बीईएल को वित्त वर्ष 2027 की धमाकेदार शुरुआत, 569 करोड़ के डिफेंस ऑर्डर हासिल
सारांश
Key Takeaways
- बीईएल ने वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत में 569 करोड़ रुपए के नए रक्षा ऑर्डर हासिल किए।
- ऑर्डर में एवियोनिक्स, हाई एनर्जी लेजर, EW सिस्टम, टैंक सबसिस्टम और संचार उपकरण शामिल हैं।
- 1 अप्रैल, 2026 तक कंपनी का कुल ऑर्डर बुक 74,000 करोड़ रुपए है।
- FY2026 में 26,750 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड कारोबार और 30,000 करोड़ के नए ऑर्डर मिले।
- निर्यात बिक्री में 33.65%25 की वृद्धि और 495 मिलियन डॉलर का निर्यात ऑर्डर बुक।
- FII हिस्सेदारी दिसंबर 2025 के 18.51%25 से बढ़कर मार्च 2026 में 19.51%25 हुई।
बीईएल की FY27 में जोरदार शुरुआत
नई दिल्ली, 22 अप्रैल — सरकारी नवरत्न रक्षा कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) ने वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत अत्यंत सकारात्मक तरीके से की है। कंपनी ने इस नए वित्त वर्ष के पहले ही चरण में 569 करोड़ रुपए के नए ऑर्डर अपने नाम किए हैं। ये ऑर्डर रक्षा क्षेत्र और उन्नत प्रौद्योगिकी से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण सिस्टम्स से संबंधित हैं, जो भारत की सैन्य आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम है।
किन प्रोजेक्ट्स के मिले ऑर्डर
बीईएल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि नए ऑर्डर में एवियोनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW) सिस्टम, उच्च ऊर्जा लेजर (High Energy Laser), संचार उपकरण, टैंक सबसिस्टम, लेजर आधारित फ्यूज, परीक्षण उपकरण, अपग्रेड, स्पेयर पार्ट्स और सेवाएं शामिल हैं।
ये सभी उत्पाद भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना की परिचालन क्षमता को सीधे मजबूत करते हैं। विशेष रूप से हाई एनर्जी लेजर सिस्टम का ऑर्डर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह तकनीक ड्रोन और मिसाइल खतरों से निपटने में अत्यंत कारगर मानी जाती है — जो आज के युद्धक्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौती है।
विशाल ऑर्डर बुक और रिकॉर्ड कारोबार
1 अप्रैल, 2026 तक बीईएल के पास कुल 74,000 करोड़ रुपए का ऑर्डर बुक मौजूद है, जो कंपनी की दीर्घकालिक राजस्व दृश्यता को अत्यंत मजबूत बनाता है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी को लगभग 30,000 करोड़ रुपए के ऑर्डर प्राप्त हुए और 26,750 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड कारोबार दर्ज किया गया।
यह आंकड़ा इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में बीईएल का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 20.81 प्रतिशत बढ़कर 1,590.06 करोड़ रुपए हो गया, जबकि परिचालन से आय 23.72 प्रतिशत बढ़कर 7,121.98 करोड़ रुपए तक पहुंची।
वैश्विक विस्तार और विदेशी निवेशकों का भरोसा
बीईएल ने घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पकड़ मजबूत की है। कंपनी के पास 495 मिलियन डॉलर का निर्यात ऑर्डर बुक है और वित्त वर्ष 2026 में निर्यात बिक्री में 33.65 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
शेयरहोल्डिंग पैटर्न की बात करें तो मार्च 2026 तक प्रमोटर होल्डिंग 51.14 प्रतिशत रही। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की हिस्सेदारी दिसंबर 2025 के 18.51 प्रतिशत से बढ़कर 19.51 प्रतिशत हो गई — जो वैश्विक निवेशकों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत और सार्वजनिक शेयरहोल्डिंग 9.37 प्रतिशत रही।
आत्मनिर्भर भारत की रक्षा धुरी
बीईएल, रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत एक नवरत्न सार्वजनिक उपक्रम (PSU) है। कंपनी का उत्पाद पोर्टफोलियो अत्यंत व्यापक है जिसमें रडार, कम्युनिकेशन सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम, एवियोनिक्स और मिसाइल सिस्टम शामिल हैं।
गौरतलब है कि यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव और वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता के चलते भारत अपनी रक्षा क्षमताओं को तेजी से उन्नत कर रहा है। मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत नीति के तहत बीईएल जैसी स्वदेशी कंपनियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
मजबूत रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) और स्वदेशी तकनीक पर निरंतर फोकस के चलते बीईएल आने वाले वर्षों में और बड़े रक्षा ठेके हासिल करने की मजबूत स्थिति में है। विश्लेषकों के अनुसार 74,000 करोड़ रुपए की विशाल ऑर्डर बुक कंपनी को अगले तीन से चार वर्षों तक स्थिर राजस्व की गारंटी देती है।