17 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

इंडिगो ने घरेलू उड़ानों में बढ़ाए शुल्क: शिशु यात्रा ₹3,000, अतिरिक्त सामान ₹800 प्रति किलो

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
इंडिगो ने घरेलू उड़ानों में बढ़ाए शुल्क: शिशु यात्रा ₹3,000, अतिरिक्त सामान ₹800 प्रति किलो

सारांश

इंडिगो ने एक साथ पाँच सहायक सेवाओं के शुल्क बढ़ाए हैं — शिशु यात्रा ₹2,000 से ₹3,000, एक्सेस बैगेज ₹700 से ₹800 प्रति किलो। मूल टिकट किराया नहीं बदला, लेकिन परिवारों और अधिक सामान ले जाने वाले यात्रियों की कुल लागत बढ़ेगी।

मुख्य बातें

इंडिगो ने 17 सितंबर 2026 से घरेलू उड़ानों में पाँच सहायक सेवाओं के शुल्क संशोधित किए।
शिशु यात्रा शुल्क ₹2,000 से बढ़कर ₹3,000 — ₹1,000 की एकमुश्त बढ़ोतरी ।
अतिरिक्त सामान शुल्क ₹700 से बढ़कर ₹800 प्रति किलोग्राम ।
बिना अभिभावक यात्रा करने वाले नाबालिगों की सेवा ₹5,000 से ₹5,999 हुई।
प्रायोरिटी चेक-इन व बोर्डिंग का संयुक्त शुल्क ₹450 से ₹650 ; ट्रैवल सर्टिफिकेट ₹200 से ₹300 ।
मूल टिकट किराए (बेस फेयर) में कोई बदलाव नहीं ।

इंडिगो एयरलाइन ने 17 सितंबर 2026 से अपनी घरेलू उड़ानों में कई सहायक सेवाओं के शुल्क संशोधित कर दिए हैं, जिससे शिशु यात्रा, अतिरिक्त सामान, बिना अभिभावक यात्रा करने वाले नाबालिगों, प्रायोरिटी सेवाओं और ट्रैवल सर्टिफिकेट पर यात्रियों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। हालाँकि एयरलाइन का मूल किराया (बेस फेयर) अपरिवर्तित रहेगा।

शिशु यात्रा शुल्क में बड़ी बढ़ोतरी

नई शुल्क संरचना के अनुसार, किसी वयस्क यात्री के साथ सफर करने वाले शिशु के लिए शुल्क ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 कर दिया गया है — यानी एकमुश्त ₹1,000 की वृद्धि। यह शुल्क तीन दिन से अधिक और दो वर्ष तक की आयु के शिशुओं पर लागू होगा।

इंडिगो की नीति के अनुसार शिशु को अलग सीट नहीं मिलेगी; उसे साथ यात्रा कर रहे वयस्क की गोद में बैठना होगा। प्रत्येक वयस्क के साथ केवल एक शिशु को यात्रा की अनुमति होगी। यह शुल्क बुकिंग के समय ही जमा करना अनिवार्य होगा और उड़ान के दौरान बच्चे की आयु का वैध प्रमाण माँगा जा सकता है।

अतिरिक्त सामान पर प्रति किलो ₹100 अधिक

घरेलू उड़ानों पर अतिरिक्त सामान (एक्सेस बैगेज) का शुल्क ₹700 प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर ₹800 प्रति किलोग्राम कर दिया गया है। निर्धारित बैगेज सीमा से अधिक सामान ले जाने वाले यात्रियों को हर किलो पर ₹100 अतिरिक्त चुकाने होंगे।

यह ऐसे समय में आया है जब हवाई यात्रा की माँग में लगातार वृद्धि हो रही है और यात्री पहले से ही बढ़ती टिकट दरों का सामना कर रहे हैं। गौरतलब है कि एक्सेस बैगेज शुल्क में यह बदलाव सबसे अधिक उन परिवारों को प्रभावित करेगा जो लंबी यात्राओं पर अधिक सामान ले जाते हैं।

बिना अभिभावक के यात्रा करने वाले बच्चों पर असर

बिना अभिभावक के यात्रा करने वाले नाबालिगों (अनअकंपनिड माइनर) के लिए दी जाने वाली विशेष निगरानी सेवा का शुल्क ₹5,000 से बढ़ाकर ₹5,999 कर दिया गया है। यह सेवा उन बच्चों के लिए अनिवार्य होती है जो किसी वयस्क के साथ यात्रा नहीं करते और यह एयरलाइन की पात्रता एवं यात्रा नियमों के अधीन रहती है।

