3 अगस्त 2026
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भारत के शीर्ष शहरों में वेयरहाउसिंग मांग Q1 2026 में 8% बढ़ी, मुंबई-पुणे का 81% हिस्सा

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भारत के शीर्ष शहरों में वेयरहाउसिंग मांग Q1 2026 में 8% बढ़ी, मुंबई-पुणे का 81% हिस्सा

सारांश

भारत के शीर्ष शहरों में वेयरहाउसिंग मांग ने Q1 2026 में लगातार चौथी बार तिमाही वृद्धि दर्ज की — 8% की बढ़त के साथ। मुंबई और पुणे ने अकेले 81% लीजिंग हासिल की, जबकि सालाना आधार पर 14% की गिरावट को विशेषज्ञ रणनीतिक पुनर्संतुलन का नतीजा बता रहे हैं।

मुख्य बातें

भारत के प्रमुख शहरों में वेयरहाउसिंग मांग Q1 2026 में तिमाही आधार पर 8% बढ़ी — लगातार चौथी तिमाही वृद्धि।
मुंबई ( 4.76 मिलियन वर्ग फुट ) और पुणे ( 4.46 मिलियन वर्ग फुट ) ने मिलकर कुल लीजिंग का 81% हिस्सा लिया।
पुणे में तिमाही आधार पर 162% और वार्षिक आधार पर 42% की वृद्धि दर्ज।
वार्षिक आधार पर समग्र मांग में 14% की गिरावट, जिसे वेस्टियन रणनीतिक पुनर्संतुलन बता रही है।
हैदराबाद में सालाना 50% वृद्धि; NCR में 57% की नरमी।
3PL, मैन्युफैक्चरिंग और कंज्यूमर गुड्स क्षेत्र लीजिंग के प्रमुख चालक।

वर्कप्लेस सॉल्यूशंस फर्म वेस्टियन की बुधवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, भारत के प्रमुख शहरों में वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स की मांग जनवरी-मार्च 2026 (Q1 2026) में तिमाही आधार पर 8 प्रतिशत बढ़ी है। यह लगातार चौथी तिमाही है जब इस क्षेत्र में मांग में वृद्धि दर्ज की गई है, जो भारतीय लॉजिस्टिक्स बाज़ार की बढ़ती मज़बूती का संकेत है।

मुख्य घटनाक्रम

मुंबई ने Q1 2026 में सर्वाधिक 4.76 मिलियन वर्ग फुट वेयरहाउसिंग मांग दर्ज की, जो कुल लीजिंग गतिविधि का 42 प्रतिशत है। पुणे में यह आँकड़ा 4.46 मिलियन वर्ग फुट रहा, जो तिमाही आधार पर 162 प्रतिशत और वार्षिक आधार पर 42 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। दोनों शहरों ने मिलकर कुल लीजिंग गतिविधि में 81 प्रतिशत का योगदान दिया, जो पश्चिमी औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों के निरंतर वर्चस्व को रेखांकित करता है।

अन्य प्रमुख शहरों की बात करें तो नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में वेयरहाउसिंग मांग 0.73 मिलियन वर्ग फुट रही, हालाँकि यहाँ वार्षिक आधार पर 57 प्रतिशत की नरमी दर्ज की गई। हैदराबाद में मांग 0.69 मिलियन वर्ग फुट रही और वार्षिक आधार पर 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई। चेन्नई, बेंगलुरु और कोलकाता में मांग क्रमशः 0.59 मिलियन, 0.17 मिलियन और 0.10 मिलियन वर्ग फुट दर्ज की गई।

सालाना गिरावट की तस्वीर

गौरतलब है कि तिमाही वृद्धि के बावजूद, समग्र वेयरहाउसिंग मांग में वार्षिक आधार पर 14 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। हालाँकि वेस्टियन की रिपोर्ट इसे संरचनात्मक गिरावट नहीं, बल्कि 2025 में हुए रणनीतिक पुनर्संतुलन का परिणाम बताती है। लगातार चार तिमाहियों की रिकवरी इस व्याख्या को बल देती है।

क्षेत्रवार चालक शक्तियाँ

रिपोर्ट के अनुसार, लीजिंग गतिविधियों को मुख्य रूप से थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स (3PL), इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग तथा कंज्यूमर गुड्स कंपनियों का समर्थन मिल रहा है। बेहतर उपभोक्ता धारणा, मज़बूत घरेलू माँग और सरकारी इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड इस क्षेत्र की रीढ़ बने हुए हैं।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

वेस्टियन के सीईओ श्रीनिवास राव (FRICS) ने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन वार्षिक आधार पर 14% की गिरावट को नज़रअंदाज़ करना उचित नहीं होगा। मुंबई-पुणे का 81% हिस्सेदारी यह भी बताती है कि लॉजिस्टिक्स विकास अभी भी भौगोलिक रूप से केंद्रित है — NCR और दक्षिणी शहर अभी पिछड़ रहे हैं। सरकार के टियर-II लॉजिस्टिक्स हब विस्तार के दावों की असली परीक्षा तब होगी जब बेंगलुरु, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहर भी समान गति से बढ़ें।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में वेयरहाउसिंग मांग Q1 2026 में कितनी बढ़ी?
वेस्टियन की रिपोर्ट के अनुसार, Q1 2026 (जनवरी-मार्च) में भारत के प्रमुख शहरों में वेयरहाउसिंग मांग तिमाही आधार पर 8% बढ़ी। यह लगातार चौथी तिमाही है जब इस क्षेत्र में वृद्धि दर्ज की गई।
किस शहर में सबसे अधिक वेयरहाउसिंग मांग रही?
मुंबई में Q1 2026 में सर्वाधिक 4.76 मिलियन वर्ग फुट वेयरहाउसिंग मांग दर्ज की गई, जो कुल लीजिंग का 42% है। पुणे 4.46 मिलियन वर्ग फुट के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
वार्षिक आधार पर वेयरहाउसिंग मांग में गिरावट क्यों आई?
वेस्टियन के अनुसार, वार्षिक आधार पर 14% की गिरावट संरचनात्मक कमज़ोरी नहीं, बल्कि 2025 में हुए रणनीतिक पुनर्संतुलन का परिणाम है। लगातार चार तिमाहियों की रिकवरी इस तर्क को समर्थन देती है।
वेयरहाउसिंग मांग को कौन से क्षेत्र चला रहे हैं?
थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स (3PL), इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग तथा कंज्यूमर गुड्स कंपनियाँ लीजिंग गतिविधियों की प्रमुख चालक हैं। इन्हें बेहतर उपभोक्ता धारणा और इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड का भी समर्थन मिल रहा है।
2026 में वेयरहाउसिंग क्षेत्र का भविष्य कैसा रहेगा?
वेस्टियन की रिपोर्ट के अनुसार, आपूर्ति श्रृंखला मज़बूती, ग्रेड-A सुविधाओं की बढ़ती माँग और टियर-I व टियर-II लॉजिस्टिक्स हब के विस्तार से 2026 में विकास की अगली लहर आने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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