भारत-फिनलैंड व्यापार में वित्त वर्ष 26 में 19%25 वृद्धि, घाटा कम हुआ

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भारत-फिनलैंड व्यापार में वित्त वर्ष 26 में 19%25 वृद्धि, घाटा कम हुआ

सारांश

भारत और फिनलैंड के बीच व्यापार में 19%25 की वृद्धि हुई है। राष्ट्रपति स्टब की यात्रा से नए अवसर मिलेंगे। जानें इसके पीछे के कारण और भविष्य की संभावनाएं।

Key Takeaways

  • 19%25 की वृद्धि हुई है भारत-फिनलैंड व्यापार में।
  • राष्ट्रपति स्टब की यात्रा नए संभावनाएं लाएगी।
  • निर्यात में 11%25 की वृद्धि मुख्य कारण है।
  • व्यापार घाटा 300-400 करोड़ डॉलर तक कम हुआ है।
  • हेटेरोसाइक्लिक कंपाउंड का निर्यात हिस्सा 28%25 हो गया है।

नई दिल्ली, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत और फिनलैंड के बीच द्विपक्षीय व्यापार ने वित्त वर्ष 26 की अप्रैल-दिसंबर अवधि में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 19 प्रतिशत की वृद्धि की है। यह वृद्धि फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब की आधिकारिक यात्रा से और तेज होगी। यह जानकारी हाल ही में एक रिपोर्ट में साझा की गई।

रुबिक्स डेटा साइंसेज द्वारा जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि निर्यात इस वृद्धि का मुख्य कारण है, जो वित्त वर्ष 2026 के अप्रैल-दिसंबर में 11 प्रतिशत की दर से बढ़ा है।

रिपोर्ट में कहा गया, "दोनों देशों की सरकारों का उद्देश्य व्यापार के स्तर को दोगुना करना है, ऐसे में राष्ट्रपति की यह यात्रा राजनयिक इरादों को स्थायी आर्थिक संबंधों में बदलने का एक उत्प्रेरक साबित हो सकती है।"

रिपोर्ट में इस बात पर भी ध्यान दिया गया कि भारत से फिनलैंड को निर्यात वित्त वर्ष 2022 में 30 करोड़ डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2024 में 60 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया। वहीं, आयात वित्त वर्ष 2022 और 2025 के बीच लगभग 800-900 करोड़ डॉलर पर स्थिर रहा।

हाल के वर्षों में भारत का फिनलैंड के साथ व्यापार घाटा घटकर 300-400 करोड़ डॉलर रह गया है, जिससे व्यापार में संतुलन बना है।

रिपोर्ट में भारत के निर्यात बास्केट में एक महत्वपूर्ण बदलाव का उल्लेख किया गया है, जिसमें हेटेरोसाइक्लिक कंपाउंड का हिस्सा 1 प्रतिशत से बढ़कर 28 प्रतिशत हो गया है और यह सबसे बड़ी निर्यात श्रेणी बन गई है। जबकि यात्री और मालवाहक जहाजों का हिस्सा 10 प्रतिशत तक बढ़ गया, वहीं फार्मा उत्पादों का हिस्सा 18 प्रतिशत से घटकर 12 प्रतिशत हो गया है।

आयात में नाइट्रोजन उर्वरक अभी भी प्रमुख हैं, हालांकि इनका हिस्सा 28 प्रतिशत से घटकर 19 प्रतिशत हो गया है, जिससे वस्तु-केंद्रितता में कमी आई है। इलेक्ट्रॉनिक एकीकृत सर्किट का हिस्सा 15 प्रतिशत पर स्थिर रहा, जबकि विद्युत ट्रांसफार्मर 3 प्रतिशत से बढ़कर 5 प्रतिशत हो गए हैं।

रासायनिक लकड़ी लुगदी का व्यापार 1 प्रतिशत से बढ़कर 4 प्रतिशत हो गया है, जो बढ़ते औद्योगिक संबंधों को दर्शाता है।

हालांकि, फिनलैंड का यूरोपीय संघ के साथ भारत के कुल माल व्यापार में हिस्सा मात्र 1 प्रतिशत है।

Point of View

NationPress
09/03/2026

Frequently Asked Questions

भारत-फिनलैंड व्यापार में वृद्धि का क्या कारण है?
निर्यात की वृद्धि इस व्यापार में मुख्य कारण रही है, जो 11 प्रतिशत की दर से बढ़ी है।
फिनलैंड के राष्ट्रपति की यात्रा का व्यापार पर क्या प्रभाव होगा?
राष्ट्रपति की यात्रा से व्यापारिक संबंधों को नई ऊर्जा मिलेगी और यह राजनयिक इरादों को मजबूत करने में मददगार होगी।
भारत से फिनलैंड को निर्यात में क्या बदलाव आए हैं?
भारत से फिनलैंड को निर्यात 30 करोड़ डॉलर से बढ़कर 60 करोड़ डॉलर हो गया है।
क्या व्यापार घाटा कम हुआ है?
हाँ, हाल के वर्षों में व्यापार घाटा 300-400 करोड़ डॉलर रह गया है, जो संतुलित स्थिति को दर्शाता है।
भारत के निर्यात बास्केट में क्या परिवर्तन हुए हैं?
हेटेरोसाइक्लिक कंपाउंड का हिस्सा 1 प्रतिशत से बढ़कर 28 प्रतिशत हो गया है, जो सबसे बड़ी निर्यात श्रेणी है।
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