क्या सीसीआई ने पीएसए इंडिया के अधिग्रहण और वीआईपी इंडस्ट्रीज की हिस्सेदारी सौदे को मंजूरी दी?

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क्या सीसीआई ने पीएसए इंडिया के अधिग्रहण और वीआईपी इंडस्ट्रीज की हिस्सेदारी सौदे को मंजूरी दी?

सारांश

सीसीआई ने पीएसए इंडिया और वीआईपी इंडस्ट्रीज के अधिग्रहण को मंजूरी दी। यह कदम समुद्री और उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्र में व्यवसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा। जानें इस महत्वपूर्ण निर्णय के पीछे की बातें और इसके संभावित प्रभाव।

Key Takeaways

  • सीसीआई ने पीएसए इंडिया के अधिग्रहण को मंजूरी दी।
  • यह कदम समुद्री और उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्र में व्यवसाय को बढ़ावा देगा।
  • मल्टीपल्स प्राइवेट इक्विटी फंड IV और गिफ्ट फंड IV को भी मंजूरी मिली।

नई दिल्ली, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने बुधवार को दो महत्वपूर्ण अधिग्रहणों को मंजूरी दी है, जिससे समुद्री और उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्र में बिजनेस एक्टिविटी को मजबूती मिलेगी।

सीसीआई ने पीएसए इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की पीएसए भारत इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड (लक्ष्य) में अतिरिक्त 40 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने की योजना को मंजूरी दी है।

इस सौदे के साथ, पीएसए इंडिया, एआईएन इन्वेस्टमेंट लिमिटेड से शेयर खरीदकर कंपनी का एकमात्र मालिक बन जाएगा।

सीसीआई ने एक बयान में कहा, "प्रस्तावित संयोजन में एआईएन इन्वेस्टमेंट लिमिटेड (विक्रेता) से लक्ष्य में अधिग्रहणकर्ता द्वारा अतिरिक्त 40 प्रतिशत शेयरधारिता का अधिग्रहण शामिल है। प्रस्तावित संयोजन के अनुसार, अधिग्रहणकर्ता लक्ष्य की 100 प्रतिशत इक्विटी शेयरधारिता का हकदार होगा।"

पीएसए इंडिया, सिंगापुर स्थित पीएसए इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड की एक सहायक कंपनी है और भारत की समुद्री सप्लाई चेन में निवेश का प्रबंधन करती है।

सिंगापुर स्थित पीएसए भारत इन्वेस्टमेंट्स के पास कंटेनर टर्मिनल सेवाएं प्रदान करने वाली भारतीय सहायक कंपनियों में हिस्सेदारी है।

इस मंजूरी से पीएसए इंडिया के लिए भारत के शिपिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में अपनी उपस्थिति को पूरी तरह से मजबूत करने का रास्ता साफ हो गया है।

एक अन्य बड़े कदम में, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने मल्टीपल्स प्राइवेट इक्विटी फंड IV, मल्टीपल्स प्राइवेट इक्विटी गिफ्ट फंड IV, संविभाग सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड, व्यक्तिगत निवेशकों मिथुन पदम सचेती और सिद्धार्थ सचेती द्वारा वीआईपी इंडस्ट्रीज लिमिटेड में शेयरधारिता के अधिग्रहण को मंजूरी दी है।

मल्टीपल्स प्राइवेट इक्विटी फंड IV, सेबी के साथ पंजीकृत एक श्रेणी II अलटर्नेटिव इंवेस्टमेंट फंड है, जबकि मल्टीपल्स प्राइवेट इक्विटी गिफ्ट फंड IV, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण के साथ पंजीकृत है।

दोनों फंड मल्टीपल्स अल्टरनेट एसेट मैनेजमेंट के अंतर्गत आने वाली संस्थाओं द्वारा प्रबंधित किए जाते हैं। दोनों फंडों का निवेश उपभोक्ता, औद्योगिक, आईटी, वित्तीय सेवाओं, स्वास्थ्य सेवा और फार्मास्युटिकल क्षेत्रों में है।

निवेशक आकाश भंसाली द्वारा समर्थित संविभाग सिक्योरिटीज भी निवेश गतिविधियों में संलग्न है।

लक्षित कंपनी वीआईपी इंडस्ट्रीज एक सूचीबद्ध भारतीय कंपनी है, जो सामान, हैंडबैग और यात्रा संबंधी सामान बनाने और बेचने के लिए जानी जाती है।

Point of View

सीसीआई का यह निर्णय भारतीय उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह न केवल प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगा, बल्कि निवेशकों के लिए भी नए अवसर उत्पन्न करेगा। हमें इस दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है ताकि हम वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक बने रहें।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

सीसीआई ने किन अधिग्रहणों को मंजूरी दी है?
सीसीआई ने पीएसए इंडिया और वीआईपी इंडस्ट्रीज के अधिग्रहणों को मंजूरी दी है।
पीएसए इंडिया का मुख्यालय कहाँ है?
पीएसए इंडिया का मुख्यालय सिंगापुर में है।
वीआईपी इंडस्ट्रीज किस प्रकार की कंपनी है?
वीआईपी इंडस्ट्रीज सामान, हैंडबैग और यात्रा संबंधी सामान बनाने और बेचने वाली एक सूचीबद्ध कंपनी है।