भारतीय फैमिली ऑफिसेज का स्टार्टअप निवेश 2024 में दोगुना, ₹13,500 करोड़ के पार पहुँचा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय फैमिली ऑफिसेज देश के निवेश परिदृश्य में तेज़ी से निर्णायक भूमिका निभाने लगे हैं। एक ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, संपत्ति प्रबंधन की बागडोर मिलेनियल्स और जेन-ज़ेड पीढ़ी के हाथों में आने के साथ स्टार्टअप्स, इम्पैक्ट इन्वेस्टमेंट और अंतरराष्ट्रीय परिसंपत्तियों में उनकी हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। फैमिली ऑफिस समर्थित स्टार्टअप निवेश 2023 के 87.67 करोड़ डॉलर से लगभग दोगुना होकर 2024 में 1.62 अरब डॉलर (करीब ₹13,500 करोड़) पर पहुँच गया।
भारत में फैमिली ऑफिसेज का मौजूदा परिदृश्य
रिपोर्ट में उद्योग के अनुमानों के हवाले से कहा गया है कि भारत में वर्तमान में 300 से अधिक फैमिली ऑफिसेज हैं, जो सामूहिक रूप से 30 अरब डॉलर से अधिक की संपत्तियों का प्रबंधन कर रहे हैं। इसके अलावा, 3 करोड़ डॉलर से अधिक संपत्ति वाले भारतीय परिवारों की संख्या 2025 के करीब 16,000 से बढ़कर 2030 तक 26,000 होने की संभावना है।
गौरतलब है कि अगले दशक में पीढ़ीगत स्तर पर संपत्ति का हस्तांतरण 1.3 ट्रिलियन डॉलर से 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच सकता है — यह आँकड़ा भारतीय पूँजी बाज़ारों के लिए एक ऐतिहासिक पुनर्संरेखण का संकेत देता है।
नई पीढ़ी, नई निवेश रणनीति
रिपोर्ट के अनुसार, भारत के आधे से अधिक फैमिली ऑफिसेज में अब मिलेनियल्स और जेन-ज़ेड सदस्य निवेश संबंधी निर्णयों में सक्रिय रूप से भागीदारी कर रहे हैं। इस पीढ़ीगत बदलाव के चलते पारंपरिक स्थायी संपत्ति और शेयर बाज़ार निवेश की जगह वैकल्पिक परिसंपत्तियों और तकनीक-आधारित व्यवसायों की ओर रुझान बढ़ा है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मज़बूत कर रहा है और घरेलू संस्थागत पूँजी की माँग तेज़ हो रही है। लगभग 30 प्रतिशत फैमिली ऑफिसेज अब पारंपरिक निवेश साधनों की तुलना में स्टार्टअप निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।
हेल्थटेक, फिनटेक और AI पर दाँव
नई पीढ़ी के निवेशकों की प्राथमिकताएँ स्पष्ट रूप से हेल्थटेक, फिनटेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों की ओर झुकी हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि सत्त्वा ग्रुप के फैमिली ऑफिस ने तकनीकी निवेशों में विविधता लाई है, जबकि अर्था इंडिया वेंचर्स शुरुआती चरण के स्टार्टअप निवेशों के लिए पहचान बना चुका है — जिसमें OYO जैसे उपक्रमों में भागीदारी भी शामिल है।
पेशेंट कैपिटल: फैमिली ऑफिस की सबसे बड़ी ताक़त
विशेषज्ञों के अनुसार, फैमिली ऑफिसेज की सबसे बड़ी खासियत 'पेशेंट कैपिटल' की उपलब्धता है। पारंपरिक वेंचर कैपिटल फंड्स एक निश्चित समयसीमा में रिटर्न के दबाव में काम करते हैं, जबकि फैमिली ऑफिसेज लंबी अवधि का नज़रिया अपनाते हैं। इससे स्टार्टअप्स को विस्तार और लाभप्रदता हासिल करने के लिए अधिक समय मिलता है — जो प्रारंभिक चरण की कंपनियों के लिए निर्णायक हो सकता है।
इम्पैक्ट इन्वेस्टिंग की बढ़ती लोकप्रियता
स्टार्टअप फंडिंग के अलावा, इम्पैक्ट इन्वेस्टिंग भी भारत के धनाढ्य परिवारों के बीच तेज़ी से लोकप्रिय हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार, 2021 से 2024 के बीच 900 से अधिक उच्च संपत्ति वाले परिवारों ने इम्पैक्ट निवेश किए, जिनमें से कई ने अपने फैमिली ऑफिस ढाँचे के ज़रिये पूँजी लगाई। आने वाले वर्षों में यह प्रवृत्ति और मज़बूत होने की उम्मीद है, क्योंकि नई पीढ़ी सामाजिक व पर्यावरणीय प्रभाव को वित्तीय रिटर्न के साथ तौलकर निवेश कर रही है।