भारत का मैक्रोइकोनॉमिक आधार मजबूत, वैल्यूएशन दीर्घकालिक औसत के करीब — DSP नेत्र रिपोर्ट
सारांश
मुख्य बातें
उभरते बाज़ारों में भारतीय शेयर बाज़ार एक विपरीत निवेश अवसर के रूप में तेज़ी से उभर रहा है। DSP नेत्र की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, देश का व्यापक आर्थिक आधार अपेक्षाकृत मज़बूत बना हुआ है और वैल्यूएशन अपने दीर्घकालिक औसत के करीब है — ऐसे में यदि वैश्विक निवेशक टेक्नोलॉजी शेयरों से परे देखना शुरू करें, तो भारत में पूँजी प्रवाह बढ़ सकता है।
एमएससीआई इंडेक्स में संकेंद्रण का खतरा
एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट्स (EM) इंडेक्स 2021 के स्तर पर वापस आ गया है, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार यह तेज़ी कुछ चुनिंदा बाज़ारों और शेयरों तक ही सीमित रही है। इंडेक्स के 25.3 प्रतिशत वार्षिक रिटर्न में अकेले प्रौद्योगिकी क्षेत्र का योगदान 25.6 प्रतिशत अंक रहा है।
इससे भी महत्त्वपूर्ण यह है कि इंडेक्स के लगभग 72 प्रतिशत लाभ केवल तीन सेमीकंडक्टर कंपनियों — ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (TSMC), सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और SK हाइनिक्स — से आए हैं, जो मिलकर बेंचमार्क का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा बनाती हैं।
टेक्नोलॉजी वेटेज में तेज़ उछाल
रिपोर्ट में बताया गया है कि एमएससीआई EM इंडेक्स में टेक्नोलॉजी सेक्टर का वेटेज दिसंबर 2025 के 28.3 प्रतिशत से बढ़कर मई 2026 में 44.2 प्रतिशत हो गया। इसके विपरीत, कम्युनिकेशन सर्विसेज़, कंज़्यूमर साइक्लिकल और हेल्थकेयर सहित अधिकांश अन्य सेक्टरों की हिस्सेदारी में गिरावट दर्ज की गई।
DSP नेत्र के अनुसार, यह एकाग्रता इंडेक्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर शेयरों में निवेशकों की भावना के किसी भी उलटफेर के प्रति अधिक संवेदनशील बनाती है।
ताइवान-कोरिया बनाम भारत: वैल्यूएशन का अंतर
इंडेक्स में 5 प्रतिशत से अधिक वेटेज वाले चार प्रमुख बाज़ारों में भारत का वैल्यूएशन उसके दीर्घकालिक औसत से 2.39 प्रतिशत नीचे है। इसके उलट, ताइवान और दक्षिण कोरिया क्रमशः लगभग 85 प्रतिशत और 71 प्रतिशत के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं — जो एमएससीआई EM इंडेक्स के 24.71 प्रतिशत के कुल प्रीमियम से भी काफी अधिक है।
गौरतलब है कि ताइवान और दक्षिण कोरिया का यह शानदार प्रदर्शन उभरते बाज़ारों की व्यापक बुनियादी स्थितियों में सुधार की वजह से नहीं, बल्कि वैश्विक AI-संचालित सेमीकंडक्टर उछाल के कारण है।
भारत: विपरीत निवेश का आकर्षक अवसर
DSP नेत्र की रिपोर्ट ने भारत को उभरते बाज़ारों में सबसे आकर्षक विपरीत निवेश अवसरों में से एक करार दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, हालिया कमज़ोर प्रदर्शन के बावजूद देश अपेक्षाकृत मज़बूत व्यापक आर्थिक बुनियाद का लाभ उठा रहा है और अपने दीर्घकालिक औसत वैल्यूएशन के करीब कारोबार कर रहा है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यदि निवेशकों की भागीदारी टेक्नोलॉजी शेयरों से आगे बढ़ती है, तो भारत में पूँजी का पुनः प्रवाह देखने को मिल सकता है — जो दीर्घकालिक निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।