क्या राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन ने जुलाई में 2.72 करोड़ रुपए का रिफंड दिलवाया? ई-कॉमर्स क्षेत्र सबसे आगे!

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क्या राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन ने जुलाई में 2.72 करोड़ रुपए का रिफंड दिलवाया? ई-कॉमर्स क्षेत्र सबसे आगे!

सारांश

राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन ने जुलाई में 2.72 करोड़ रुपए का रिफंड दिलवाया। ई-कॉमर्स क्षेत्र ने रिफंड में प्रमुखता दिखाई। जानिए यह किस प्रकार संभव हुआ और कैसे हेल्पलाइन ने उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान किया।

मुख्य बातें

राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन ने 2.72 करोड़ का रिफंड दिलवाया।
ई-कॉमर्स क्षेत्र में सबसे अधिक शिकायतें आईं।
टेक्नोलॉजी ने हेल्पलाइन की कार्यक्षमता बढ़ाई।
डिजिटल माध्यम से शिकायतें दर्ज करने में वृद्धि।
उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा का महत्वपूर्ण पहलू।

नई दिल्ली, 22 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने शुक्रवार को जानकारी दी कि राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) ने जुलाई महीने में 2.72 करोड़ रुपए का रिफंड दिलवाने में मदद की और 27 क्षेत्रों में 7,256 उपभोक्ता शिकायतों का समाधान किया गया।

ई-कॉमर्स क्षेत्र में रिफंड से संबंधित शिकायतों की संख्या सर्वाधिक 3,594 रही, जिससे 1.34 करोड़ रुपए का रिफंड प्राप्त हुआ। इसके बाद यात्रा और पर्यटन क्षेत्र रहा, जहाँ 31 लाख रुपए का रिफंड हुआ।

हेल्पलाइन की तकनीकी उन्नति ने इसकी पहुँच और कार्यक्षमता में महत्वपूर्ण सुधार किया है।

मंत्रालय ने बताया कि हेल्पलाइन पर कॉल करने की संख्या दस गुना से अधिक बढ़ गई है, जो दिसंबर 2015 में 12,553 से बढ़कर दिसंबर 2024 में 1,55,138 हो गई है।

इसी तरह, औसत मासिक शिकायत पंजीकरण 2017 में 37,062 से बढ़कर 2024 में 1,11,951 हो गए हैं।

मंत्रालय के अनुसार, डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में भी तेज़ी आई है, और वॉट्सऐप के माध्यम से शिकायत पंजीकरण मार्च 2023 में 3 प्रतिशत से बढ़कर मार्च 2025 में 20 प्रतिशत हो गया है।

एनसीएच उपभोक्ताओं, सरकारी एजेंसियों, निजी कंपनियों और नियामक निकायों को एक साथ लाने वाला एक एकीकृत मंच है। कन्वर्जेंस भागीदारों की संख्या 2017 में 263 से बढ़कर 2025 में 1,131 कंपनियों तक पहुँच गई है।

उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा और निष्पक्ष व्यापार प्रथाओं को बढ़ावा देने के अपने कार्य के अनुसार, उपभोक्ता मामले विभाग एनसीएच के माध्यम से प्राप्त शिकायत आंकड़ों का निरंतर विश्लेषण करता है।

इसके अतिरिक्त, विभाग उन कंपनियों की पहचान करता है, जिनके पास शिकायतों की संख्या अधिक है और जो अभी तक कन्वर्जेंस कार्यक्रम का हिस्सा नहीं हैं ताकि आगे की सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।

मंत्रालय ने जानकारी दी कि एनसीएच उन कंपनियों के साथ सहयोग करता है जो शिकायत निवारण के लिए सक्रिय दृष्टिकोण अपनाती हैं और उन्हें स्वेच्छा से कन्वर्जेंस पार्टनर के रूप में शामिल करती हैं।

एक बार शामिल होने के बाद, एनसीएच इन व्यवसायों को रीयल टाइम शिकायत संबंधी जानकारी प्रदान करता है।

एनसीएच ने उच्च कॉल वॉल्यूम के समय पहुँच में सुधार और शिकायत पंजीकरण में तेजी लाने के लिए वॉट्सऐप को अपने टोल-फ्री नंबर 1915 के साथ एकीकृत किया है।

जब ग्राहकों को उच्च ट्रैफिक या तकनीकी समस्याओं के कारण लंबे समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है, तो उन्हें वॉट्सऐप नोटिफिकेशन भेजा जाता है, जिससे वे सीधे ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

यह पहल एक सहज और उपयोग में आसान विकल्प प्रदान कर हेल्पलाइन की प्रतिक्रिया और दक्षता को बढ़ाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि उपभोक्ता हेल्पलाइन का यह प्रयास उपभोक्ता संरक्षण में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि व्यापारिक प्रतिष्ठा भी सुधरेगी।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन क्या है?
यह एक प्लेटफॉर्म है जो उपभोक्ताओं, कंपनियों और सरकारी एजेंसियों के बीच संपर्क साधता है।
एनसीएच ने जुलाई में कितने रिफंड दिलवाए?
एनसीएच ने जुलाई में कुल 2.72 करोड़ रुपए का रिफंड दिलवाया।
ई-कॉमर्स से कितनी शिकायतें मिलीं?
ई-कॉमर्स क्षेत्र में 3,594 रिफंड संबंधी शिकायतें मिलीं।
एनसीएच की पहुंच कैसे बढ़ी?
हेल्पलाइन ने तकनीकी उन्नति के माध्यम से अपनी पहुँच और कार्यक्षमता में सुधार किया है।
उपभोक्ता शिकायतें किस माध्यम से दर्ज की जा सकती हैं?
उपभोक्ता शिकायतें एनसीएच की वेबसाइट या वॉट्सऐप के माध्यम से दर्ज की जा सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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