30 जुलाई 2026
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भारत में ट्रांजैक्शनल रिस्क इंश्योरेंस की मांग में उछाल, M&A सौदे 37% बढ़कर $5 ट्रिलियन के पार

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भारत में ट्रांजैक्शनल रिस्क इंश्योरेंस की मांग में उछाल, M&A सौदे 37% बढ़कर $5 ट्रिलियन के पार

मार्श की बुधवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में वैश्विक स्तर पर विलय एवं अधिग्रहण (M&A) सौदों में तेज़ बढ़ोतरी के बीच भारतीय कंपनियों की ओर से ट्रांजैक्शनल रिस्क इंश्योरेंस की माँग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सौदों के पूरे होने और उनके क्रियान्वयन से जुड़े जोखिम इस बढ़ती माँग के प्रमुख कारण हैं।

वैश्विक M&A बाज़ार का परिदृश्य

मार्श की रिपोर्ट के अनुसार, विलय और अधिग्रहण सौदों का कुल मूल्य वैश्विक स्तर पर सालाना आधार पर लगभग 37 प्रतिशत बढ़कर $5 ट्रिलियन के करीब पहुँच गया है। इस दौरान बड़े सौदों की संख्या में भी तीव्र वृद्धि देखी गई है। गौरतलब है कि यह वृद्धि ऐसे समय में आई है जब वैश्विक निवेशक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद उभरते बाज़ारों में पूँजी लगाने को तत्पर हैं।

भारत में डील का आकार और नियामकीय दबाव

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में भी डील का आकार तेज़ी से बढ़ रहा है और नियामकीय जाँच-पड़ताल ने संरचित जोखिम समाधानों की माँग को और तेज़ कर दिया है। प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा, अवसंरचना और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निजी इक्विटी और रणनीतिक कॉर्पोरेट लेनदेन, दोनों में ट्रांजैक्शनल रिस्क इंश्योरेंस का प्रचलन बढ़ रहा है। बड़े और अधिक जटिल सौदे बहुस्तरीय कवरेज संरचनाओं की माँग को भी बल दे रहे हैं।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

मार्श इंडिया के सीईओ और प्रेसिडेंट संजय केडिया ने कहा,

राष्ट्र प्रेस
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