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पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना: नालंदा में सोलर लोन मेला, ₹78,000 अनुदान और 5-6% ब्याज पर लोन उपलब्ध

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पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना: नालंदा में सोलर लोन मेला, ₹78,000 अनुदान और 5-6% ब्याज पर लोन उपलब्ध

सारांश

नालंदा में सोलर लोन मेले ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को ज़मीन पर उतारा — ₹78,000 अनुदान, 5-6% ब्याज पर लोन और 10,000 बीपीएल घरों में मुफ्त सोलर प्लेट का लक्ष्य। 88 लोगों का लोन एक ही दिन में मंजूर, एक सप्ताह में छतों पर लगेंगे पैनल।

मुख्य बातें

6 मई को बिहारशरीफ के विद्युत डिवीजन कार्यालय में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर लोन मेला आयोजित हुआ।
मेले में 88 लोगों का लोन मंजूर और 100 से अधिक नए उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया।
अधिकतम 3 किलोवाट सोलर पैनल पर ₹78,000 का अनुदान; बैंक 5-6% ब्याज दर पर ₹2 लाख तक लोन दे रहे हैं।
प्रथम चरण में गैर-बीपीएल के 2,000 और बीपीएल के 10,000 घरों में सोलर यूनिट लगाने का लक्ष्य।
बिहार ग्रामीण बैंक की नालंदा में 104 शाखाओं से योजना का लाभ उठाया जा सकता है।

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत बिहार के नालंदा जिले में जागरूकता फैलाने और अधिक से अधिक परिवारों को सोलर ऊर्जा से जोड़ने के उद्देश्य से 6 मई को बिहारशरीफ के विद्युत डिवीजन कार्यालय परिसर में सोलर लोन मेले का आयोजन किया गया। मेले में 88 लोगों का लोन मंजूर हुआ और 100 से अधिक नए उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया।

मेले का उद्घाटन और मुख्य उपस्थिति

मेले का उद्घाटन जिलाधिकारी कुंदन कुमार, उप विकास आयुक्त शुभम कुमार और अधीक्षण अभियंता मनीषकांत ने संयुक्त रूप से किया। बड़ी संख्या में नालंदा जिले के नागरिक मेले में पहुँचे और योजना के लिए आवेदन किया। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को बताया कि बैंकों से सस्ती ब्याज दर पर लोन लेकर छत पर सोलर यूनिट लगवाने से बिजली बिल लगभग शून्य हो सकता है।

सब्सिडी और लोन की शर्तें

विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता मनीषकांत ने विस्तार से बताया कि इस योजना के अंतर्गत अधिकतम 3 किलोवाट तक सोलर पैनल लगाने पर ₹78,000 का अनुदान दिया जा रहा है। 1 किलोवाट पर ₹30,000 और 2 किलोवाट पर ₹60,000 की सब्सिडी उपलब्ध है। प्रति किलोवाट औसत खर्च लगभग ₹60,000 बताया गया है। जिन उपभोक्ताओं के पास एकमुश्त राशि नहीं है, उनके लिए बैंक 5 से 6 प्रतिशत की ब्याज दर पर लोन उपलब्ध करा रहे हैं। ₹2 लाख तक के लोन के लिए केवल पहचान पत्र, फोटो, घर की रसीद और बिजली बिल जैसे सामान्य दस्तावेज़ पर्याप्त हैं।

लक्ष्य और क्रियान्वयन

कार्यपालक अभियंता विकास कुमार ने बताया कि आने वाले एक सप्ताह के भीतर लोन स्वीकृत हुए घरों में सोलर प्लेट लगाने का काम शुरू हो जाएगा। प्रथम चरण में गैर-बीपीएल श्रेणी के 2,000 घरों और बीपीएल श्रेणी के 10,000 घरों में सोलर यूनिट लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। राज्य सरकार की सहायता से बीपीएल परिवारों के घरों में सोलर प्लेट निःशुल्क लगाई जाएगी।

जिलाधिकारी का संदेश

जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने उपभोक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि घरों में सोलर यूनिट लगवाना केवल बिजली बिल कम करने का साधन नहीं, बल्कि देश सेवा और जलवायु संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी जरूरत का 80 प्रतिशत कच्चा तेल विदेश से आयात करता है और जब तक सोलर ऊर्जा को व्यापक रूप से नहीं अपनाया जाएगा, आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य अधूरा रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि एक सोलर यूनिट लगाने से एक वर्ष में कार्बन फुटप्रिंट उतना ही कम होता है, जितना 100 पेड़ लगाने से होता है।

बैंक और लाभार्थियों की प्रतिक्रिया

बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक विपुल सौरभ ने कहा कि नालंदा जिले में उनकी 104 शाखाएँ हैं जहाँ से इस योजना का लाभ उठाया जा सकता है। उन्होंने ऊर्जा आत्मनिर्भरता को वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में अत्यंत आवश्यक बताया। बिहारशरीफ के निवासी प्रतीक राज, कतरीसराय के धर्मराज प्रसाद और झींगनगर निवासी संदीप कुमार ने लोन मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनका बिजली बिल लगभग शून्य हो जाएगा। आने वाले समय में इस योजना के विस्तार से नालंदा जिले में सोलर ऊर्जा अपनाने की रफ्तार और तेज़ होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा ज़िला स्तर पर क्रियान्वयन की है — और नालंदा का यह मेला उसी दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। हालाँकि, बीपीएल परिवारों के लिए 'मुफ्त' सोलर प्लेट का वादा तब तक अधूरा है जब तक राज्य सरकार की फंडिंग समय पर न आए। यह भी गौरतलब है कि 5-6% ब्याज दर पर लोन आम मध्यमवर्गीय परिवार के लिए सुलभ है, लेकिन सबसे कमज़ोर तबके के लिए ₹2 लाख का कर्ज़ भी बोझ बन सकता है। योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि 10,000 बीपीएल घरों का लक्ष्य कागज़ पर नहीं, छतों पर पूरा हो।
RashtraPress
5 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना क्या है?
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना केंद्र सरकार की एक सोलर ऊर्जा पहल है, जिसके तहत घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए सब्सिडी और सस्ते लोन की सुविधा दी जाती है। इसका उद्देश्य बिजली बिल कम करना और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना है।
इस योजना में कितनी सब्सिडी मिलती है?
योजना के तहत 1 किलोवाट पर ₹30,000, 2 किलोवाट पर ₹60,000 और अधिकतम 3 किलोवाट तक ₹78,000 का अनुदान दिया जा रहा है। प्रति किलोवाट औसत खर्च लगभग ₹60,000 बताया गया है।
सोलर पैनल के लिए लोन कैसे मिलेगा और ब्याज दर क्या है?
बैंक 5 से 6 प्रतिशत की ब्याज दर पर ₹2 लाख तक का लोन दे रहे हैं। इसके लिए पहचान पत्र, फोटो, घर की रसीद और बिजली बिल जैसे सामान्य दस्तावेज़ पर्याप्त हैं।
बीपीएल परिवारों को इस योजना से क्या लाभ मिलेगा?
बीपीएल परिवारों के घरों में राज्य सरकार की सहायता से मुफ्त सोलर प्लेट लगाई जाएगी। नालंदा जिले में प्रथम चरण में ऐसे 10,000 घरों को लक्षित किया गया है।
नालंदा में इस योजना का लाभ कहाँ से लिया जा सकता है?
बिहार ग्रामीण बैंक की नालंदा जिले में 104 शाखाएँ हैं जहाँ से इस योजना के तहत लोन और पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा विद्युत डिवीजन कार्यालय, बिहारशरीफ से भी संपर्क किया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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