डीएसी की ₹52,000 करोड़ की रक्षा खरीद मंजूरी से BEL, HAL समेत डिफेंस शेयरों में 3% तक उछाल
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) द्वारा ₹52,000 करोड़ के पूंजीगत रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद 6 जुलाई को घरेलू डिफेंस शेयरों में जोरदार तेजी देखी गई। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और मिश्र धातु निगम सहित प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा कंपनियों के शेयर इंट्राडे में उल्लेखनीय ऊँचाई पर पहुँचे। यह मंजूरी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में दी गई, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
किस शेयर में कितनी तेजी
नवरत्न पीएसयू भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) का शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर इंट्राडे में 2.84% की बढ़त के साथ ₹429.90 तक पहुँचा, और दोपहर एक बजे 1.46% की बढ़त के साथ ₹424.10 पर कारोबार कर रहा था।
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के शेयर 1.55% बढ़कर ₹4,497 तक पहुँचे और बाद में 0.46% की मजबूती के साथ ₹4,449 पर स्थिर हुए। मिश्र धातु निगम के शेयर 3.32% उछलकर ₹441.70 के उच्चतम स्तर पर पहुँचे और खबर लिखे जाने तक 1.85% की बढ़त के साथ ₹435 पर थे।
मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड के शेयर इंट्राडे में ₹2,582 के उच्च स्तर तक पहुँचे और 0.99% की बढ़त के साथ ₹2,568 पर कारोबार कर रहे थे। गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स के शेयर 1.69% बढ़कर ₹2,793.30 तक पहुँचे और बाद में 0.15% की मामूली बढ़त के साथ ₹2,751 पर थे। कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के शेयर इंट्राडे में ₹1,542 के उच्चतम स्तर को छूने में सफल रहे।
DAC की मंजूरी में क्या शामिल है
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में DAC ने ₹52,000 करोड़ के पूंजीगत खरीद प्रस्तावों के लिए 'एक्सेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी' (AoN) को मंजूरी दी। गौरतलब है कि DAC रक्षा खरीद के मामलों में देश की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है।
इन मंजूरियों में सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम, मिसाइल, मैन-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल सिस्टम, मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल हथियार सिस्टम, बहुत कम दूरी के एयर डिफेंस सिस्टम, कामिकेज ड्रोन, नेवल अनमैन्ड एरियल सिस्टम और उच्च ऊँचाई पर निगरानी रखने वाले प्लेटफॉर्म की खरीद शामिल है।
बाज़ार पर असर और निवेशकों का रुख
यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रही है और घरेलू निर्माताओं को प्राथमिकता देने की नीति पर चल रही है। AoN की मंजूरी खरीद प्रक्रिया का पहला औपचारिक चरण होती है, जो अंततः बड़े ऑर्डर में तब्दील होती है — इसीलिए निवेशकों ने इसे सकारात्मक संकेत के रूप में लिया।
विश्लेषकों के अनुसार, यह घरेलू रक्षा उद्योग के लिए दीर्घकालिक ऑर्डर पाइपलाइन को मजबूत करने वाला कदम है, विशेष रूप से उन कंपनियों के लिए जो इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस और जहाज निर्माण में सक्रिय हैं।
आगे की राह
AoN मिलने के बाद खरीद प्रक्रिया के अगले चरण — 'रिक्वेस्ट फॉर प्रपोज़ल' (RFP) — की ओर बढ़ा जाएगा। इससे BEL, HAL और शिपबिल्डिंग कंपनियों को निकट भविष्य में ठोस ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ गई है।