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क्या केंद्र सरकार भारत के डीप टेक इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है?: पीयूष गोयल

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क्या केंद्र सरकार भारत के डीप टेक इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है?: पीयूष गोयल

सारांश

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत के डीप टेक इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। इस पहल के तहत, इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप्स को कनेक्ट करने पर जोर दिया जाएगा।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार डीप टेक इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा दिया जाएगा।
स्टार्टअप्स को निवेशकों से कनेक्ट करने का अवसर मिलेगा।
प्लास्टइंडिया 2026 इवेंट में स्टार्टअप्स अपनी तकनीक प्रदर्शित कर सकेंगे।
प्लास्टिक उद्योग में 100 प्रतिशत रियूज और रिसाइक्लिंग की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

नई दिल्ली, 17 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार भारत के डीप टेक इकोसिस्टम को मजबूत करने, ईज-ऑफ-डूइंग बिजनेस को बेहतर बनाने और इनोवेशन तथा एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

केंद्रीय मंत्री गोयल ने आईआईएम कलकत्ता इनोवेशन पार्क (आईआईएमसीआईपी) और प्लास्टइंडिया फाउंडेशन की स्टार्टअप सर्च पहल का उद्धाटन किया।

उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि इस पहल के माध्यम से प्लास्टिक उद्योग प्लास्टिक के 100 प्रतिशत रियूज और रिसाइक्लिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाएगा। यह पहल देश के राष्ट्रीय सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों और एनवायरमेंटली रिस्पॉन्सिबल प्रोडक्ट्स की बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।"

इस पहल का मुख्य उद्देश्य इनोवेटर्स और उद्यमियों को निवेशकों और साझेदारों से जोड़ना है। यह प्रोग्राम फंडिंग और इंस्ट्रियल सपोर्ट प्रदान करते हुए प्लास्टिक उद्योग के विकास के लिए इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी पर ध्यान केंद्रित करता है।

आगामी प्लास्टइंडिया 2026 इवेंट, स्टार्टअप्स के लिए उनकी तकनीक और सॉल्यूशन को प्रदर्शित करने के लिए एक केंद्रीय मंच बनेगा, जिसकी थीम भारत नेक्स्ट रखी गई है।

प्लास्टइंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष रवीश कामथ ने कहा, "प्लास्टइंडिया फाउंडेशन और आईआईएम कलकत्ता के सहयोग से, नेशनल इनोवेशन चैलेंज के तहत स्टार्टअप सर्च कार्यक्रम प्लास्टिक, रिसाइक्लिंग, मटेरियल्स, सस्टेनेबिलिटी और सर्कुलर इकोनॉमी में उच्च-क्षमता वाले स्टार्टअप्स की पहचान करेगा।"

उन्होंने बताया कि शीर्ष 10 स्टार्टअप को प्रत्येक को 2 लाख रुपए से अधिक पुरस्कार राशि दी जाएगी। इसके साथ ही, जीतने वाले स्टार्टअप को आईआईएम कलकत्ता से विशेष मार्गदर्शन प्राप्त होगा।

राष्ट्रीय कार्यकारी समिति के अध्यक्ष आलोक टिबरेवाला ने कहा, "स्टार्टअप पहल को नए विचारों को पेश करने और भारत के इनोवेशन सिस्टम को समर्थन देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका उद्देश्य स्टार्टअप्स को की प्लेयर्स से जोड़ने के लिए एक मंच प्रदान करते हुए भारत के प्लास्टिक सेक्टर में वृद्धि और इनोवेशन लाना है।"

उन्होंने आगे घोषणा की कि इस पहल के इनोवेटिव स्टार्टअप्स को उनके सॉल्यूशन प्लास्टइंडिया 2026 में प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा, जो कि नई दिल्ली में आगामी वर्ष आयोजित होने वाला भारत का सबसे बड़ा प्लास्टिक इवेंट होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केंद्र सरकार का लक्ष्य क्या है?
केंद्र सरकार का लक्ष्य भारत के डीप टेक इकोसिस्टम को मजबूत करना, ईज-ऑफ-डूइंग बिजनेस को बेहतर बनाना और इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देना है।
यह पहल किसके सहयोग से शुरू की गई है?
यह पहल आईआईएम कलकत्ता इनोवेशन पार्क और प्लास्टइंडिया फाउंडेशन के सहयोग से शुरू की गई है।
स्टार्टअप्स को क्या लाभ मिलेगा?
स्टार्टअप्स को निवेशकों और पार्टनर्स से कनेक्ट होने का अवसर मिलेगा, साथ ही उन्हें पुरस्कार राशि और मेंटॉरशिप भी मिलेगी।
प्लास्टइंडिया 2026 इवेंट का उद्देश्य क्या है?
प्लास्टइंडिया 2026 इवेंट का उद्देश्य स्टार्टअप्स के लिए एक केंद्रीय प्लेटफॉर्म प्रदान करना है।
इस पहल का प्रभाव किस पर पड़ेगा?
इस पहल का प्रभाव प्लास्टिक उद्योग, रिसाइक्लिंग और सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों पर पड़ेगा।
राष्ट्र प्रेस
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