असम में धान खरीद का बड़ा लक्ष्य: हिमंता बिस्वा सरमा ने तय किया 10 लाख मीट्रिक टन का वार्षिक लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 24 अगस्त 2026 को घोषणा की कि राज्य सरकार ने प्रतिवर्ष 10 लाख मीट्रिक टन धान की सरकारी खरीद का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस पहल के तहत गुवाहाटी से संचालित राज्य सरकार किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सुनिश्चित खरीद का लाभ देगी, जिससे उनकी बाज़ार-मूल्य की अनिश्चितता पर निर्भरता घटेगी।
पहले 100 दिनों की उपलब्धि
मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि सरकार ने अपने कार्यकाल के पहले 100 दिनों के भीतर ही किसानों से सीधे 2 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद पूरी कर ली है। उन्होंने इसे वार्षिक लक्ष्य की दिशा में एक ठोस शुरुआत बताया। यह आँकड़ा इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार खरीद तंत्र को तेज़ी से विस्तार देने की स्थिति में है।
योजना का उद्देश्य और दायरा
इस पहल का मुख्य उद्देश्य असम की कृषि अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना और किसानों को एक विश्वसनीय सरकारी खरीद तंत्र से जोड़ना है। 10 लाख मीट्रिक टन के वार्षिक लक्ष्य से राज्य में सरकार-समर्थित धान खरीद का दायरा उल्लेखनीय रूप से बढ़ेगा। सीधी खरीद प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि उत्पादकों को घोषित MSP का पूरा लाभ मिले और बिचौलियों की भूमिका सीमित हो।
किसानों पर असर
यह पहल उन किसानों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो अनिश्चित बाज़ार कीमतों के कारण अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं पा पाते। गौरतलब है कि असम में धान प्रमुख खरीफ फसल है और बड़ी संख्या में कृषि परिवार इस पर निर्भर हैं। सरकारी खरीद के विस्तार से किसानों को मूल्य आश्वासन मिलेगा, जो उनकी आय स्थिरता के लिए अहम है।
आगे क्या होगा
सरकार से अपेक्षा है कि वह 10 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्यभर में खरीद केंद्रों का विस्तार करेगी और किसानों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करेगी। यह पहल असम सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत कृषि आजीविका को बेहतर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत आर्थिक आधार देने पर ज़ोर दिया जा रहा है।