एमएससीआई इंडिया इंडेक्स बदलाव से भारतीय इक्विटी में ₹30,214 करोड़ का इनफ्लो संभव: जेएम फाइनेंशियल
सारांश
मुख्य बातें
मॉर्गन स्टेनली कैपिटल इंटरनेशनल (एमएससीआई) द्वारा अगस्त 2025 में एमएससीआई इंडिया स्टैंडर्ड इंडेक्स में प्रस्तावित बदलाव के चलते भारतीय इक्विटी बाज़ार में ₹30,214 करोड़ तक का निवेश प्रवाह आ सकता है। जेएम फाइनेंशियल की एक ताज़ा रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है, जिसमें यह बदलाव 31 अगस्त से प्रभावी होने की संभावना जताई गई है।
कौन से शेयर हैं सबसे मज़बूत दावेदार
जेएम फाइनेंशियल के विश्लेषकों के अनुसार, लॉरस लैब्स और बायोकॉन एमएससीआई इंडिया स्मॉल कैप इंडेक्स से एमएससीआई इंडिया स्टैंडर्ड इंडेक्स में अपग्रेड होने के सबसे प्रबल दावेदार हैं। इस अपग्रेड के परिणामस्वरूप ग्लोबल पैसिव फंड और एमएससीआई बेंचमार्क को ट्रैक करने वाले एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) से बड़ी मात्रा में निवेश आने की उम्मीद है।
रिपोर्ट के अनुमान के मुताबिक, लॉरस लैब्स में लगभग ₹4,683 करोड़ और बायोकॉन में करीब ₹2,785 करोड़ का निवेश प्रवाह आ सकता है।
मध्यम संभावना वाले शेयर
अपार इंडस्ट्रीज और ऊनो मिंडा को स्टैंडर्ड इंडेक्स में अपग्रेड की मध्यम संभावना वाले शेयरों में रखा गया है। इनमें क्रमशः ₹2,464 करोड़ और ₹1,936 करोड़ का संभावित इनफ्लो आँका गया है।
इंडेक्स रीबैलेंसिंग का बाज़ार पर असर
विश्लेषकों का कहना है कि एमएससीआई इंडेक्स रीबैलेंसिंग के कारण मई के अंतिम ट्रेडिंग दिन में सत्र के आखिरी 30 मिनटों में असामान्य उतार-चढ़ाव देखा गया, जिससे भारी गिरावट दर्ज की गई। निवेशक और ट्रेडर एमएससीआई इंडेक्स समीक्षा पर बारीकी से नज़र रखते हैं, क्योंकि इनमें होने वाले बदलाव लागू होने की तारीख के आसपास ट्रेडिंग गतिविधि और पैसिव फंड प्रवाह में बड़ी हलचल पैदा करते हैं।
एफआईआई निकासी और भारत का वेटेज
गौरतलब है कि 2025 में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने लगभग $18 अरब (करीब ₹1.5 लाख करोड़) की निकासी की, जिससे कई वैश्विक पोर्टफोलियो में भारत का वेटेज घट गया। विश्लेषकों का मानना है कि यदि उभरते बाज़ारों को लेकर वैश्विक धारणा बेहतर होती है, तो चुनिंदा भारतीय शेयरों में निवेश वापस लौट सकता है।
यह ऐसे समय में आया है जब एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा केवल चार बाज़ारों — चीन, भारत, कोरिया और ताइवान — में केंद्रित है।
एमएससीआई का वैश्विक वर्गीकरण
जून 2025 में घोषित एमएससीआई के बाज़ार वर्गीकरण के अनुसार, 23 देशों को विकसित बाज़ार और 24 देशों — जिनमें दक्षिण कोरिया, ताइवान, चीन, भारत और मैक्सिको शामिल हैं — को उभरते बाज़ार के रूप में वर्गीकृत किया गया है। भारत की स्थिति और इंडेक्स में उसका भार वैश्विक निष्क्रिय निवेश प्रवाह की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाता है।
अगस्त की समीक्षा से पहले बाज़ार की नज़रें अब लॉरस लैब्स और बायोकॉन के शेयरों पर टिकी हैं।