क्या अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स पर एटीसी टावर्स की वीडियो रिकॉर्डिंग होनी चाहिए?
सारांश
Key Takeaways
- एएआईबी का सुझाव हवाई सुरक्षा को बढ़ाने के लिए है।
- वीडियो रिकॉर्डिंग से दुर्घटना की जांच में मदद मिलेगी।
- सुरक्षा निगरानी में मजबूती आएगी।
- यह कदम नागर विमानन मंत्रालय द्वारा समर्थित है।
- विशेष तकनीकी विश्लेषण की आवश्यकता है।
नई दिल्ली, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हवाई दुर्घटनाओं की जांच करने वाली संस्था एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) ने सुझाव दिया है कि देशभर के सभी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों पर मौजूद एटीसी टावर्स की गतिविधियों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जानी चाहिए, ताकि किसी हादसे के समय जांचकर्ता एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स (एटीसी) की गतिविधियों की सही जानकारी प्राप्त कर सकें।
यह पहल पिछले साल नवंबर में दिल्ली हवाई अड्डे पर हुई एक रनवे घटना की एएआईबी की जांच के बाद उठाई गई है, जब एरियाना अफगान एयरलाइंस के एक विमान ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक अनधिकृत रनवे पर उतरने का प्रयास किया।
रिपोर्टों के अनुसार, नागर विमानन मंत्रालय के अधीन आने वाली विमानन दुर्घटना नियामक ने बताया कि इस कदम से सुरक्षा निगरानी और दुर्घटना के बाद की जांच में काफी मजबूती आएगी।
इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों के एटीसी टावर्स में ऐसे सिस्टम स्थापित किए जाने चाहिए जो वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ-साथ कंट्रोल रूम के अंदर होने वाले बैकग्राउंड कम्युनिकेशन को भी रिकॉर्ड कर सकें।
एएआईबी के अनुसार, यह डेटा असामान्य या उच्च जोखिम वाली स्थितियों के दौरान नियंत्रक के निर्णय लेने की प्रक्रिया को समझने और घटनाओं का पुनर्निर्माण करने में महत्वपूर्ण होगा।
ऐसी रिकॉर्डिंग को एएआईबी और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) दोनों द्वारा जांच के लिए उपलब्ध कराना चाहिए।
एएआईबी ने रिपोर्ट में कहा, "किसी भी घटना या दुर्घटना के बाद नियंत्रक की कार्रवाई का विश्लेषण करने की सुरक्षा संबंधी सिफारिश की जाती है और देश के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों पर इसे प्राथमिकता के आधार पर लागू करने की आवश्यकता है।"
एएआईबी ने बताया कि उसने नवंबर की घटना में शामिल फ्लाइट क्रू और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स के शुरुआती बयान पहले ही रिकॉर्ड कर लिए हैं।
इसके अलावा, आगे की तकनीकी विश्लेषण के लिए अप्रोच रडार रिकॉर्डिंग, साथ ही एटीसी कम्युनिकेशन ट्रांसक्रिप्ट भी हासिल कर लिए गए हैं। रनवे से भटकने की घटना की जांच अभी भी जारी है।
हालांकि शुरुआती रिपोर्ट में किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है, लेकिन यह सिफारिश एविएशन सेफ्टी और जवाबदेही को बेहतर बनाने के लिए टेक्नोलॉजी-आधारित निगरानी टूल्स के इस्तेमाल पर बढ़ते रेगुलेटरी फोकस को दर्शाती है।
इसके अलावा, जांच का दायरा भी बढ़ा दिया गया है ताकि घटना के समय आसपास ऑपरेट हो रही अन्य आने-जाने वाली फ्लाइट्स से जुड़े क्रू के बयानों को भी शामिल किया जा सके।