मारुति सुजुकी की मई 2026 में रिकॉर्ड बिक्री: 2,42,688 वाहन, घरेलू बाज़ार में 39% उछाल
सारांश
मुख्य बातें
मारुति सुजुकी इंडिया ने मई 2026 में 2,42,688 वाहनों की बिक्री दर्ज कर अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ मासिक प्रदर्शन हासिल किया — और इस तरह अप्रैल 2026 में बनाए गए अपने ही पिछले रिकॉर्ड को महज एक महीने में पीछे छोड़ दिया। मई 2025 की 1,80,077 यूनिट्स की तुलना में कुल बिक्री में 34.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
मुख्य बिक्री आँकड़े
घरेलू बाज़ार में कंपनी ने 1,93,535 यूनिट्स बेचीं, जो मई 2025 की 1,38,690 यूनिट्स के मुकाबले लगभग 39 प्रतिशत अधिक है। निर्यात मोर्चे पर भी कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन किया — मई 2026 में 41,914 यूनिट्स का निर्यात हुआ, जबकि मई 2025 में यह आँकड़ा 31,219 यूनिट्स था। इसके अलावा अन्य ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEM) को 7,239 वाहनों की आपूर्ति की गई।
सेगमेंट-वार प्रदर्शन
पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट — जिसमें हैचबैक, सेडान, वैन और यूटिलिटी वाहन शामिल हैं — बिक्री वृद्धि का सबसे बड़ा चालक रहा। इस श्रेणी में 1,90,337 वाहन बेचे गए, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह संख्या 1,35,962 थी।
ब्रेजा, फ्रॉन्क्स, जिम्नी, ग्रैंड विटारा, विक्टोरिस, अर्टिगा, एक्सएल6 और इनविक्टो जैसे यूटिलिटी वाहनों की बिक्री 44.4 प्रतिशत उछलकर 79,267 यूनिट्स पर पहुँच गई, जो मई 2025 में 54,899 यूनिट्स थी। वहीं, एंट्री-लेवल मॉडल ऑल्टो और एस-प्रेसो की बिक्री दोगुने से भी अधिक बढ़कर 16,275 यूनिट्स हो गई। कमर्शियल वाहन खंड में भी सुधार देखा गया — बिक्री 3,198 यूनिट्स रही, जो पिछले वर्ष 2,728 यूनिट्स थी।
लगातार टूटते रिकॉर्ड
गौरतलब है कि अप्रैल 2026 में भी कंपनी ने 2,39,646 वाहनों की कुल बिक्री के साथ रिकॉर्ड बनाया था, जो अप्रैल 2025 की 1,79,791 यूनिट्स से 33.29 प्रतिशत अधिक था। उस महीने घरेलू बिक्री 1,91,122 यूनिट्स रही थी, जिसने दिसंबर 2025 में बने 1,82,165 यूनिट्स के रिकॉर्ड को पार किया था। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय यात्री वाहन उद्योग समग्र रूप से मज़बूत माँग का अनुभव कर रहा है।
लॉजिस्टिक्स और कीमतों पर बड़े फैसले
कंपनी ने पहले घोषणा की थी कि वह वित्त वर्ष 2030-31 तक रेल मार्ग से वाहन परिवहन का हिस्सा बढ़ाकर 35 प्रतिशत करना चाहती है। इसके लिए आगामी खरखौदा विनिर्माण इकाई में इन-प्लांट रेलवे साइडिंग स्थापित की जाएगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी, ईंधन बचत और सड़कों पर यातायात दबाव में राहत मिलने की उम्मीद है।
इसके साथ ही, कंपनी ने मई 2026 में यह भी घोषणा की थी कि जून 2026 से उसके विभिन्न मॉडलों की कीमतों में अधिकतम ₹30,000 तक की बढ़ोतरी की जाएगी। कंपनी के अनुसार, ऑटोमोबाइल उद्योग में कच्चे माल और परिचालन लागत में लगातार वृद्धि के चलते यह निर्णय लिया गया है।
आगे क्या
लगातार दो महीनों में रिकॉर्ड बिक्री और जून से कीमतों में संभावित बढ़ोतरी के बीच, उद्योग विश्लेषकों की नज़र इस पर होगी कि क्या मूल्य वृद्धि का असर आने वाले महीनों में माँग पर पड़ता है। खरखौदा संयंत्र के चालू होने के साथ मारुति की उत्पादन क्षमता में और विस्तार अपेक्षित है।