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मॉर्गन स्टेनली का भरोसा: भारतीय शेयर बाजार दशक के बाकी हिस्से में देगा मजबूत रिटर्न

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मॉर्गन स्टेनली का भरोसा: भारतीय शेयर बाजार दशक के बाकी हिस्से में देगा मजबूत रिटर्न

सारांश

मॉर्गन स्टेनली का दांव साफ है — भले ही पिछले 12 महीनों में भारतीय बाजार उभरते बाजारों से पीछे रहा हो, लेकिन आय में सुधार, रिकॉर्ड बायबैक और MSCI इंडिया का 3.4x P/B मल्टीपल अगले कुछ वर्षों में लगभग 11% वार्षिक रिटर्न का संकेत देते हैं। एआई एक्सपोजर कमजोरी है, पर भारतीय आईटी ‘डार्क हॉर्स’ बन सकती है।

मुख्य बातें

मॉर्गन स्टेनली के अनुसार भारतीय शेयर बाजार दशक के बाकी हिस्से में मजबूत रिटर्न दे सकते हैं।
रिपोर्ट विश्लेषक रिधम देसाई और नयनत पारेख द्वारा तैयार; पिछले 12 महीनों का प्रदर्शन उभरते बाजारों से कमजोर रहा।
MSCI इंडिया 3.4 गुना प्राइस-टू-बुक पर, जो लगभग 11% के 10-वर्षीय फॉरवर्ड वार्षिक रिटर्न के अनुरूप।
12 महीने का रोलिंग कॉर्पोरेट बायबैक 10 अरब डॉलर के करीब, रिकॉर्ड ऊँचाई पर।
कम AI एक्सपोजर सबसे बड़ी चुनौती; पर भारतीय आईटी सेवाएँ ‘अप्रत्याशित प्रतिभा’ बन सकती हैं।

वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने अपनी ताज़ा रणनीति रिपोर्ट में कहा है कि उभरते बाजारों (Emerging Markets) के मुकाबले पिछले 12 महीनों के कमजोर प्रदर्शन के बावजूद भारतीय शेयर बाजार आने वाले समय में मजबूत बढ़त के लिए तैयार है। फर्म के विश्लेषकों रिधम देसाई और नयनत पारेख के अनुसार, आय में सुधार, बढ़ता घरेलू निवेश और स्थिर व्यापक आर्थिक परिस्थितियाँ बाजार के लंबी अवधि के आउटलुक को मजबूती दे रही हैं।

रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष

रिपोर्ट में स्वीकार किया गया है कि भारतीय बाजारों ने पिछले एक साल में उभरते बाजारों के समकक्षों की तुलना में अपना सबसे कमजोर सापेक्ष प्रदर्शन दर्ज किया है। हालाँकि, मॉर्गन स्टेनली का कहना है कि बाजार का संरचनात्मक आधार बरकरार है और इस दशक के बचे हुए हिस्से में निवेशकों को मजबूत रिटर्न मिलने की संभावना है।

एआई एक्सपोजर — सबसे बड़ी चुनौती

ब्रोकरेज ने आगाह किया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में भारतीय बाजारों का अपेक्षाकृत कम एक्सपोजर एक बड़ी कमजोरी है, ऐसे समय में जब वैश्विक पूंजी प्रवाह तेजी से एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी-केंद्रित बाजारों की ओर मुड़ रहा है। फर्म ने भारत के आईटी आउटसोर्सिंग उद्योग पर एआई से संभावित उथल-पुथल को लेकर भी चिंता जताई है, क्योंकि यह क्षेत्र वैश्विक तकनीकी व्यय रुझानों से सीधे जुड़ा है।

'अप्रत्याशित प्रतिभा' बन सकती है भारतीय आईटी

दिलचस्प बात यह है कि मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि भारत में अपेक्षाकृत कम श्रम उत्पादकता के कारण देश अंततः एआई-आधारित उत्पादकता लाभों का बड़ा लाभार्थी बन सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय आईटी सेवा कंपनियाँ कथित तौर पर “अप्रत्याशित प्रतिभा” (dark horse) साबित हो सकती हैं, क्योंकि वैश्विक कंपनियाँ एआई एप्लिकेशन और समाधान बनाने के लिए इन पर निर्भरता बढ़ा रही हैं।

