NIXI के 23 साल पूरे: IT सचिव एस. कृष्णन ने इंटरनेट इकोसिस्टम में विश्वास और सुरक्षा मजबूत करने पर दिया जोर
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NIXI) की 23वीं वर्षगांठ पर नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव और NIXI अध्यक्ष एस. कृष्णन ने भारत के इंटरनेट इकोसिस्टम में विश्वास, मजबूती और साइबर सुरक्षा को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर चार नई डिजिटल पहलों का शुभारंभ किया गया, जो देश के डिजिटल बुनियादी ढाँचे को एक नई दिशा देने के उद्देश्य से तैयार की गई हैं।
चार नई डिजिटल सेवाओं का शुभारंभ
समारोह में IXP पोर्टल, MyIRINN पोर्टल, डॉट इन ऑक्शन पोर्टल और AI-पावर्ड WHOIS स्क्रीनिंग प्लेटफॉर्म — इन चार नई सेवाओं को लॉन्च किया गया। इन पहलों का लक्ष्य उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाना, प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाना और इंटरनेट संचालन को अधिक प्रभावी बनाना है।
NIXI के अनुसार, AI-आधारित WHOIS स्क्रीनिंग प्लेटफॉर्म डोमेन नामों की सुरक्षा को मजबूत करेगा और संदिग्ध वेबसाइटों की पहचान करने की क्षमता को बढ़ाएगा, जिससे भारत के 'डॉट इन' डोमेन स्पेस को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सकेगा।
NIXI की मौजूदा उपलब्धियाँ
आधिकारिक बयान के अनुसार, NIXI वर्तमान में 39 लाख से अधिक 'डॉट इन' डोमेन नामों का प्रबंधन करता है। संस्था देशभर में 79 इंटरनेट एक्सचेंज पॉइंट्स (IXP) संचालित करती है और 22 भारतीय भाषाओं में डोमेन पंजीकरण की सुविधा देती है। इसके अतिरिक्त, NIXI IPv6 तकनीक को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है और भारत में IPv6 अपनाने की दर अब 78.34 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है।
वैश्विक इंटरनेट गवर्नेंस में भारत की भागीदारी
ICANN के स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट उपाध्यक्ष और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के प्रबंध निदेशक समीरन गुप्ता ने वैश्विक इंटरनेट गवर्नेंस और मानक निर्धारण से जुड़ी चर्चाओं में भारत की भागीदारी को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि NIXI फेलोशिप प्रोग्राम जैसी पहलें नए नेतृत्व को तैयार कर रही हैं, जो इंटरनेट के भविष्य को आकार देने में योगदान दे सकें।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
NIXI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवेश त्यागी ने कहा कि भारत में इंटरनेट के अगले चरण की सफलता तीन स्तंभों पर टिकी है — भरोसा, नवाचार और समावेशी भागीदारी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंटरनेट का विकास तभी सार्थक होगा जब देश के हर क्षेत्र के लोग इसमें समान रूप से भागीदार बन सकें।
समारोह में उन संस्थाओं और हितधारकों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने भारत के डिजिटल बुनियादी ढाँचे के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब भारत वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका को और विस्तार देने की दिशा में काम कर रहा है।