24 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पेलमा कोल माइन लोक सुनवाई: SECL की 15 MTPA परियोजना को ग्रामीणों का व्यापक समर्थन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पेलमा कोल माइन लोक सुनवाई: SECL की 15 MTPA परियोजना को ग्रामीणों का व्यापक समर्थन

सारांश

रायगढ़ के ग्राम पेलमा में SECL की 15 MTPA ओपन कास्ट कोल माइन परियोजना की लोक सुनवाई में ग्रामीणों ने व्यापक समर्थन जताया। 2077.934 हेक्टेयर में प्रस्तावित इस परियोजना से नौ गाँवों के विकास और रोज़गार की उम्मीदें जुड़ी हैं।

मुख्य बातें

SECL की पेलमा ओपन कास्ट कोल माइन परियोजना की लोक सुनवाई 8 जून 2026 को ग्राम पेलमा, रायगढ़ में संपन्न हुई।
प्रस्तावित परियोजना 2077.934 हेक्टेयर में विकसित होगी, उत्पादन क्षमता 15 MTPA प्रस्तावित है।
परियोजना से पेलमा, उरबा, मडुआडूमर, लालपुर सहित 9 गाँव प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होंगे।
लोक सुनवाई की अध्यक्षता ADM अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने की; CECB के अधिकारी मानवेंद्र शेखर पांडेय उपस्थित रहे।
ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने रोज़गार, आर्थिक विकास और CSR पहलों की सराहना करते हुए परियोजना का समर्थन किया।

साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की प्रस्तावित पेलमा ओपन कास्ट कोल माइन परियोजना के लिए 8 जून 2026 को ग्राम पेलमा, रायगढ़ में आयोजित लोक सुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और हितधारकों ने भाग लिया। 2077.934 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित इस परियोजना की उत्पादन क्षमता 15 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) रखी गई है, और उपस्थित जनसमुदाय ने इसे रोज़गार व विकास का महत्वपूर्ण अवसर बताया।

लोक सुनवाई का आयोजन और प्रशासनिक ढाँचा

यह लोक सुनवाई भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अधिसूचना 14 सितंबर 2006 (यथा संशोधित) के प्रावधानों के अंतर्गत आयोजित की गई। कार्यवाही की अध्यक्षता अपर जिला दंडाधिकारी (ADM) अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने की, जबकि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (CECB) के क्षेत्रीय अधिकारी मानवेंद्र शेखर पांडेय भी मंच पर उपस्थित रहे। संपूर्ण प्रक्रिया शांतिपूर्ण, पारदर्शी और व्यवस्थित रूप से संपन्न हुई।

कार्यक्रम में पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) रिपोर्ट, पर्यावरण प्रबंधन योजना तथा परियोजना के सामाजिक एवं आर्थिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी आमजन के समक्ष प्रस्तुत की गई। SECL के वरिष्ठ अधिकारियों ने ग्रामीणों के प्रश्नों और सुझावों का संतोषजनक उत्तर दिया।

परियोजना का दायरा और प्रभावित क्षेत्र

प्रस्तावित परियोजना ग्राम पेलमा, उरबा, मडुआडूमर, लालपुर, हिंझर, जरिडीह, सक्ता, मिलूपारा एवं खर्रा सहित आसपास के इलाकों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करेगी। यह परियोजना 2077.934 हेक्टेयर भूमि पर विकसित की जानी है।

गौरतलब है कि 15 MTPA की उत्पादन क्षमता वाली यह परियोजना छत्तीसगढ़ के कोयला खनन क्षेत्र में एक बड़े निवेश का प्रतिनिधित्व करती है, जो राज्य की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को और सुदृढ़ कर सकती है।

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया

स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने अपने वक्तव्य में कहा कि परियोजना के क्रियान्वयन से क्षेत्र में रोज़गार के नए अवसर उत्पन्न होंगे, आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी और स्थानीय विकास को नई गति मिलेगी। महिला प्रतिभागियों ने SECL और MDO द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत स्वरोज़गार और महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों की सराहना की।

उपस्थित जनसमुदाय ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आधारभूत सुविधाओं और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में किए जा रहे CSR कार्यों को सकारात्मक बताया। ग्रामीणों ने कहा कि इन पहलों से स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में परिवर्तन आया है।

आगे की प्रक्रिया

लोक सुनवाई की कार्यवाही अब पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को प्रेषित की जाएगी, जहाँ पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। स्थानीय समुदाय ने इस लोक सुनवाई को अपनी अपेक्षाएँ और सुझाव रखने का प्रभावी मंच बताया। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार देश की कोयला उत्पादन क्षमता को बढ़ाने पर ज़ोर दे रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि विस्थापन या पर्यावरणीय चिंता रखने वाले वर्ग हाशिये पर रह जाते हैं। 2077 हेक्टेयर में फैली इस परियोजना का EIA मूल्यांकन और CSR वादों का क्रियान्वयन ही असली कसौटी होगी। छत्तीसगढ़ में पिछले कोयला खनन विस्तारों के अनुभव बताते हैं कि रोज़गार के वादे अक्सर स्थानीय श्रमिकों तक पूरी तरह नहीं पहुँचते। पर्यावरणीय स्वीकृति मिलने के बाद पुनर्वास और मुआवज़े की पारदर्शिता पर नज़र रखना ज़रूरी होगा।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पेलमा ओपन कास्ट कोल माइन परियोजना क्या है?
यह SECL द्वारा रायगढ़, छत्तीसगढ़ के ग्राम पेलमा क्षेत्र में प्रस्तावित एक ओपन कास्ट कोयला खदान परियोजना है, जो 2077.934 हेक्टेयर में विकसित की जानी है और जिसकी उत्पादन क्षमता 15 MTPA प्रस्तावित है। परियोजना को पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए लोक सुनवाई प्रक्रिया से गुज़रना अनिवार्य है।
लोक सुनवाई में किन गाँवों के लोग शामिल हुए?
लोक सुनवाई में पेलमा, उरबा, मडुआडूमर, लालपुर, हिंझर, जरिडीह, सक्ता, मिलूपारा और खर्रा सहित आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीण, पंचायत प्रतिनिधि और अन्य हितधारक उपस्थित रहे। ये वे गाँव हैं जो परियोजना से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होंगे।
लोक सुनवाई के बाद परियोजना की अगली प्रक्रिया क्या होगी?
लोक सुनवाई की कार्यवाही पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भेजी जाएगी, जहाँ विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति EIA रिपोर्ट और सुनवाई के निष्कर्षों की समीक्षा कर पर्यावरणीय स्वीकृति पर निर्णय लेगी। स्वीकृति मिलने के बाद ही परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हो सकता है।
SECL का CSR कार्यक्रम इस क्षेत्र में क्या कर रहा है?
SECL और MDO द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आधारभूत सुविधाओं और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में कार्य किए जा रहे हैं। महिला स्वरोज़गार और सशक्तिकरण कार्यक्रम भी संचालित हैं, जिनकी ग्रामीणों ने लोक सुनवाई में सराहना की।
लोक सुनवाई की अध्यक्षता किसने की और यह क्यों ज़रूरी है?
लोक सुनवाई की अध्यक्षता ADM अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने की और CECB के क्षेत्रीय अधिकारी मानवेंद्र शेखर पांडेय उपस्थित रहे। यह सुनवाई केंद्र सरकार की 14 सितंबर 2006 की अधिसूचना के तहत अनिवार्य है, जो किसी भी बड़ी खनन परियोजना को पर्यावरणीय स्वीकृति देने से पहले स्थानीय समुदाय की राय लेना अनिवार्य बनाती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले