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कोल सेक्टर में 12 साल के सुधार: जी किशन रेड्डी बोले — 420 ब्लॉक सक्रिय, 1,000 बिलियन टन उत्पादन का रिकॉर्ड

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कोल सेक्टर में 12 साल के सुधार: जी किशन रेड्डी बोले — 420 ब्लॉक सक्रिय, 1,000 बिलियन टन उत्पादन का रिकॉर्ड

सारांश

कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने हैदराबाद में दावा किया कि मोदी के 12 साल के कार्यकाल में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक बना, 420 ब्लॉक सक्रिय हुए और 1,000 बिलियन टन उत्पादन का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना — कोलगेट के बाद क्षेत्र की कायापलट की कहानी।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने 8 जून 2026 को हैदराबाद में कोल सेक्टर में 12 वर्षों के सुधारों का लेखा-जोखा पेश किया।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर 124 कोल ब्लॉक निलंबित; पारदर्शी प्रक्रिया से 420 ब्लॉक में उत्पादन शुरू।
वार्षिक कोयला उत्पादन 1,000 बिलियन टन — स्वतंत्रता के बाद का सर्वोच्च रिकॉर्ड।
कोल सेक्टर में 5 लाख प्रत्यक्ष, 25 लाख अप्रत्यक्ष और माइनिंग सेक्टर में 50 लाख लोग कार्यरत।
भारत सरकार के पास 80 दिनों का कोयला भंडार उपलब्ध; देश विश्व का दूसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक।

केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने 8 जून 2026 को हैदराबाद में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के नेतृत्व में कोल और माइनिंग क्षेत्र में बड़े संरचनात्मक बदलाव आए हैं, जिनके ठोस परिणाम अब सामने दिखने लगे हैं। उन्होंने दावा किया कि एक दशक से अधिक पहले जहाँ कोयले की कमी और आवंटन में अनियमितताएँ आम थीं, वहीं आज देश 1,000 बिलियन टन वार्षिक कोयला उत्पादन के साथ स्वतंत्रता के बाद के सर्वोच्च स्तर पर पहुँच चुका है।

मुख्य घटनाक्रम

रेड्डी ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर 124 कोल ब्लॉक को निलंबित किया गया था, जिसके बाद पारदर्शी प्रक्रिया के तहत 420 कोल ब्लॉक में उत्पादन शुरू हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत आज विश्व का दूसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक देश बन गया है। उनके अनुसार, कोल इंडिया लिमिटेड दुनिया की सबसे बड़ी एकल कोयला उत्पादक कंपनी है।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ में विश्व के दो सबसे बड़े कोल माइनिंग क्षेत्र स्थित हैं। वर्तमान में कोल-आधारित थर्मल परियोजनाओं पर भी सक्रिय रूप से काम जारी है।

रोज़गार और आर्थिक असर

रेड्डी के अनुसार, इस समय कोल सेक्टर में प्रत्यक्ष रूप से 5 लाख और अप्रत्यक्ष रूप से 25 लाख लोग कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त, व्यापक माइनिंग सेक्टर में 50 लाख लोगों को रोज़गार मिला हुआ है। ये आँकड़े केंद्रीय मंत्री के बयान पर आधारित हैं।

ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का दावा

मंत्री ने कहा कि आज देश के किसी भी कोने में — चाहे कृषि क्षेत्र हो या उद्योग — बिजली की कमी नहीं है। उनके अनुसार, भारत सरकार के पास फिलहाल 80 दिनों के लिए पर्याप्त कोयला भंडार उपलब्ध है, जो ऊर्जा आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित करता है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ी हैं।

पृष्ठभूमि: कोयला घोटाले से सुधार तक

गौरतलब है कि 2012-14 के दौरान कोयला ब्लॉक आवंटन में अनियमितताओं को लेकर बड़ा विवाद उठा था, जिसे 'कोलगेट' के नाम से जाना गया। सर्वोच्च न्यायालय ने 2014 में अधिकांश आवंटन रद्द कर दिए थे। रेड्डी ने इसी संदर्भ में वर्तमान स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि अब पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया लागू है।

आगे की राह

रेड्डी ने संकेत दिया कि कोल-आधारित थर्मल परियोजनाओं पर निवेश जारी रहेगा और देश 'न्यू इंडिया' के विज़न के तहत ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हालाँकि, विशेषज्ञ यह भी रेखांकित करते हैं कि कोयले पर बढ़ती निर्भरता और जलवायु प्रतिबद्धताओं के बीच संतुलन बनाना भविष्य की बड़ी चुनौती होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन कोयला उत्पादन में वृद्धि और भारत की नेट-ज़ीरो प्रतिबद्धताओं के बीच का तनाव इस बयान में अनुपस्थित है। 1,000 बिलियन टन उत्पादन का उत्सव तब और जटिल हो जाता है जब COP प्रतिबद्धताओं के तहत कोयले से चरणबद्ध बाहर निकलने का दबाव बढ़ रहा हो। 80 दिन का भंडार ऊर्जा सुरक्षा का संकेत ज़रूर है, परंतु यह नहीं बताया गया कि थर्मल क्षमता विस्तार नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों के साथ कैसे संतुलित होगी। जवाबदेही की दृष्टि से, रोज़गार के आँकड़ों का स्वतंत्र सत्यापन अभी भी एक खुला प्रश्न बना हुआ है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जी किशन रेड्डी ने कोल सेक्टर में कौन से प्रमुख सुधारों का उल्लेख किया?
रेड्डी ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर 124 कोल ब्लॉक निलंबित किए गए और पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया से 420 ब्लॉक में उत्पादन शुरू हुआ। इसके अलावा वार्षिक उत्पादन 1,000 बिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा है।
भारत कोयला उत्पादन में विश्व में किस स्थान पर है?
केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी के अनुसार, भारत अब विश्व का दूसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक देश बन गया है। साथ ही कोल इंडिया लिमिटेड दुनिया की सबसे बड़ी एकल कोयला उत्पादक कंपनी है।
कोल सेक्टर में कितने लोगों को रोज़गार मिला हुआ है?
रेड्डी के बयान के अनुसार, कोल सेक्टर में प्रत्यक्ष रूप से 5 लाख और अप्रत्यक्ष रूप से 25 लाख लोग कार्यरत हैं। व्यापक माइनिंग सेक्टर में यह संख्या 50 लाख तक पहुँचती है।
भारत सरकार के पास अभी कितने दिनों का कोयला भंडार है?
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, इस समय भारत सरकार के पास 80 दिनों के लिए पर्याप्त कोयला भंडार उपलब्ध है, जो निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करता है।
छत्तीसगढ़ का कोयला क्षेत्र में क्या महत्व है?
रेड्डी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में विश्व के दो सबसे बड़े कोल माइनिंग क्षेत्र स्थित हैं, जो भारत की कोयला उत्पादन क्षमता की रीढ़ हैं।
राष्ट्र प्रेस
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