6 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जिनेवा में यूएनसीटीएडी उपभोक्ता संरक्षण सत्र की अध्यक्षता करेगा भारत, सचिव निधि खरे का नेतृत्व

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जिनेवा में यूएनसीटीएडी उपभोक्ता संरक्षण सत्र की अध्यक्षता करेगा भारत, सचिव निधि खरे का नेतृत्व

सारांश

भारत जिनेवा के पैले डे नेशंस में यूएनसीटीएडी के उपभोक्ता संरक्षण IGE नौवें सत्र की अध्यक्षता करेगा — और यह महज़ प्रतिनिधित्व नहीं, बल्कि वैश्विक उपभोक्ता नीति निर्माण में भारत की बढ़ती केंद्रीय भूमिका का संकेत है। दिसंबर 2025 में UN महासभा द्वारा अपनाए गए उत्पाद सुरक्षा सिद्धांतों का औपचारिक शुभारंभ इस सत्र की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।

मुख्य बातें

भारत 7 जुलाई 2025 से जिनेवा में यूएनसीटीएडी IGE के नौवें उपभोक्ता संरक्षण सत्र की अध्यक्षता करेगा।
उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे यूएनसीटीएडी के आमंत्रण पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
दिसंबर 2025 में UN महासभा द्वारा अपनाए गए संयुक्त राष्ट्र उपभोक्ता उत्पाद सुरक्षा सिद्धांतों का इस सत्र में औपचारिक शुभारंभ होगा।
बैठक में सदस्य देश, अंतरराष्ट्रीय संगठन, उपभोक्ता प्राधिकरण और शिक्षाविद भाग लेंगे।
भारत ने जुलाई 2025 में NCH के प्री-लिटिगेशन मॉडल के ज़रिए सीमा-पार विवाद समाधान के अनुभव साझा किए थे।

भारत 7 जुलाई 2025 से जिनेवा के ऐतिहासिक पैले डे नेशंस में संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास संगठन (यूएनसीटीएडी) के तत्वावधान में आयोजित इंटरगवर्नमेंटल ग्रुप ऑफ एक्सपर्ट्स (IGE) ऑन कंज्यूमर प्रोटेक्शन लॉ एंड पॉलिसी के नौवें सत्र की अध्यक्षता करेगा। उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए इस बहु-देशीय विमर्श का नेतृत्व करेंगी।

सत्र की संरचना और भागीदारी

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, यह दो दिवसीय बैठक होगी जिसमें सदस्य देश, अंतरराष्ट्रीय संगठन, उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण, शिक्षाविद और अन्य हितधारक सम्मिलित होंगे। बैठक में उपभोक्ता संरक्षण कानून और नीति से जुड़े उभरते वैश्विक मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श होगा।

संयुक्त राष्ट्र दिशानिर्देशों के तहत गठित IGE उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग और नीति-संवाद का प्रमुख अंतर-सरकारी मंच है। यह ऐसे समय में आया है जब डिजिटल वाणिज्य और सीमा-पार लेनदेन में तेज़ी के साथ उपभोक्ता अधिकारों की जटिलताएँ भी बढ़ रही हैं।

सत्र की प्रमुख विशेषताएँ

इस सत्र का सबसे महत्त्वपूर्ण पहलू संयुक्त राष्ट्र उपभोक्ता उत्पाद सुरक्षा सिद्धांतों का औपचारिक शुभारंभ होगा, जिन्हें दिसंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अपनाया था। इसके अतिरिक्त 'Why the Principles Matter' विषय पर एक उच्चस्तरीय फायरसाइड चैट आयोजित होगी, जिसमें भारत भी सक्रिय रूप से भाग लेगा।

सत्र में संयुक्त राष्ट्र उपभोक्ता संरक्षण दिशानिर्देश (UNGCP) के प्रभावी क्रियान्वयन, हालिया कानूनी एवं संस्थागत विकास, क्षमता निर्माण पहलों तथा आगामी सत्र के लिए रिपोर्ट एवं एजेंडे को अंतिम रूप देने पर भी विस्तृत चर्चा होगी।