बायबैक और मूल्यांकन के सकारात्मक संकेत

फर्म ने कई सकारात्मक संकेतकों पर भी रोशनी डाली है। 12 महीनों का रोलिंग कॉर्पोरेट बायबैक रिकॉर्ड ऊँचाई के करीब है और ट्रेलिंग आधार पर जल्द ही लगभग 10 अरब डॉलर को पार कर सकता है। मूल्यांकन के मोर्चे पर भी राहत है — MSCI India इस समय 3.4 गुना के प्राइस-टू-बुक मल्टीपल पर कारोबार कर रहा है, जो मॉर्गन स्टेनली के अनुसार ऐतिहासिक रूप से लगभग 11 प्रतिशत के अनुमानित 10-वर्षीय फॉरवर्ड वार्षिक रिटर्न के अनुरूप है।

निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है

यह आउटलुक ऐसे समय में आया है जब घरेलू निवेशक लगातार म्यूचुअल फंड और SIP के माध्यम से बाजार में पूँजी डाल रहे हैं, जबकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का रुख मिश्रित रहा है। आने वाले महीनों में आय वृद्धि की दिशा और एआई-संबंधी पूँजी प्रवाह यह तय करेंगे कि भारतीय बाजार उभरते बाजारों के मुकाबले अपनी सापेक्ष पकड़ कितनी जल्दी मजबूत कर पाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब फर्म दशक-भर के रिटर्न पर दांव लगा रही है। दिलचस्प विरोधाभास यह है कि वही एआई जिसे रिपोर्ट सबसे बड़ा जोखिम बताती है, उसे ही भारतीय आईटी का सबसे बड़ा अवसर भी बताया गया है — यह दोहरापन निवेशकों के लिए स्पष्ट रोडमैप नहीं देता। असली परीक्षा यह है कि क्या आय वृद्धि 3.4x P/B मल्टीपल को सही ठहरा पाती है, या यह एक और ‘इंडिया स्टोरी’ नोट बनकर रह जाती है जिसे बाजार की ज़मीनी हकीकत भुला देती है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मॉर्गन स्टेनली ने भारतीय शेयर बाजार पर क्या कहा है?
मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, उभरते बाजारों के मुकाबले पिछले 12 महीनों के कमजोर प्रदर्शन के बावजूद भारतीय शेयर बाजार आने वाले समय में मजबूत बढ़त के लिए तैयार है। फर्म का मानना है कि आय में सुधार, बढ़ता निवेश और स्थिर व्यापक आर्थिक परिस्थितियाँ इस दशक के बाकी हिस्से में मजबूत रिटर्न दिला सकती हैं।
MSCI इंडिया का मौजूदा वैल्यूएशन क्या है?
MSCI इंडिया फिलहाल 3.4 गुना के प्राइस-टू-बुक मल्टीपल पर कारोबार कर रहा है। मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, यह स्तर ऐतिहासिक रूप से लगभग 11 प्रतिशत के 10-वर्षीय फॉरवर्ड वार्षिक रिटर्न के अनुरूप माना जाता है।
एआई भारतीय आईटी क्षेत्र को कैसे प्रभावित कर सकता है?
रिपोर्ट के अनुसार, एआई भारत के आईटी आउटसोर्सिंग उद्योग में बड़ी उथल-पुथल ला सकता है क्योंकि यह क्षेत्र वैश्विक तकनीकी व्यय से सीधे जुड़ा है। हालाँकि, कम श्रम उत्पादकता के कारण भारत एआई-आधारित उत्पादकता लाभों का बड़ा लाभार्थी भी बन सकता है, और भारतीय आईटी कंपनियाँ ‘अप्रत्याशित प्रतिभा’ साबित हो सकती हैं।
कॉर्पोरेट बायबैक के मोर्चे पर भारत में क्या हो रहा है?
12 महीने का रोलिंग कॉर्पोरेट बायबैक रिकॉर्ड ऊँचाई के करीब पहुँच गया है और ट्रेलिंग आधार पर जल्द ही लगभग 10 अरब डॉलर को पार कर सकता है। यह घरेलू बाजार के लिए एक मजबूत सकारात्मक संकेतक माना जा रहा है।
भारतीय बाजार उभरते बाजारों से पीछे क्यों रहा है?
मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, भारतीय बाजारों का प्रमुख कमजोर पक्ष एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी-केंद्रित बाजारों में कम एक्सपोजर है, जहाँ वैश्विक पूँजी प्रवाह तेजी से बढ़ रहा है। इसी कारण पिछले 12 महीनों में भारत ने उभरते बाजारों के मुकाबले सबसे कमजोर सापेक्ष प्रदर्शन किया है।
राष्ट्र प्रेस
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