प्रायोरिटी सेवाएँ और ट्रैवल सर्टिफिकेट भी महँगे

प्रायोरिटी चेक-इन और प्रायोरिटी बोर्डिंग के संयुक्त शुल्क को ₹450 से बढ़ाकर ₹650 कर दिया गया है, यानी यात्रियों को इस सुविधा के लिए ₹200 अधिक देने होंगे। इसके साथ ही ट्रैवल सर्टिफिकेट जारी करने का शुल्क भी ₹200 से बढ़ाकर ₹300 कर दिया गया है।

एयरलाइन की ओर से इन बढ़ोतरियों के पीछे कोई आधिकारिक कारण अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है, हालाँकि परिचालन लागत में वृद्धि और ईंधन की कीमतें इस तरह के संशोधनों के सामान्य कारण माने जाते हैं।

आम यात्री पर क्या होगा असर

इन संशोधनों के बाद इंडिगो की घरेलू उड़ानों में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए कई वैकल्पिक और सहायक सेवाओं की कुल लागत बढ़ जाएगी। शिशुओं के साथ यात्रा करने वाले परिवारों, अधिक सामान ले जाने वाले यात्रियों और अपने बच्चों को अकेले भेजने वाले अभिभावकों पर यह बोझ सबसे अधिक पड़ेगा। एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि मूल टिकट किराए में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन सहायक शुल्कों की इस श्रृंखला से कुल यात्रा लागत में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ बेस फेयर को कम या स्थिर रखकर सहायक शुल्कों से राजस्व बढ़ाया जाता है — एक रणनीति जो यूरोपीय बजट एयरलाइनों ने दशकों पहले अपनाई थी। चिंता की बात यह है कि इन शुल्कों की मार सबसे अधिक उन यात्रियों पर पड़ती है जिनके पास विकल्प कम हैं — शिशुओं के साथ यात्रा करने वाले परिवार, बच्चों को अकेले भेजने वाले अभिभावक। एयरलाइन ने इन बढ़ोतरियों के पीछे कोई ठोस कारण नहीं बताया है, जो पारदर्शिता के दृष्टिकोण से एक चूक है। यदि यह प्रवृत्ति जारी रही, तो नागरिक उड्डयन मंत्रालय को एयरलाइन सहायक शुल्कों की निगरानी के लिए स्पष्ट नियामक ढाँचा बनाने पर विचार करना होगा।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिगो ने घरेलू उड़ानों में कौन-से शुल्क बढ़ाए हैं?
इंडिगो ने शिशु यात्रा (₹2,000 से ₹3,000), अतिरिक्त सामान (₹700 से ₹800 प्रति किलो), बिना अभिभावक नाबालिग सेवा (₹5,000 से ₹5,999), प्रायोरिटी चेक-इन व बोर्डिंग (₹450 से ₹650) और ट्रैवल सर्टिफिकेट (₹200 से ₹300) के शुल्क बढ़ाए हैं। मूल टिकट किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इंडिगो का नया शिशु यात्रा शुल्क क्या है और यह किस पर लागू होगा?
नया शिशु यात्रा शुल्क ₹3,000 है, जो तीन दिन से अधिक और दो वर्ष तक की आयु के शिशुओं पर लागू होगा। शिशु को वयस्क यात्री की गोद में यात्रा करनी होगी और प्रत्येक वयस्क के साथ केवल एक शिशु को अनुमति है।
इंडिगो का अतिरिक्त सामान शुल्क अब कितना है?
संशोधन के बाद इंडिगो की घरेलू उड़ानों में अतिरिक्त सामान का शुल्क ₹800 प्रति किलोग्राम हो गया है, जो पहले ₹700 प्रति किलोग्राम था। यानी हर अतिरिक्त किलो पर ₹100 अधिक देने होंगे।
बिना अभिभावक यात्रा करने वाले बच्चों के लिए इंडिगो का शुल्क क्या है?
अनअकंपनिड माइनर (बिना अभिभावक यात्रा करने वाले नाबालिगों) के लिए विशेष सेवा का शुल्क अब ₹5,999 हो गया है, जो पहले ₹5,000 था। यह सेवा एयरलाइन की पात्रता एवं यात्रा नियमों के अधीन दी जाती है।
क्या इंडिगो के मूल टिकट किराए में भी बदलाव हुआ है?
नहीं, इंडिगो ने केवल सहायक सेवाओं के शुल्क संशोधित किए हैं। एयरलाइन का मूल टिकट किराया (बेस फेयर) इन बदलावों से अप्रभावित है। बढ़ोतरी केवल वैकल्पिक और यात्रा-संबंधी सहायक सेवाओं पर लागू होती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले