क्या दिसंबर में जीएसटी संग्रह 6.1 प्रतिशत बढ़कर 1.74 लाख करोड़ रुपए हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- दिसंबर 2025 में जीएसटी संग्रह में 6.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
- केंद्रीय जीएसटी संग्रह 34,289 करोड़ रुपए हो गया।
- सरकार ने 28,980 करोड़ रुपए का जीएसटी रिफंड जारी किया।
- वित्त वर्ष 2025 में जीएसटी संग्रह 16.5 लाख करोड़ रुपए तक पहुँचा।
- जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर को मार्च 2026 तक बढ़ाया गया।
नई दिल्ली, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह दिसंबर 2025 में सालाना आधार पर 6.1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,74,500 करोड़ रुपए तक पहुँच गया है। पिछले साल इसी अवधि में यह 1,64,556 करोड़ रुपए था। यह जानकारी सरकार द्वारा गुरुवार को साझा की गई।
दिसंबर 2025 में केंद्रीय जीएसटी संग्रह 34,289 करोड़ रुपए, राज्य जीएसटी संग्रह 41,368 करोड़ रुपए, और आईजीएसटी संग्रह 98,894 करोड़ रुपए हो गया है।
अतिरिक्त रूप से, सरकार ने दिसंबर में 28,980 करोड़ रुपए का जीएसटी रिफंड जारी किया, जिसमें सालाना आधार पर 31 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। इससे नेट जीएसटी संग्रह 1.45 लाख करोड़ रुपए हो गया है।
सरकार ने जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर के माध्यम से 4,551 करोड़ रुपए जुटाए, जो कि ऋण और ब्याज चुकता करने के लिए एक अस्थायी व्यवस्था के रूप में जारी है। पूरे वर्ष का संग्रह 88,385 करोड़ रुपए रहा, जबकि 2024 में यह 1.1 लाख करोड़ रुपए था।
जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर, जो पहले जून 2022 तक पाँच वर्षों के लिए था, अब मार्च 2026 तक बढ़ा दिया गया है।
नए जीएसटी ढांचे में क्षतिपूर्ति उपकर को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। लक्जरी वस्तुओं पर 40 प्रतिशत का टैक्स लगाया गया है।
वित्त वर्ष 2025 की अप्रैल-दिसंबर अवधि में जीएसटी संग्रह 8.6 प्रतिशत बढ़कर 16.5 लाख करोड़ रुपए पर पहुँच गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में 15.19 लाख करोड़ रुपए था।
इससे पहले, नवंबर में जीएसटी संग्रह 1,70,276 करोड़ रुपए रहा, जिसमें सालाना आधार पर 0.7 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई थी। पिछले साल की इसी अवधि में यह 1,69,016 करोड़ रुपए था। जबकि, त्योहारी बिक्री के कारण अक्टूबर में जीएसटी संग्रह 1,95,936 करोड़ रुपए रहा था।