क्या भारत में पिछले 11 वर्षों में हाई-स्पीड रेलवे ट्रैक की संख्या दोगुनी हुई?

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क्या भारत में पिछले 11 वर्षों में हाई-स्पीड रेलवे ट्रैक की संख्या दोगुनी हुई?

सारांश

भारत में पिछले 11 वर्षों में हाई-स्पीड रेलवे ट्रैक की लंबाई दोगुनी से अधिक हो गई है! जानें कैसे रेलवे मंत्रालय के प्रयासों ने इस बदलाव को संभव बनाया। यह जानकारी देश के रेल नेटवर्क की गति और सुरक्षा में भी क्रांतिकारी बदलाव लाती है।

Key Takeaways

  • हाई-स्पीड रेलवे ट्रैक की लंबाई 84,244 किलोमीटर हो गई है।
  • हाई-स्पीड ट्रैक की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत हो गई है।
  • बीते 11 वर्षों में सुरक्षा में महत्वपूर्ण सुधार किया गया है।
  • भारतीय रेलवे ने 6,851 किलोमीटर पटरियों का नवीनीकरण किया है।
  • सुरक्षा बाड़ लगाने का कार्य प्राथमिकता पर चल रहा है।

नई दिल्ली, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पिछले 11 वर्षों में, भारत में हाई-स्पीड रेलवे ट्रैक की लंबाई दोगुनी से अधिक होकर 84,244 किलोमीटर हो गई है, जबकि यह 2014 में 31,445 किलोमीटर थी। यह जानकारी रेल मंत्रालय ने रविवार को जारी की।

मंत्रालय ने कहा कि समीक्षा अवधि के दौरान देश के कुल रेलवे ट्रैक नेटवर्क में हाई-स्पीड ट्रैक की हिस्सेदारी बढ़कर 80 प्रतिशत हो गई है, जबकि पहले यह 40 प्रतिशत थी। इससे ट्रेन संचालन की गति में वृद्धि हुई है।

मंत्रालय ने आगे कहा कि भारतीय रेलवे ने पिछले 11 वर्षों में ट्रैक इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा में सुधार पर जोर दिया है, जिससे मानकों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। ये प्रयास देशभर में सुरक्षित, तेज और अधिक विश्वसनीय रेल संचालन में सहायक बने हैं।

बयान में यह भी बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान, भारतीय रेलवे ने 6,851 किलोमीटर से अधिक पटरियों का नवीनीकरण किया। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 7,500 किलोमीटर से अधिक पटरियों के नवीनीकरण का कार्य चल रहा है। इसके अतिरिक्त, 2026-27 में 7,900 किलोमीटर पटरियों के नवीनीकरण की योजना बनाई गई है।

मंत्रालय ने बताया कि रेलवे ट्रैक के किनारे सुरक्षा बाड़ लगाने का कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया गया है ताकि मवेशियों के कुचले जाने और अतिक्रमण की घटनाओं को कम किया जा सके। अब तक करीब 15,000 किलोमीटर की बाड़ लगाई जा चुकी है, जिससे उन खंडों पर सुरक्षा में सुधार हुआ है जहां ट्रेनें 110 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति से चलती हैं।

रेलगाड़ियों की सुचारू आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण टर्नआउट रिन्यूएबल में भी प्रगति हुई है। 2024-25 में 7,161 थिक वेब स्विच और 1,704 वेल्डेबल सीएमएस (कास्ट मैंगनीज स्टील) क्रॉसिंग स्थापित किए गए। 2025-26 में 8,000 से अधिक थिक वेब स्विच और 3,000 से अधिक वेल्डेबल सीएमएस क्रॉसिंग स्थापित किए जा रहे हैं।

बयान में बताया गया है कि ट्रैक की स्थिरता बनाए रखने और राइड की गुणवत्ता में सुधार के लिए आवश्यक गिट्टी की मशीनीकृत गहन स्क्रीनिंग लगातार की जा रही है। 2024-25 के दौरान 7,442 किलोमीटर ट्रैक की गहन स्क्रीनिंग पूरी की गई, जबकि 2025-26 में 7,500 किलोमीटर से अधिक ट्रैक की गहन स्क्रीनिंग का कार्य जारी है।

Point of View

यह कहना उचित होगा कि भारतीय रेलवे का यह प्रयास न केवल ट्रैक की लंबाई बढ़ाने का है, बल्कि यह देश के विकास और सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह पहल भारतीय रेलवे को अधिक विश्वसनीय और तेज बनाने के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी सहायक है।
NationPress
18/01/2026

Frequently Asked Questions

भारत में हाई-स्पीड रेलवे ट्रैक की लंबाई कितनी है?
भारत में हाई-स्पीड रेलवे ट्रैक की लंबाई 84,244 किलोमीटर है।
भारतीय रेलवे ने पिछले 11 वर्षों में कितनी पटरियों का नवीनीकरण किया है?
भारतीय रेलवे ने पिछले 11 वर्षों में 6,851 किलोमीटर से अधिक पटरियों का नवीनीकरण किया है।
क्या भारतीय रेलवे ने सुरक्षा बाड़ लगाने का कार्य शुरू किया है?
जी हाँ, भारतीय रेलवे ने सुरक्षा बाड़ लगाने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया है।
भारतीय रेलवे की सुरक्षा मानकों में कितनी प्रगति हुई है?
भारतीय रेलवे ने सुरक्षा मानकों में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है।
हाई-स्पीड ट्रैक की हिस्सेदारी कितनी है?
हाई-स्पीड ट्रैक की हिस्सेदारी अब कुल नेटवर्क का 80 प्रतिशत है।
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