भारत में खुदरा मुद्रास्फीति दिसंबर में 1.33 प्रतिशत क्यों रही, खाद्य महंगाई दर लगातार सातवें महीने नकारात्मक जोन में?
सारांश
Key Takeaways
- दिसंबर 2025 में खुदरा महंगाई दर 1.33 प्रतिशत रही।
- खाद्य महंगाई दर -2.71 प्रतिशत पर है।
- महंगाई का मुख्य कारण विभिन्न खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि है।
- शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई दर भिन्न है।
- सरकारी आंकड़ों के अनुसार, केरल सबसे अधिक महंगाई दर वाला राज्य है।
नई दिल्ली, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत में खुदरा महंगाई दर दिसंबर 2025 में सालाना आधार पर 1.33 प्रतिशत दर्ज की गई है। इसमें नवंबर की खुदरा मुद्रास्फीति दर 0.71 प्रतिशत के मुकाबले 62 आधार अंकों की वृद्धि हुई है। यह जानकारी सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा सोमवार को साझा की गई।
मंत्रालय के बयान में कहा गया, "दिसंबर 2025 लगातार चौथा महीना है, जब महंगाई दर आरबीआई द्वारा निर्धारित महंगाई बैंड के निचले स्तर से कम रही है। इसके साथ ही खाद्य महंगाई दर लगातार सात महीनों से नकारात्मक जोन में बनी हुई है।"
यह भी बताया गया कि दिसंबर 2025 में शहरी क्षेत्रों में खुदरा महंगाई दर 2.03 प्रतिशत थी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह 0.76 प्रतिशत रही। इसके अलावा, खाद्य महंगाई दर दिसंबर 2025 में -2.71 प्रतिशत रही।
शहरी क्षेत्रों में खाद्य महंगाई दर -3.08 प्रतिशत, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में -2.09 प्रतिशत रही।
मंत्रालय के अनुसार, दिसंबर में हेडलाइन महंगाई दर और खाद्य महंगाई दर में उछाल का कारण पर्सनल केयर, सब्जियों, मांस एवं मछली, अंडों, मसालों और दालों की कीमतों में वृद्धि है।
आवास महंगाई दर दिसंबर 2025 में 2.86 प्रतिशत रही, जो नवंबर में 2.95 प्रतिशत थी। वहीं, शिक्षा महंगाई दर 3.32 प्रतिशत रही, जो नवंबर 2025 में 3.38 प्रतिशत थी।
ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन में महंगाई दर 0.76 प्रतिशत रही, जबकि नवंबर में यह 0.88 प्रतिशत थी।
ईंधन एवं बिजली में महंगाई दर दिसंबर 2025 में 1.97 प्रतिशत रही, जो नवंबर 2025 में 2.32 प्रतिशत थी।
सरकार ने बताया कि दिसंबर में जिन पांच राज्यों में सबसे अधिक खुदरा महंगाई दर देखी गई है, उनमें केरल 9.49 प्रतिशत, कर्नाटक 2.99 प्रतिशत, आंध्र प्रदेश 2.71 प्रतिशत, तमिलनाडु 2.67 प्रतिशत और जम्मू एवं कश्मीर 2.26 प्रतिशत शामिल हैं।