दक्षिण मुंबई में खस्ताहाल एलआईसी भवनों का मुद्दा: वित्त मंत्री से मंगल प्रभात लोढ़ा की महत्वपूर्ण चर्चा

Click to start listening
दक्षिण मुंबई में खस्ताहाल एलआईसी भवनों का मुद्दा: वित्त मंत्री से मंगल प्रभात लोढ़ा की महत्वपूर्ण चर्चा

सारांश

दक्षिण मुंबई में खस्ताहाल एलआईसी भवनों के पुनर्विकास का मुद्दा गंभीर बना हुआ है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस समस्या को जल्द सुलझाने का आश्वासन दिया है। क्या यह आश्वासन किरायेदारों को सुरक्षा प्रदान करेगा?

Key Takeaways

  • दक्षिण मुंबई में एलआईसी भवनों की स्थिति गंभीर है।
  • वित्त मंत्री ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
  • किरायेदारों के लिए अंतरिम आवास की व्यवस्था की जाएगी।
  • पीएमसी की नियुक्ति में देरी चिंता का विषय है।
  • किरायेदारों की भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दक्षिण मुंबई में खस्ताहाल और असुरक्षित एलआईसी भवनों के पुनर्विकास की समस्या का समाधान जल्द ही किया जा सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मुद्दे को जल्द सुलझाने का आश्वासन दिया है। यह जानकारी महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने शुक्रवार को साझा की।

राष्ट्रीय राजधानी में वित्त मंत्री सीतारमण के साथ बैठक में, लोढ़ा ने एलआईसी किरायेदार एवं अधिवासी कल्याण संघ की ओर से ज्ञापन सौंपा।

लोढ़ा ने बताया कि दक्षिण मुंबई में एलआईसी और देना बैंक से संबंधित कई पुरानी और खस्ताहाल इमारतें हैं। सैकड़ों किरायेदार इन इमारतों में असुरक्षित परिस्थितियों में रह रहे हैं। इनमें से कई इमारतें लगभग 90 साल पुरानी हैं। एमएचएडीए द्वारा जारी नोटिस के बाद, कई किरायेदारों ने पहले ही इन परिसरों को खाली कर दिया है।

वित्त मंत्री के साथ चर्चा में, उन्होंने किरायेदारों की चिंताओं को उजागर किया। किरायेदार संघ के अनुसार, पुनर्विकास प्रक्रिया में काफी देरी हुई है, विशेष रूप से परियोजना प्रबंधन सलाहकार (पीएमसी) की नियुक्ति में, जो अभी तक पूरी नहीं हुई है।

एलआईसी के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस प्रक्रिया में दो साल तक लग सकते हैं। मानसून के आगमन के साथ, इस देरी से किरायेदारों में भय और असुरक्षा का भाव पैदा हो रहा है।

इन मुद्दों को ध्यान में रखते हुए, सीतारमण ने आश्वासन दिया है कि अगले तीन महीनों के भीतर सकारात्मक समाधान प्राप्त किया जाएगा।

इस संबंध में, संघ ने कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें पीएमसी नियुक्ति प्रक्रिया को तत्काल पूरा करना, एमएचएडीए मानदंडों के अनुसार किरायेदारों को अंतरिम वैकल्पिक आवास प्रदान करना, पुनर्विकास के लिए अनुभवी डेवलपर्स के चयन में किरायेदारों की भागीदारी सुनिश्चित करना, खाली किए गए भवनों के लिए किराए का अस्थायी निलंबन और किरायेदारों पर कोई अतिरिक्त वित्तीय या कानूनी बोझ न डालना शामिल है।

Point of View

लेकिन इसे वास्तविकता में बदलने की आवश्यकता है।
NationPress
07/04/2026

Frequently Asked Questions

दक्षिण मुंबई में एलआईसी भवनों का पुनर्विकास कब होगा?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आश्वासन दिया है कि अगले तीन महीनों में समाधान प्राप्त किया जाएगा।
किरायेदारों को क्या सुरक्षा मिलेगी?
किरायेदारों को अंतरिम वैकल्पिक आवास प्रदान करने और पुनर्विकास प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
Nation Press