर संकट प्रबंधन जैसे विषयों पर आधारित वास्तविक सिमुलेशन परिदृश्य शामिल होंगे। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से संगठन साइबर सुरक्षा को और अधिक मजबूत बना सकते हैं।"
बयान में आगे कहा गया कि इस सॉल्यूशन में एक सशक्त पुरस्कार और प्रदर्शन ट्रैकिंग प्रणाली के साथ-साथ एक एआई-संचालित व्यवहार विश्लेषण इंजन भी शामिल होगा, जो उपयोगकर्ता के प्रदर्शन का निरंतर मूल्यांकन करेगा, चुनौती की जटिलता को गतिशील रूप से समायोजित करेगा और उभरते साइबर खतरों के अनुरूप सामग्री को अपडेट रखेगा। इसे जंप्स ऑटोमेशन की एआई और स्वचालन विशेषज्ञता एवं सी-डॉट की स्वदेशी दूरसंचार तथा सुरक्षा प्रौद्योगिकी क्षमताओं के संयोजन से विकसित किया जाएगा।
सी-डॉट के सीईओ डॉ. राजकुमार उपाध्याय ने कहा कि इस मंच का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को साइबर खतरों को प्रभावी ढंग से पहचानने और उनसे निपटने, घटना प्रतिक्रिया क्षमताओं को मजबूत करने और वैश्विक सर्वोत्तम प्रणालियों को अपनाने में सक्षम बनाना है, जिससे देश में साइबर सुरक्षा जागरूकता और लचीलेपन की संस्कृति को मजबूत करने में योगदान मिलेगा।