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ताडिचेरला-2 कोल ब्लॉक में तेजी की माँग: तेलंगाना सांसद-मंत्री ने किशन रेड्डी से की मुलाकात, 1,000 नौकरियों का आग्रह

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ताडिचेरला-2 कोल ब्लॉक में तेजी की माँग: तेलंगाना सांसद-मंत्री ने किशन रेड्डी से की मुलाकात, 1,000 नौकरियों का आग्रह

सारांश

तेलंगाना के सांसद और श्रम मंत्री ने नई दिल्ली में तीन केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर ताडिचेरला-2 कोयला ब्लॉक में तेजी, 1,000 स्थानीय नौकरियाँ, विस्थापितों के पुनर्वास और सिंगारेनी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए ₹10,000 मासिक पेंशन की माँग रखी। केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने अनुकूल विचार का आश्वासन दिया।

मुख्य बातें

पेद्दापल्ली सांसद गद्दाम वामसी कृष्णा और तेलंगाना श्रम मंत्री डॉ.
विवेक वेंकटस्वामी ने 28 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में केंद्रीय कोयला मंत्री जी.
किशन रेड्डी से मुलाकात की।
माँग की गई कि परियोजना प्रभावित गाँवों के युवाओं को प्राथमिकता देते हुए कम से कम 1,000 स्थानीय युवाओं को रोजगार दिया जाए।
सिंगारेनी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए ₹10,000 मासिक पेंशन सुनिश्चित करने की अपील की गई।
केंद्र सरकार ने हाल ही में SCCL को ताडिचेरला-2 कोयला ब्लॉक आवंटित किया है।
मनसुख मांडविया और जयंत चौधरी से भी मुलाकात कर श्रम कल्याण व कौशल विकास पर चर्चा की।

पेद्दापल्ली के सांसद गद्दाम वामसी कृष्णा और तेलंगाना के श्रम मंत्री डॉ. जी. विवेक वेंकटस्वामी ने 28 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी से मुलाकात की और ताडिचेरला-2 कोयला ब्लॉक परियोजना में तेजी लाने का आग्रह किया। दोनों नेताओं ने माँग की कि इस परियोजना से स्थानीय लोगों और सिंगारेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (SCCL) के श्रमिकों को अधिकतम लाभ मिले।

मुख्य माँगें और मुद्दे

बैठक में सांसद और मंत्री ने स्पष्ट रूप से माँग रखी कि परियोजना से प्रभावित गाँवों के युवाओं को प्राथमिकता देते हुए कम से कम 1,000 स्थानीय युवाओं को रोजगार दिया जाए। इसके साथ ही विस्थापित परिवारों के लिए व्यापक पुनर्वास और पुनर्स्थापन सुविधाएँ सुनिश्चित करने की भी अपील की गई।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने हाल ही में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी SCCL को ताडिचेरला-2 कोयला ब्लॉक आवंटित करने का निर्णय लिया है। यह आवंटन तेलंगाना के कोयला खनन क्षेत्र के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पेंशन और श्रम कल्याण की माँग

तेलंगाना के नेताओं ने केंद्रीय मंत्री से सिंगारेनी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए न्यूनतम ₹10,000 मासिक पेंशन सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने सिंगारेनी संगठन के समग्र विकास, कोयला खदानों के विस्तार और खनन प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे के निर्माण पर भी केंद्र से समर्थन माँगा।

किशन रेड्डी ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि सभी प्रस्तावों पर अनुकूल विचार किया जाएगा। उन्होंने परियोजना में तेजी लाने, स्थानीय रोजगार सृजित करने, पुनर्वास पैकेज लागू करने और पेंशन समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभागों से परामर्श का वादा किया।

केंद्रीय मंत्रियों से बहुपक्षीय बैठकें

इसी दिन दोनों नेताओं ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से भी मुलाकात की। इस चर्चा में रोजगार सृजन, कौशल विकास, खनन, अवसंरचना विस्तार और श्रम कल्याण जैसे विषयों पर केंद्र से अधिक सहयोग माँगा गया।

