केंद्र सरकार ने 53.5 लाख एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की, 98 प्रतिशत बुकिंग डिजिटल से हुई

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केंद्र सरकार ने 53.5 लाख एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की, 98 प्रतिशत बुकिंग डिजिटल से हुई

सारांश

केंद्र सरकार ने एक दिन में 53.5 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की है। यह कदम मौजूदा संकट के बीच नागरिकों को ईंधन की निरंतर उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

Key Takeaways

  • 53.5 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की गई।
  • 98 प्रतिशत बुकिंग डिजिटल माध्यम से हुई।
  • सरकार ने आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी।
  • वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराए गए।
  • सरकार निरंतरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

नई दिल्ली, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद, केंद्र सरकार ने रविवार को बताया कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी में कोई रुकावट नहीं आई है। एक ही दिन में 53.5 लाख से अधिक सिलेंडरों का वितरण किया गया, जिससे नागरिकों को ईंधन की निरंतर उपलब्धता का आश्वासन मिला है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, घरेलू एलपीजी की डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 18 अप्रैल, 2026 को 53.5 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का वितरण हुआ है, और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरों के पास सिलेंडरों की कमी की कोई सूचना नहीं है।

सरकार ने घरों तक आपूर्ति को प्राथमिकता दी है ताकि मौजूदा संकट के दौरान खाना पकाने के लिए आवश्यक ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित किया जा सके।

डिजिटल प्लेटफार्मों में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है; लगभग 98 प्रतिशत एलपीजी बुकिंग ऑनलाइन की जा रही हैं, जबकि 93 प्रतिशत से अधिक डिलीवरी अब 'डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड' (डीएसी) के माध्यम से प्रमाणित की जा रही हैं, जिससे सिलेंडरों का गलत इस्तेमाल और हेरफेर रोका जा सके।

सरकार ने घरेलू एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी सेगमेंट के लिए 100 प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित की है।

कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों, दवा कंपनियों, स्टील, ऑटोमोबाइल और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर दी जा रही है।

इसके अतिरिक्त, प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलोग्राम वाले 'फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडरों' की आपूर्ति दोगुनी कर दी गई है; यह निर्णय मार्च महीने में खपत के पिछले पैटर्न के आधार पर लिया गया है।

एलपीजी की मांग पर दबाव को कम करने के लिए, केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन भी उपलब्ध कराए गए हैं। कोयला मंत्रालय ने 'कोल इंडिया' और 'सिंगरेनी कोलियरीज' जैसी प्रमुख कोयला उत्पादक कंपनियों को राज्यों को दिए जाने वाले कोयले के आवंटन में वृद्धि के निर्देश दिए हैं, ताकि छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं तक इसकी आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

राज्यों को यह सुझाव भी दिया गया है कि वे घरेलू और कमर्शियल, दोनों प्रकार के उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने में सहायता करें।

कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति बढ़ाकर संकट के पूर्व के स्तर का लगभग 70 प्रतिशत कर दिया गया है, जिसमें सुधारों से संबंधित आवंटन भी शामिल हैं।

मार्च के मध्य से अब तक, 1.67 लाख मीट्रिक टन से अधिक कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति की जा चुकी है, जो 19 किलोग्राम वाले 88 लाख से अधिक सिलेंडरों के बराबर है।

इस बीच, 'ऑटो एलपीजी' की मांग में भी तेजी आई है; अप्रैल महीने में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों की औसत दैनिक बिक्री में फरवरी की तुलना में काफी वृद्धि हुई है।

सरकार ने कहा है कि वह स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है, और घरेलू बाजारों में स्थिरता बनाए रखते हुए ऊर्जा की निरंतर आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

Point of View

जो कि सकारात्मक संकेत है।
NationPress
19/04/2026

Frequently Asked Questions

सरकार ने कितने एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की?
सरकार ने एक दिन में 53.5 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की।
डिजिटल बुकिंग का प्रतिशत क्या है?
लगभग 98 प्रतिशत एलपीजी बुकिंग डिजिटल माध्यम से की जा रही हैं।
सरकार ने किस क्षेत्र को कमर्शियल एलपीजी का आवंटन दिया है?
सरकार ने अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों, दवा कंपनियों, स्टील, ऑटोमोबाइल और कृषि जैसे आवश्यक क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है।
एलपीजी की मांग को कम करने के लिए कौन से वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराए गए हैं?
केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराए गए हैं।
सरकार की योजना क्या है?
सरकार ने घरेलू बाजारों में स्थिरता बनाए रखते हुए ऊर्जा की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है।
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