मुनाफावसूली और डॉलर की मजबूती के बीच सोने की कीमतों में 5.89%25 की कमी

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मुनाफावसूली और डॉलर की मजबूती के बीच सोने की कीमतों में 5.89%25 की कमी

सारांश

सोने की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण मुनाफावसूली और डॉलर की ताकत है। क्या यह गिरावट आगे भी जारी रहेगी? जानें इसके पीछे के कारण और बाजार की स्थिति।

Key Takeaways

  • सोने की कीमतों में 5.89%25 की कमी आई है।
  • मुनाफावसूली और डॉलर की मजबूती इसके मुख्य कारण हैं।
  • चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखी गई है।
  • विश्लेषक भविष्य में और दबाव की संभावना जता रहे हैं।

नई दिल्ली, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। निरंतर मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) और डॉलर की मजबूती के चलते इस सप्ताह सोने की कीमतों में लगभग 5.89 प्रतिशत की गिरावट आई है।

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को, एमसीएक्स गोल्ड अप्रैल वायदा 0.23 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,44,825 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गया, जबकि एमसीएक्स सिल्वर मई वायदा 1.72 प्रतिशत गिरकर 2,27,470 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुँच गया।

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के अनुसार, 999 प्यूरिटी वाले सोने का भाव शुक्रवार को 1,47,218 रुपए प्रति 10 ग्राम रहा, जो सोमवार के 1,56,436 रुपए की तुलना में काफी कम है। वहीं, 999 प्यूरिटी वाली चांदी का भाव 2,32,364 रुपए प्रति किलोग्राम रहा, जो सोमवार के 2,48,711 रुपए की तुलना में 16,000 रुपए से ज्यादा कम है।

विश्लेषकों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और उससे संबंधित मिले-जुले संकेतों के कारण आने वाले हफ्ते में भी सोना और चांदी पर दबाव बना रह सकता है। पहले सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) की मांग के कारण इनकी कीमतों में तेजी देखने को मिली थी, लेकिन अब उतार-चढ़ाव के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है।

इजरायल द्वारा ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले और ईरान की प्रतिक्रिया से तेल और गैस की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई का खतरा बढ़ गया है।

दूसरी ओर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ जापान, बैंक ऑफ कनाडा और बैंक ऑफ इंग्लैंड ने सख्त रुख अपनाया है, जिससे ब्याज दरें बढ़ने या ऊंची बनी रहने की संभावना है। इससे सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं पर दबाव पड़ता है।

एमसीएक्स गोल्ड अब अपने निचले सपोर्ट लेवल के करीब पहुँच रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार 1,50,000 से 1,52,000 रुपए का स्तर रेजिस्टेंस है, जबकि 1,35,000 से 1,40,000 रुपए के बीच मजबूत सपोर्ट बना हुआ है।

चांदी में भी इस हफ्ते तेज गिरावट आई है और यह 2,20,000 से 2,15,000 रुपए के डिमांड जोन के करीब पहुँच गई है। हालांकि, यदि खरीदारी बढ़ती है तो चांदी में फिर से 2,40,000 रुपए तक की रिकवरी देखने को मिल सकती है।

वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 13 मार्च को समाप्त सप्ताह के लिए भारत के स्वर्ण भंडार में 664 मिलियन डॉलर की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 130.68 बिलियन डॉलर हो गया। हालाँकि, 13 मार्च को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 7.05 अरब डॉलर घटकर 709.76 अरब डॉलर हो गया।

यह गिरावट 6 मार्च को समाप्त हुए पिछले सप्ताह में हुई और यह भी तेज गिरावट के बाद आई है, जब भंडार 11.68 अरब डॉलर घटकर 728.49 बिलियन डॉलर से 716.81 बिलियन डॉलर हो गया था।

इस गिरावट का मुख्य कारण केंद्रीय बैंक द्वारा मुद्रा बाजार में किया गया हस्तक्षेप है, जहां उसने वैश्विक तेल की बढ़ती कीमतों और ईरान संघर्ष से जुड़े भू-राजनीतिक तनावों के चलते रुपए को सहारा देने के लिए डॉलर बेचे।

विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां, जो भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा हैं, रिपोर्टिंग सप्ताह के दौरान 7.678 अरब डॉलर घटकर 555.568 अरब डॉलर हो गईं।

ये परिसंपत्तियां अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यूरो, पाउंड और येन जैसी प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के उतार-चढ़ाव के प्रभाव को भी दर्शाती हैं।

Point of View

जो मुनाफावसूली और डॉलर की मजबूती के कारण हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक तनाव और ब्याज दरों में संभावित वृद्धि की वजह से आगामी हफ्तों में भी कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।
NationPress
22/03/2026

Frequently Asked Questions

सोने की कीमतों में गिरावट का क्या कारण है?
सोने की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण मुनाफावसूली और डॉलर की मजबूती है।
क्या सोने की कीमतें फिर से बढ़ सकती हैं?
यदि सुरक्षित निवेश की मांग फिर से बढ़ती है, तो सोने की कीमतों में वृद्धि संभव है।
चांदी की कीमतों में गिरावट का क्या कारण है?
चांदी की कीमतों में गिरावट भी मुनाफावसूली और बाजार की स्थिति के कारण हुई है।
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