ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2025-26 में निपटाए रिकॉर्ड 8.31 करोड़ दावे, डिजिटल सेवाओं में बड़ा सुधार

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ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2025-26 में निपटाए रिकॉर्ड 8.31 करोड़ दावे, डिजिटल सेवाओं में बड़ा सुधार

सारांश

ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2025-26 में 8.31 करोड़ दावे निपटाकर रिकॉर्ड बनाया — पिछले साल से 38%25 अधिक। 71%25 से ज़्यादा एडवांस क्लेम अब 3 दिन में ऑटो मोड से निपट रहे हैं। यह डिजिटल इंडिया की उस परिपक्वता का संकेत है जहाँ करोड़ों कर्मचारी बिना दफ्तर जाए अपने भविष्य निधि का प्रबंधन कर पा रहे हैं।

Key Takeaways

  • ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2025-26 में 8.31 करोड़ दावे निपटाए — यह संगठन का अब तक का सर्वाधिक क्लेम सेटलमेंट है।
  • यह आँकड़ा वित्त वर्ष 2024-25 के 6.01 करोड़ दावों की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक है।
  • 71.11%25 एडवांस क्लेम ऑटो मोड से प्रोसेस हुए, जिनमें 3 दिन के भीतर भुगतान होता है; पिछले वर्ष यह अनुपात 59.19%25 था।
  • अप्रैल 2026 में 98.70%25 दावे 20 दिनों के भीतर निपटाए गए।
  • वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पीएफ पर ब्याज दर 8.25%25 पर बरकरार; 7 करोड़ से अधिक खाताधारकों को लाभ मिलेगा।
  • केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की 239वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया, अध्यक्षता मनसुख मांडविया ने की।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने वित्त वर्ष 2025-26 में 8.31 करोड़ दावे निपटाकर अब तक का सर्वाधिक क्लेम सेटलमेंट का रिकॉर्ड बनाया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यह संख्या वित्त वर्ष 2024-25 के 6.01 करोड़ दावों की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक है। ऑटोमेशन और डिजिटल सुविधाओं के विस्तार को इस उपलब्धि का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

दावों का विवरण और श्रेणियाँ

निपटाए गए कुल 8.31 करोड़ दावों में से 5.51 करोड़ दावे एडवांस या आंशिक निकासी से संबंधित थे। यह आँकड़ा दर्शाता है कि सदस्य अब आपात या व्यक्तिगत ज़रूरतों के समय अपने भविष्य निधि खाते से सुगमता से धनराशि निकाल पा रहे हैं। गौरतलब है कि यह बदलाव ईपीएफओ की पहुँच को शहरी और अर्ध-शहरी दोनों कर्मचारी वर्गों तक विस्तारित करने की नीति के अनुरूप है।

ऑटोमेशन से बढ़ी प्रक्रिया की गति

संगठन के ऑटोमेशन तंत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 71.11 प्रतिशत एडवांस क्लेम ऑटो मोड से प्रोसेस हुए, जिनमें 3 दिनों के भीतर भुगतान हो जाता है। यह अनुपात पिछले वर्ष 59.19 प्रतिशत था। मैन्युअल हस्तक्षेप में कमी आने से निपटान की गति और पारदर्शिता दोनों में सुधार हुआ है।

डिजिटल सुविधाओं में व्यापक विस्तार

डिजिटल सेवाओं के मोर्चे पर ईपीएफओ ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल कीं। 6.68 करोड़ सदस्यों ने बिना चेक अपलोड किए दावा प्रस्तुत किया। 1.59 करोड़ सदस्यों ने नियोक्ता की मंजूरी के बिना अपने बैंक खाते लिंक किए। इसके अलावा, 70.55 लाख ट्रांसफर क्लेम स्वचालित रूप से प्रोसेस हुए, 24.84 लाख सदस्यों ने स्वयं ट्रांसफर प्रक्रिया आरंभ की और 29.34 लाख सदस्यों ने बिना कार्यालय जाए अपनी प्रोफाइल स्वयं अपडेट की।

अप्रैल 2026 का प्रदर्शन

केवल अप्रैल 2026 में ही ईपीएफओ ने 61.03 लाख दावे निपटाए। इनमें से लगभग 74 प्रतिशत एडवांस क्लेम ऑटो मोड से प्रोसेस हुए और 98.70 प्रतिशत दावे 20 दिनों के भीतर निपट गए। यह आँकड़ा संगठन की परिचालन दक्षता में आए सुधार को स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है।

ब्याज दर और केंद्रीय न्यासी बोर्ड का फैसला

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पीएफ जमा पर 8.25 प्रतिशत ब्याज दर तय की है, जो लगातार दूसरे वर्ष अपरिवर्तित रखी गई है। यह निर्णय केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की 239वीं बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने की। बैठक में राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे, श्रम एवं रोजगार सचिव वंदना गुरनानी और ईपीएफओ प्रमुख रमेश कृष्णमूर्ति भी उपस्थित रहे।

सीबीटी के अनुमोदन के बाद यह ब्याज दर वित्त मंत्रालय को अंतिम मंजूरी के लिए भेजी जाएगी। स्वीकृति मिलने पर यह दर 7 करोड़ से अधिक खाताधारकों के खातों में लागू होगी। उल्लेखनीय है कि ईपीएफ जमा पर ब्याज की गणना मासिक आधार पर होती है, लेकिन इसे वित्त वर्ष के अंत में खातों में जमा किया जाता है। 36 महीने से अधिक समय तक निष्क्रिय रहने वाले खातों पर ब्याज देय नहीं होता, क्योंकि उन्हें निष्क्रिय खाता माना जाता है।

Point of View

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या यह गति गुणवत्ता के साथ आई है — यानी क्या गलत तरीके से निपटाए गए या अस्वीकृत दावों की दर भी उसी अनुपात में कम हुई है। ऑटो मोड की 71%25 हिस्सेदारी डिजिटल परिपक्वता का संकेत है, परंतु यह भी देखना होगा कि जिन 29%25 दावों में मैन्युअल हस्तक्षेप हुआ, उनमें विलंब और शिकायतें किस स्तर पर रहीं। ब्याज दर को लगातार दूसरे वर्ष 8.25%25 पर स्थिर रखना एक रूढ़िवादी वित्तीय रुख दर्शाता है, जबकि मुद्रास्फीति और बाज़ार की अन्य बचत योजनाओं की तुलना में इसकी प्रतिस्पर्धात्मकता पर बहस जारी है।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2025-26 में कितने दावे निपटाए?
ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 8.31 करोड़ दावे निपटाए, जो संगठन के इतिहास में सर्वाधिक है। यह आँकड़ा वित्त वर्ष 2024-25 के 6.01 करोड़ दावों की तुलना में काफी अधिक है।
ईपीएफओ का ऑटो मोड क्लेम प्रोसेसिंग क्या है?
ऑटो मोड एक स्वचालित प्रणाली है जिसमें एडवांस या आंशिक निकासी के दावे बिना मैन्युअल हस्तक्षेप के 3 दिनों के भीतर प्रोसेस हो जाते हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में 71.11%25 एडवांस क्लेम इसी मोड से निपटाए गए, जो पिछले वर्ष 59.19%25 था।
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ईपीएफ पर ब्याज दर क्या है?
केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ईपीएफ जमा पर 8.25%25 ब्याज दर तय की है, जो लगातार दूसरे वर्ष अपरिवर्तित है। यह दर वित्त मंत्रालय की मंजूरी के बाद 7 करोड़ से अधिक खाताधारकों के खातों में लागू होगी।
ईपीएफओ की ब्याज दर किसने तय की और बैठक में कौन शामिल था?
यह निर्णय सीबीटी की 239वीं बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने की। बैठक में राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे, श्रम एवं रोजगार सचिव वंदना गुरनानी और ईपीएफओ प्रमुख रमेश कृष्णमूर्ति भी उपस्थित रहे।
निष्क्रिय ईपीएफ खाते पर ब्याज मिलता है या नहीं?
36 महीने या उससे अधिक समय तक कोई लेनदेन न होने पर ईपीएफ खाते को निष्क्रिय माना जाता है और उस पर ब्याज देय नहीं होता। ब्याज की गणना मासिक आधार पर होती है, लेकिन वित्त वर्ष के अंत में खाते में जमा की जाती है।
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