भारत के शीर्ष 7 शहरों में Q3 2026 में घरों की बिक्री 3% बढ़कर 1,00,220 यूनिट, नए लॉन्च 18% उछले
सारांश
मुख्य बातें
भारत के शीर्ष 7 शहरों में 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 2026) में आवासीय बिक्री सालाना आधार पर 3 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,00,220 यूनिट्स पर पहुँच गई, जबकि बिक्री की कुल वैल्यू लगभग 2 प्रतिशत बढ़कर ₹1.55 लाख करोड़ हो गई। एनारॉक ग्रुप की रिपोर्ट में यह जानकारी 28 सितंबर 2026 को जारी की गई। भू-राजनीतिक अनिश्चितता और वैश्विक आर्थिक दबावों के बावजूद भारतीय आवासीय बाज़ार ने इस तिमाही में उल्लेखनीय लचीलापन दिखाया।
नई आपूर्ति में उछाल
एनारॉक ग्रुप की रिपोर्ट के अनुसार, Q3 2026 में नई आवासीय आपूर्ति 18 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1,14,320 यूनिट हो गई। इसमें मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) का सबसे बड़ा योगदान रहा, जहाँ करीब 37,500 यूनिट लॉन्च हुईं। हैदराबाद में भी लगभग 18,950 यूनिट की नई आपूर्ति दर्ज की गई, जो नई आपूर्ति में 120 प्रतिशत की सालाना वृद्धि को दर्शाती है — टॉप 7 शहरों में सबसे अधिक।
मुख्य बाज़ारों का प्रदर्शन
MMR में सबसे अधिक लगभग 31,750 यूनिट्स की बिक्री हुई, इसके बाद बेंगलुरु में लगभग 16,670 यूनिट्स बिकीं। इन दोनों शहरों की कुल बिक्री में हिस्सेदारी 48 प्रतिशत रही। एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, 'हैदराबाद में घरों की बिक्री में सालाना आधार पर सबसे ज़्यादा 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई, इसके बाद बेंगलुरु में 12 प्रतिशत और MMR में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। बाकी सभी टॉप शहरों में सालाना आधार पर बिक्री में गिरावट दर्ज की गई।'
कीमतें और सेगमेंट-वार आपूर्ति
नई आपूर्ति में ₹80 लाख से ₹1.5 करोड़ के बीच की यूनिट्स का हिस्सा सबसे अधिक 34 प्रतिशत रहा। ₹1.5 करोड़ से ₹2.5 करोड़ के बजट सेगमेंट की हिस्सेदारी 24 प्रतिशत रही। ₹40 लाख से ₹80 लाख की कीमत वाली यूनिट्स का हिस्सा 17 प्रतिशत और ₹40 लाख से कम वाली किफायती श्रेणी का हिस्सा 14 प्रतिशत था। यह आँकड़े बाज़ार के मध्यम और प्रीमियम सेगमेंट की ओर झुकाव को स्पष्ट करते हैं।
इन्वेंट्री और कीमतों का रुझान
Q3 2026 के अंत तक टॉप 7 शहरों में उपलब्ध हाउसिंग इन्वेंट्री सालाना 12 प्रतिशत बढ़कर 6,30,590 यूनिट से अधिक हो गई। इस तिमाही में औसत घर की कीमतें सालाना 7 प्रतिशत बढ़ीं, जिसमें NCR (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में सबसे अधिक 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, इसके बाद बेंगलुरु में 8 प्रतिशत की बढ़त देखी गई।
आगे क्या उम्मीद है
अनुज पुरी ने कहा, 'हालाँकि बढ़ती कीमतों और किफायती सामर्थ्य से जुड़ी चिंताओं के कारण खरीदार सोच-समझकर फैसला लेंगे, लेकिन त्योहारों का माहौल, कर्ज़ लेने की स्थिर लागत और नए लॉन्च की मज़बूत पाइपलाइन से बिक्री को बढ़ावा मिलना चाहिए।' गौरतलब है कि यह तिमाही त्योहारी सीज़न से ठीक पहले की है, जो भारतीय रियल एस्टेट बाज़ार की माँग के लिए परंपरागत रूप से सबसे सक्रिय दौर माना जाता है।