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भारत के एलएनजी आयात का 69 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ा: अध्ययन

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भारत के एलएनजी आयात का 69 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ा: अध्ययन

सारांश

भारत के एलएनजी आयात का एक बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भर है, जिससे आपूर्ति जोखिम बढ़ गया है। जानें इस रिपोर्ट के प्रमुख बिंदुओं के बारे में।

मुख्य बातें

भारत के एलएनजी आयात का 69% हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ा है।
गेल की निर्भरता 16% है, जो अन्य कंपनियों की तुलना में कम है।
पेट्रोनेट एलएनजी पर सबसे अधिक जोखिम है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा से गैस सेक्टर प्रभावित हो सकता है।
गुजरात गैस लिमिटेड की 73% गैस आपूर्ति एलएनजी से आती है।

नई दिल्ली, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत के तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) आयात का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से संबंधित है। वर्ष 2025 में भारत के कुल एलएनजी आयात का लगभग 69 प्रतिशत, यानि लगभग 17.5 मिलियन टन (63 एमएमएससीएमडी), कतर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ओमान जैसे पश्चिम एशियाई देशों से प्राप्त होगा, जो कि होर्मुज जलडमरूमध्य के मार्ग से गुजरेगा। यह जानकारी शुक्रवार को एलारा कैपिटल द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट में सामने आई है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि यदि गेल के अमेरिकी एलएनजी स्वैप वॉल्यूम को समायोजित भी कर दिया जाए, तब भी भारत की निर्भरता लगभग 66 प्रतिशत बनी रहेगी। इससे यह स्पष्ट होता है कि इस क्षेत्र पर भारत की निर्भरता बहुत अधिक है, जिसके परिणामस्वरूप आपूर्ति संबंधी जोखिम बना रहता है।

यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई बाधा उत्पन्न होती है, तो इसका असर पूरे गैस सेक्टर पर पड़ सकता है। यह प्रभाव एलएनजी टर्मिनलों के उपयोग, गैस ट्रांसमिशन और औद्योगिक क्षेत्रों के मुनाफे तक देखा जा सकता है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पेट्रोनेट एलएनजी के दहेज टर्मिनल पर सबसे अधिक जोखिम है। इस टर्मिनल ने वर्ष 2025 में लगभग 14.8 मिलियन टन एलएनजी संभाला, जिसमें से 76 प्रतिशत गैस होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आई थी।

इसके अतिरिक्त, कोच्चि और छारा जैसे छोटे टर्मिनल भी पूरी तरह से मध्य पूर्व से आने वाली गैस पर निर्भर हैं। वहीं, मुंद्रा (88 प्रतिशत), धामरा (65 प्रतिशत) और एनोर (62 प्रतिशत) टर्मिनल भी इस मार्ग पर निर्भरता रखती हैं, जिससे इन पर जोखिम बढ़ जाता है।

हालांकि, हजीरा (25 प्रतिशत) और दाभोल (0 प्रतिशत) टर्मिनल को कुछ राहत मिली है, क्योंकि ये टर्मिनल मुख्य रूप से अमेरिका, रूस और ऑस्ट्रेलिया से आने वाली एलएनजी पर निर्भर करते हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आपूर्ति में किसी भी झटके का सबसे अधिक प्रभाव पेट्रोनेट एलएनजी (पीएलएनजी) और गुजरात स्टेट पेट्रोनेट पर पड़ सकता है। पीएलएनजी की लगभग 77 प्रतिशत निर्भरता होर्मुज मार्ग पर है, जिससे इसकी रीगैसिफिकेशन (गैस बनाने की प्रक्रिया) से होने वाली आय पर सीधे प्रभाव पड़ सकता है।

गुजरात स्टेट पेट्रोनेट की वर्ष 2025 की ट्रांसमिशन मात्रा का लगभग 62 प्रतिशत हिस्सा भी इसी मार्ग पर निर्भर है, जिससे इस कंपनी पर भी जोखिम बना हुआ है।

रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात गैस लिमिटेड (जीजीएल) भी मार्जिन और वॉल्यूम दोनों स्तरों पर प्रभावित हो सकती है। कंपनी की कुल गैस आपूर्ति का लगभग 73 प्रतिशत हिस्सा एलएनजी से आता है, जो मुख्य रूप से मोरबी के औद्योगिक क्लस्टर को सप्लाई किया जाता है।

जीजीएल की 48 प्रतिशत निर्भरता होर्मुज जलडमरूमध्य पर है, इसलिए स्पॉट मार्केट में एलएनजी की कीमतें बढ़ने से कंपनी की प्रतिस्पर्धा प्रोपेन जैसे वैकल्पिक ईंधनों के मुकाबले कम हो सकती है।

ब्रोकरेज फर्म के अनुसार, कंपनी ने औद्योगिक ग्राहकों को फोर्स मेज्योर नोटिस जारी किया है और 6 मार्च 2026 से गैस आपूर्ति कम करने का निर्णय लिया है। साथ ही औद्योगिक ग्राहकों के लिए डेली कॉन्ट्रैक्टेड क्वांटिटी (डीसीक्यू) भी घटाई जा सकती है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि गेल का मार्केटिंग सेगमेंट सबसे मजबूत स्थिति में है, क्योंकि इसकी होर्मुज मार्ग पर निर्भरता केवल 16 प्रतिशत है। कंपनी के पास अमेरिका, रूस और ऑस्ट्रेलिया से विविध गैस आपूर्ति अनुबंध हैं, जिससे जोखिम काफी कम हो जाता है। ब्रोकरेज के अनुसार, वास्तविक निर्भरता लगभग 30 प्रतिशत के आसपास आंकी गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो संभावित जोखिमों को जन्म देता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत का कुल एलएनजी आयात कितना है?
वर्ष 2025 में भारत का कुल एलएनजी आयात लगभग 17.5 मिलियन टन (63 एमएमएससीएमडी) होने की उम्मीद है।
कौन से देश भारत को एलएनजी आपूर्ति करते हैं?
भारत को मुख्य रूप से कतर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ओमान जैसे पश्चिम एशियाई देशों से एलएनजी प्राप्त होता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता का क्या असर हो सकता है?
यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई बाधा आती है, तो इससे पूरे गैस सेक्टर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
कौन सा टर्मिनल सबसे अधिक जोखिम में है?
पेट्रोनेट एलएनजी का दहेज टर्मिनल सबसे अधिक जोखिम में है, क्योंकि इसकी 76 प्रतिशत गैस होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते से आती है।
गेल की निर्भरता होर्मुज जलडमरूमध्य पर कितनी है?
गेल की होर्मुज मार्ग पर निर्भरता केवल 16 प्रतिशत है।
राष्ट्र प्रेस
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