एक अप्रैल से एसटीटी और म्यूचुअल फंड्स में बदलाव: जानें क्या बदलने वाला है

Click to start listening
एक अप्रैल से एसटीटी और म्यूचुअल फंड्स में बदलाव: जानें क्या बदलने वाला है

सारांश

नए वित्त वर्ष के आरंभ में शेयर बाजार में कई महत्वपूर्ण नियम बदलने जा रहे हैं। जानें कि एसटीटी, म्यूचुअल फंड्स और शेयर बायबैक में क्या नया है। क्या ये बदलाव निवेशकों को प्रभावित करेंगे?

Key Takeaways

  • एसटीटी में वृद्धि से ट्रेडिंग लागत में वृद्धि होगी।
  • म्यूचुअल फंड्स के बेस एक्सपेंस रेश्यो में बदलाव होगा।
  • फ्यूचर एंड ऑप्शन में कैश-मार्जिन नियम लागू होगा।
  • शेयर बायबैक पर सरचार्ज लगेगा।
  • इन परिवर्तनों का सभी निवेशकों पर प्रभाव पड़ेगा।

नई दिल्ली, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। नया वित्त वर्ष शुरू होने में कुछ ही दिन बचे हैं। यह समय शेयर बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दौरान कई प्रमुख परिवर्तन लागू होते हैं, जो आम निवेशक से लेकर विशेष निवेशकों तक सभी को प्रभावित करते हैं।

बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्यूचर एंड ऑप्शन (एफएंडओ) पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) बढ़ाने की घोषणा की थी। यह परिवर्तन एक अप्रैल से लागू होने जा रहा है।

नए वित्त वर्ष की शुरुआत से ट्रेडर्स को फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स पर 0.05 प्रतिशत एसटीटी का भुगतान करना होगा, जो कि पहले 0.02 प्रतिशत था।

ऑप्शन (प्रीमियम) और ऑप्शन (एक्साइजड) पर एसटीटी को बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि पहले यह क्रमश: 0.1 प्रतिशत और 0.125 प्रतिशत था।

इसके साथ ही, एक अप्रैल से फ्यूचर एंड ऑप्शन में 50 प्रतिशत कैश-मार्जिन नियम भी लागू हो जाएगा।

एक्सचेंज ने एफएंडओ सेगमेंट में सभी ट्रेडों के लिए आवश्यक कुल मार्जिन के नियमों में संशोधन किया है। अब ब्रोकरों को यह सुनिश्चित करना होगा कि एफएंडओ सेगमेंट में उनकी प्लेटफॉर्म द्वारा ली गई सभी पोजीशनों के लिए आवश्यक कुल मार्जिन का न्यूनतम 50 प्रतिशत नकद के रूप में हो।

म्यूचुअल फंड्स से संबंधित नियम में भी एक अप्रैल से बड़ा बदलाव होने जा रहा है।

नए वित्त वर्ष से बेस एक्सपेंस रेश्यो (बीईआर) सभी म्यूचुअल फंड्स स्कीम में लागू हो जाएगा, जिसमें एसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) केवल फीस शामिल करेंगी, जो निवेशकों का फंड प्रबंधित करने के लिए ली गई है। अन्य लागत जैसे एसटीटी, स्टांप ड्यूटी, ब्रोकरेज और एक्सचेंज फीस आदि को अन्य लागत में दिखाया जाएगा। पहले इन सभी को एक्सपेंस रेश्यो में जोड़ा जाता था, जिसे टोटल एक्सपेंस रेश्यो (टीईआर) कहा जाता था।

शेयर बायबैक से संबंधित नियम भी नए वित्त वर्ष से बदले जाएंगे। एक अप्रैल से कंपनियों के प्रमोटर्स को शेयर बायबैक में हुए कैपिटल गेन पर 12 प्रतिशत का सरचार्ज देना होगा। हालांकि, इसका रिटेल निवेशकों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि यह नियम केवल प्रमोटर्स के लिए है।

Point of View

बल्कि आम निवेशकों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। सतर्कता बरतना और समय पर जानकारी प्राप्त करना आवश्यक है।
NationPress
30/03/2026

Frequently Asked Questions

एक अप्रैल से एसटीटी में क्या बदलाव हो रहा है?
एक अप्रैल से फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स पर एसटीटी बढ़कर 0.05 प्रतिशत हो जाएगा।
म्यूचुअल फंड्स में नया नियम क्या है?
नए वित्त वर्ष से सभी म्यूचुअल फंड्स में बेस एक्सपेंस रेश्यो लागू होगा।
क्या शेयर बायबैक पर कोई नया टैक्स लगेगा?
हां, प्रमोटर्स को शेयर बायबैक पर 12 प्रतिशत का सरचार्ज देना होगा।
कैश-मार्जिन नियम क्या है?
एक अप्रैल से फ्यूचर एंड ऑप्शन में 50 प्रतिशत कैश-मार्जिन नियम लागू होगा।
ये नियम निवेशकों को कैसे प्रभावित करेंगे?
ये नियम निवेशकों की लागत और लाभ को प्रभावित करेंगे, इसलिए समझना आवश्यक है।
Nation Press