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हरियाणा में धान खरीद: 15.52 लाख मीट्रिक टन की खरीद, किसानों को ₹1,221 करोड़ का भुगतान

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हरियाणा में धान खरीद: 15.52 लाख मीट्रिक टन की खरीद, किसानों को ₹1,221 करोड़ का भुगतान

सारांश

हरियाणा ने खरीफ 2026-27 में 15.52 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद कर 27% लक्ष्य हासिल किया और किसानों को ₹1,221 करोड़ का भुगतान किया। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अगुवाई में समीक्षा बैठक में समन्वय और डिजिटल पारदर्शिता पर जोर दिया गया।

मुख्य बातें

हरियाणा ने खरीफ 2026-27 में अब तक 15.52 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की — केंद्र के 58 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य का 27 प्रतिशत ।
राज्य सरकार ने किसानों को ₹1,221 करोड़ का भुगतान पूरा किया।
मंडियों में कुल 21.27 लाख मीट्रिक टन धान आया; 7.69 लाख मीट्रिक टन उठाया गया।
आवक-से-नीलामी अनुपात में कुरुक्षेत्र ( 88.2% ) अव्वल; राज्य औसत 74.7% ।
नीलामी-से-खरीद रूपांतरण दर में पंचकुला ( 93.7% ) शीर्ष; राज्य औसत 86% ।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने उपायुक्तों को खरीद और उठान में तेज़ी लाने के निर्देश दिए।

हरियाणा सरकार ने खरीफ सीजन 2026-27 में अब तक 15.52 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद पूरी कर ली है, जो केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 58 लाख मीट्रिक टन के कुल लक्ष्य का लगभग 27 प्रतिशत है। चंडीगढ़ में 15 अक्टूबर 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक में यह जानकारी सामने आई, जिसमें यह भी बताया गया कि राज्य सरकार किसानों को ₹1,221 करोड़ का भुगतान पहले ही कर चुकी है।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई इस समीक्षा बैठक में धान की आवक, खरीद, उत्खनन और किसानों को भुगतान की स्थिति का विस्तृत जायज़ा लिया गया। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रधान सचिव अमनीत पी. कुमार ने बताया कि हरियाणा की मंडियों में अब तक 21.27 लाख मीट्रिक टन धान आ चुका है, जिसमें से 15.52 लाख मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है और 7.69 लाख मीट्रिक टन धान उठाया जा चुका है।

बैठक में खरीद प्रणाली को अधिक कुशल, पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाने के लिए प्रौद्योगिकी-आधारित पहलों की प्रगति का भी मूल्यांकन किया गया। समय पर भुगतान, सुचारू गेट-पास प्रक्रिया और प्रभावी डिजिटल सत्यापन को खरीद प्रणाली के महत्वपूर्ण स्तंभों के रूप में रेखांकित किया गया।

जिलेवार प्रदर्शन

जिलावार समीक्षा में कई जिलों ने उत्साहजनक आंकड़े दर्ज किए। आवक-से-नीलामी अनुपात में कुरुक्षेत्र सबसे आगे रहा जहाँ यह 88.2 प्रतिशत दर्ज हुआ, इसके बाद यमुनानगर में 81.8 प्रतिशत और अंबाला में 80.7 प्रतिशत रहा। राज्य का समग्र औसत 74.7 प्रतिशत रहा।

नीलामी-से-खरीद रूपांतरण दर के मामले में पंचकुला 93.7 प्रतिशत के साथ शीर्ष पर रहा, कुरुक्षेत्र में 92.4 प्रतिशत, कैथल में 90.9 प्रतिशत, अंबाला में 89.3 प्रतिशत, यमुनानगर में 85.4 प्रतिशत और करनाल में 78.5 प्रतिशत दर्ज किया गया, जबकि राज्य का औसत 86 प्रतिशत था।

समन्वय और पारदर्शिता पर जोर

मुख्य सचिव रस्तोगी ने समीक्षा में जिला प्रशासन, खरीद एजेंसियों, मंडी अधिकारियों, ट्रांसपोर्टरों और चावल मिल मालिकों के बीच निर्बाध समन्वय की आवश्यकता पर विशेष ज़ोर दिया। उपायुक्तों को बाधाओं को दूर करने और खरीद एवं उठान कार्यों में तेज़ी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।

बैठक में पारदर्शी वजन और नमी परीक्षण की सुविधा सुनिश्चित करने तथा खरीद संबंधी दस्तावेजों की प्रक्रिया को कुशल बनाने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब धान की आवक का मौसम अपने चरम पर है और राज्य को शेष 73 प्रतिशत लक्ष्य अभी भी हासिल करना है।

आगे की राह

राज्य सरकार का ध्यान अब खरीद की गति बनाए रखने और खरीदे गए धान की समय पर आवाजाही सुनिश्चित करने पर है। अधिकारियों के अनुसार, कटाई के मौसम के अंत तक केंद्र के 58 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य को पूरा करने के प्रयास जारी रहेंगे। किसानों को खरीद केंद्रों पर कुशल सेवाएं उपलब्ध कराना और भुगतान में देरी न होने देना प्राथमिकता में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली दबाव तब आएगा जब आवक का बोझ बढ़ेगा और उठान-क्षमता की सीमाएं सामने आएंगी। पिछले कई सालों में हरियाणा की मंडियों में देर से आवक का ढेर लगने और भुगतान में अटकने की शिकायतें आती रही हैं — डिजिटल सत्यापन इस समस्या का आंशिक समाधान है, पूर्ण नहीं। करनाल जैसे प्रमुख जिलों में 78.5 प्रतिशत की खरीद-रूपांतरण दर और उठान की अपेक्षाकृत धीमी गति यह संकेत देती है कि लॉजिस्टिक बाधाएं अभी भी बनी हुई हैं। शेष 73 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए केवल समीक्षा बैठकें नहीं, ज़मीन पर ठोस क्रियान्वयन चाहिए।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाणा में इस सीजन धान खरीद का कुल लक्ष्य क्या है?
भारत सरकार ने हरियाणा के लिए खरीफ 2026-27 सीजन में 58 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्य अब तक इसका 27 प्रतिशत यानी 15.52 लाख मीट्रिक टन हासिल कर चुका है।
हरियाणा सरकार ने किसानों को कितना भुगतान किया है?
हरियाणा सरकार ने 15 अक्टूबर 2026 तक किसानों को ₹1,221 करोड़ का भुगतान वितरित कर दिया है। यह भुगतान 15.52 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद के एवज में किया गया है।
धान खरीद में कौन से जिले सबसे आगे हैं?
आवक-से-नीलामी अनुपात में कुरुक्षेत्र (88.2%), यमुनानगर (81.8%) और अंबाला (80.7%) अग्रणी हैं। नीलामी-से-खरीद रूपांतरण में पंचकुला (93.7%), कुरुक्षेत्र (92.4%) और कैथल (90.9%) शीर्ष पर हैं।
इस समीक्षा बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में धान की आवक, खरीद, उठान, किसानों को भुगतान और प्रौद्योगिकी-आधारित पहलों की प्रगति की समीक्षा की गई। पारदर्शी वजन-नमी परीक्षण, डिजिटल सत्यापन और गेट-पास प्रक्रिया सुधार पर विशेष जोर दिया गया।
हरियाणा की मंडियों में अब तक कितनी धान की आवक हुई है?
15 अक्टूबर 2026 तक हरियाणा की मंडियों में कुल 21.27 लाख मीट्रिक टन धान आ चुका है। इसमें से 15.52 लाख मीट्रिक टन खरीदा गया और 7.69 लाख मीट्रिक टन उठाया जा चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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