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की सक्रिय भूमिका

गौरतलब है कि जुलाई 2025 में जिनेवा में आयोजित 'प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ता संरक्षण पर 9वें संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन' के दौरान भारत ने नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) और उसके प्री-लिटिगेशन मॉडल के माध्यम से सीमा-पार उपभोक्ता विवाद समाधान में अपने अनुभव साझा किए थे। यह भारत की उस दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह वैश्विक उपभोक्ता नीति निर्माण में अपनी आवाज़ मज़बूत कर रहा है।

यूएनसीटीएडी ने विशेष रूप से निधि खरे को इस सत्र की अध्यक्षता के लिए आमंत्रित किया है — यह भारत की बढ़ती वैश्विक साख का प्रमाण है। वे तीन दिवसीय चर्चाओं में सदस्य देशों के बीच प्रमुख उपभोक्ता संरक्षण प्राथमिकताओं पर विमर्श का नेतृत्व करेंगी।

आगे क्या होगा

इस सत्र में लिए गए निर्णय और तैयार की गई रिपोर्ट भविष्य की वैश्विक उपभोक्ता नीति की दिशा तय करने में सहायक होंगे। भारत के लिए यह अवसर न केवल अपनी घरेलू उपलब्धियों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का है, बल्कि उभरती डिजिटल अर्थव्यवस्था में उपभोक्ता अधिकारों के नए मानक गढ़ने में भी योगदान देने का है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जितना कि वैश्विक उपभोक्ता मानकों को अपनी घरेलू नीति के अनुकूल आकार देने का अवसर। NCH जैसे मॉडल को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करना तब और सार्थक होगा जब घरेलू उपभोक्ता शिकायत निवारण की औसत अवधि और डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में भी ठोस सुधार दिखे। UN उत्पाद सुरक्षा सिद्धांतों का शुभारंभ एक सकारात्मक कदम है, लेकिन उनका क्रियान्वयन विकासशील देशों में कितनी तेज़ी से होगा — यही असली कसौटी होगी।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूएनसीटीएडी IGE उपभोक्ता संरक्षण सत्र क्या है?
यह संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास संगठन (यूएनसीटीएडी) द्वारा गठित इंटरगवर्नमेंटल ग्रुप ऑफ एक्सपर्ट्स (IGE) का वार्षिक सत्र है, जो उपभोक्ता संरक्षण कानून और नीति पर वैश्विक सहयोग का प्रमुख अंतर-सरकारी मंच है। इसमें सदस्य देश, अंतरराष्ट्रीय संगठन और उपभोक्ता प्राधिकरण भाग लेते हैं।
इस सत्र में भारत की क्या भूमिका है?
भारत इस नौवें सत्र की अध्यक्षता करेगा और उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे यूएनसीटीएडी के विशेष आमंत्रण पर तीन दिवसीय चर्चाओं का नेतृत्व करेंगी। यह भारत की वैश्विक उपभोक्ता नीति निर्माण में बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
संयुक्त राष्ट्र उपभोक्ता उत्पाद सुरक्षा सिद्धांत क्या हैं?
ये वे सिद्धांत हैं जिन्हें दिसंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अपनाया था और इस सत्र में इनका औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। ये सिद्धांत वैश्विक स्तर पर उपभोक्ता उत्पाद सुरक्षा के लिए एक साझा मानक ढाँचा तैयार करते हैं।
नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) का अंतरराष्ट्रीय महत्त्व क्यों है?
NCH का प्री-लिटिगेशन मॉडल सीमा-पार उपभोक्ता विवादों को अदालत से पहले सुलझाने की एक प्रभावी व्यवस्था है, जिसे भारत ने जुलाई 2025 के UN सम्मेलन में साझा किया था। विकासशील देशों के लिए यह एक अनुकरणीय मॉडल माना जाता है।
इस सत्र में किन अन्य विषयों पर चर्चा होगी?
सत्र में UNGCP के क्रियान्वयन, हालिया कानूनी एवं संस्थागत विकास, क्षमता निर्माण पहलों और आगामी सत्र के एजेंडे को अंतिम रूप दिया जाएगा। साथ ही 'Why the Principles Matter' विषय पर उच्चस्तरीय फायरसाइड चैट भी होगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 5 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले