एस्सार ऑयल एंड गैस को 5 नए CBM ब्लॉक आवंटित, तीन राज्यों में 1,281 वर्ग किमी का विस्तार
सारांश
मुख्य बातें
एस्सार ऑयल एंड गैस लिमिटेड को भारत सरकार के स्पेशल CBM (SCBM) बोली दौर 2025 और 2026 के अंतर्गत पाँच नए कोल बेड मीथेन (CBM) ब्लॉक आवंटित किए गए हैं, जिससे पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और तेलंगाना में कंपनी के परिचालन क्षेत्र में 1,281 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि होगी। इन नए ब्लॉकों में गैस के कुल अनुमानित भंडार (गैस-इन-प्लेस) 6.6 ट्रिलियन क्यूबिक फीट (TCF) आंके गए हैं। 15 अक्टूबर 2026 को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी की अध्यक्षता में आयोजित एक समारोह में इन अनुबंधों पर औपचारिक हस्ताक्षर किए गए।
नए ब्लॉकों का भौगोलिक विस्तार
पश्चिम बंगाल के रानीगंज क्षेत्र में आवंटित दो नए ब्लॉक का कुल क्षेत्रफल लगभग 330 वर्ग किलोमीटर है। इससे रानीगंज ईस्ट में कंपनी का मौजूदा 500 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र बढ़कर लगभग 830 वर्ग किलोमीटर हो जाएगा, जिसके भारत का सबसे बड़ा CBM उत्पादक क्षेत्र बनने की संभावना है।
मध्य प्रदेश के सिंगरौली ब्लॉक से इस बेसिन में एस्सार की CBM उपस्थिति और सुदृढ़ होगी। वहीं, तेलंगाना की गोदावरी घाटी में मिले ब्लॉक कंपनी को एक नए CBM क्षेत्र में प्रवेश का अवसर देते हैं।
परिचालन तालमेल और रणनीतिक लाभ
नए ब्लॉक कंपनी के मौजूदा उत्पादन क्षेत्रों के निकट स्थित हैं, जिससे बुनियादी ढाँचे, परिचालन और तकनीकी क्षमताओं में महत्त्वपूर्ण तालमेल संभव होगा। एस्सार ऑयल एंड गैस ने रानीगंज में खोज और उत्पादन गतिविधियों पर अब तक ₹6,000 करोड़ से अधिक का निवेश किया है। कंपनी वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 9.5 लाख मानक घन मीटर (SCMD) गैस का उत्पादन करती है, जो भारत के कुल CBM उत्पादन का लगभग 50 प्रतिशत है।
कंपनी नेतृत्व की प्रतिक्रिया
एस्सार ऑयल एंड गैस लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पंकज कालरा ने कहा, 'इन पाँच CBM ब्लॉकों का आवंटन एस्सार ऑयल एंड गैस की विकास यात्रा में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है और भारत की विशाल अपरंपरागत हाइड्रोकार्बन क्षमता का दोहन करने की हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। हमारा ध्यान इस विस्तारित क्षेत्र को सतत उत्पादन वृद्धि में बदलने और आयात पर निर्भरता कम करके भारत की ऊर्जा सुरक्षा में योगदान देने पर रहेगा।'
एस्सार ग्रुप में एनर्जी के ऑपरेटिंग पार्टनर और कंपनी के चेयरमैन भुवन चंद्र त्रिपाठी ने कहा, 'भारत में ऊर्जा की माँग लगातार बढ़ रही है और ऐसे में प्राकृतिक गैस देश के ऊर्जा मिश्रण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी। CBM पोर्टफोलियो का यह विस्तार घरेलू हाइड्रोकार्बन संसाधनों के जिम्मेदार विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।'
ऊर्जा सुरक्षा के संदर्भ में महत्त्व
गौरतलब है कि वर्तमान में भारत की प्राकृतिक गैस खपत का लगभग आधा हिस्सा आयात से पूरा होता है। ऐसे में घरेलू गैस उत्पादन में तेजी लाना देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। यह आवंटन पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) और हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (DGH) के उन प्रयासों का हिस्सा है, जिनका लक्ष्य भारत की अपरंपरागत हाइड्रोकार्बन क्षमता का दोहन करना और घरेलू अन्वेषण एवं उत्पादन को सुदृढ़ करना है।
एस्सार ऑयल एंड गैस का व्यापक लक्ष्य अपने CBM पोर्टफोलियो के चरणबद्ध विकास के माध्यम से भारत के कुल प्राकृतिक गैस उत्पादन में 5 प्रतिशत का योगदान देना है। CBM क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, कंपनी इन नए ब्लॉकों के त्वरित विकास के लिए सुसज्जित मानी जा रही है।