बाद में कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री जयंत चौधरी से भी भेंट हुई, जिसमें युवाओं के लिए उन्नत कौशल प्रशिक्षण, उन्नत प्रौद्योगिकी केंद्रों (ATC) के विकास और उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रमों के विस्तार पर विचार-विमर्श किया गया।

तेलंगाना सरकार की प्रतिबद्धता

मंत्री विवेक वेंकटस्वामी ने कहा कि तेलंगाना सरकार राज्य के विकास को गति देने, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, श्रम कल्याण को मजबूत करने और खनन क्षेत्र के विकास में तेजी लाने के लिए केंद्र सरकार के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब तेलंगाना में कोयला क्षेत्र के विस्तार और खनन प्रभावित समुदायों के पुनर्वास को लेकर राज्य और केंद्र के बीच संवाद तेज हो रहा है। आने वाले हफ्तों में केंद्र की औपचारिक प्रतिक्रिया इस परियोजना की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 1,000 नौकरियों और पुनर्वास के वादे कागज़ से ज़मीन तक कब और कैसे पहुँचेंगे। खनन परियोजनाओं में विस्थापन के बाद पुनर्वास की प्रक्रिया अक्सर देरी का शिकार होती है — तेलंगाना में भी यह पैटर्न नया नहीं है। ₹10,000 मासिक पेंशन की माँग वाजिब है, लेकिन इसके लिए केंद्र और SCCL के बीच वित्तीय साझेदारी का स्पष्ट ढाँचा अभी सामने नहीं आया है। बिना बाध्यकारी समयसीमा और स्वतंत्र निगरानी के, 'अनुकूल विचार' के आश्वासन अक्सर नीतिगत शेल्फ पर धूल खाते रह जाते हैं।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ताडिचेरला-2 कोयला ब्लॉक परियोजना क्या है?
ताडिचेरला-2 एक कोयला ब्लॉक परियोजना है जिसे केंद्र सरकार ने हाल ही में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी सिंगारेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (SCCL) को आवंटित किया है। यह तेलंगाना के कोयला खनन क्षेत्र के विस्तार की दिशा में एक प्रमुख कदम है।
तेलंगाना के नेताओं ने केंद्र से क्या माँगें रखीं?
तेलंगाना के नेताओं ने परियोजना प्रभावित गाँवों के युवाओं को प्राथमिकता देते हुए कम से कम 1,000 स्थानीय रोजगार, विस्थापित परिवारों के लिए व्यापक पुनर्वास, और सिंगारेनी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए ₹10,000 मासिक पेंशन की माँग रखी। इसके अलावा खनन प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे के विकास पर भी जोर दिया।
केंद्रीय कोयला मंत्री किशन रेड्डी ने क्या आश्वासन दिया?
केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सभी प्रस्तावों पर अनुकूल विचार किया जाएगा। उन्होंने परियोजना में तेजी लाने, स्थानीय रोजगार सृजन, पुनर्वास पैकेज और पेंशन समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभागों से परामर्श का वादा किया।
इस बैठक में और कौन-से केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात हुई?
तेलंगाना के नेताओं ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री जयंत चौधरी से भी मुलाकात की। इन बैठकों में श्रम कल्याण, कौशल प्रशिक्षण, उन्नत प्रौद्योगिकी केंद्रों के विकास और उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर चर्चा हुई।
इस परियोजना से तेलंगाना के किन क्षेत्रों को फायदा होगा?
ताडिचेरला-2 परियोजना से मुख्य रूप से पेद्दापल्ली और आसपास के खनन प्रभावित क्षेत्रों के स्थानीय युवाओं और विस्थापित परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। SCCL के सेवानिवृत्त कर्मचारी भी पेंशन बढ़ोतरी से लाभान्वित हो सकते हैं, यदि केंद्र माँग स्वीकार करता है।
राष्ट्र प्रेस
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