मारुति सुजुकी का रेल लॉजिस्टिक्स में रिकॉर्ड: 30 लाख वाहनों की ढुलाई, हिस्सेदारी 26.5% पर पहुँची

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मारुति सुजुकी का रेल लॉजिस्टिक्स में रिकॉर्ड: 30 लाख वाहनों की ढुलाई, हिस्सेदारी 26.5% पर पहुँची

सारांश

मारुति सुजुकी ने रेलवे के जरिए 30 लाख वाहन डिस्पैच का मील का पत्थर पार किया — और यह महज एक संख्या नहीं है। एक दशक में 5% से 26.5% की यह छलांग, ₹13,720 मिलियन का ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और 2030-31 तक 35% का लक्ष्य भारत के ऑटोमोबाइल लॉजिस्टिक्स में एक बड़े बदलाव का संकेत है।

मुख्य बातें

मारुति सुजुकी ने भारतीय रेलवे के जरिए 30 लाख से अधिक वाहनों की डिस्पैच का रिकॉर्ड बनाया।
रेल परिवहन की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2014-15 में 5% से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 26.5% हो गई।
20 लाख से 30 लाख वाहनों का सफर मात्र 21 महीनों में पूरा हुआ — कंपनी के इतिहास की सबसे तेज़ वृद्धि।
ग्रीन लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹13,720 मिलियन से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धता।
हंसलपुर (गुजरात) और मानेसर (हरियाणा) प्लांट में इन-प्लांट रेलवे साइडिंग; संयुक्त क्षमता 7.5 लाख वाहन प्रतिवर्ष।
लक्ष्य: वित्त वर्ष 2030-31 तक रेल डिस्पैच हिस्सेदारी 35% तक पहुँचाना।

भारत की सबसे बड़ी पैसेंजर व्हीकल निर्माता मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने 13 मई 2026 को घोषणा की कि उसने भारतीय रेलवे नेटवर्क के माध्यम से 30 लाख से अधिक वाहनों की डिस्पैच का ऐतिहासिक आँकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि कंपनी की ग्रीन और टिकाऊ लॉजिस्टिक्स रणनीति की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।

एक दशक में नौ गुना वृद्धि

आँकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2014-15 में मारुति सुजुकी के कुल वाहन डिस्पैच में रेल परिवहन की हिस्सेदारी महज 5 प्रतिशत थी, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 26.5 प्रतिशत हो गई है। कंपनी के अनुसार, 2014 के बाद से रेल आधारित माल ढुलाई लगभग नौ गुना बढ़ चुकी है।

गौरतलब है कि 20 लाख से 30 लाख वाहनों की ढुलाई का यह सफर मात्र 21 महीनों में पूरा किया गया — जो कंपनी के इतिहास में रेलवे के जरिए 10 लाख अतिरिक्त वाहनों की सबसे तेज़ वृद्धि है।

कंपनी प्रमुख की प्रतिक्रिया

मारुति सुजुकी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिसाशी ताकेउची ने इस उपलब्धि को कंपनी की ग्रीन लॉजिस्टिक्स यात्रा में एक अहम पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि रेल आधारित परिवहन अब कंपनी के कुल वाहन डिस्पैच का एक चौथाई से अधिक हिस्सा बन चुका है।

ताकेउची ने सरकार की पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान की सराहना करते हुए कहा कि इस योजना ने इंटीग्रेटेड और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स के लिए एक मजबूत ढाँचा तैयार किया है, जिससे उद्योगों को रेल आधारित माल परिवहन अपनाने में सहायता मिली है।

ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश

कंपनी ने समर्पित ग्रीन लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹13,720 मिलियन से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। मारुति सुजुकी फिलहाल भारत की पहली और एकमात्र पैसेंजर व्हीकल निर्माता कंपनी है, जिसके दो मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स — गुजरात के हंसलपुर और हरियाणा के मानेसर — में इन-प्लांट रेलवे साइडिंग की सुविधा उपलब्ध है। ये दोनों सुविधाएँ पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत विकसित की गई हैं और इनकी संयुक्त वार्षिक डिस्पैच क्षमता 7.5 लाख वाहन है।

नेटवर्क विस्तार और भविष्य की योजना

वर्तमान में कंपनी का रेल नेटवर्क हब-एंड-स्पोक लॉजिस्टिक्स मॉडल के तहत 22 हब्स के माध्यम से देश के 600 से अधिक शहरों को सेवाएँ दे रहा है। कंपनी की आगामी खरखोदा मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में भी इन-प्लांट रेलवे साइडिंग स्थापित की जाएगी।

ताकेउची ने बताया कि कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2030-31 तक रेल आधारित वाहन डिस्पैच की हिस्सेदारी को 35 प्रतिशत तक पहुँचाना है। कंपनी के अनुसार, इस रणनीति से कार्बन उत्सर्जन में कमी, ईंधन की बचत और सड़कों पर यातायात का दबाव घटाने में मदद मिलेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या बाकी ऑटोमोबाइल उद्योग इस राह पर चलेगा। एक दशक में 5% से 26.5% की वृद्धि दर्शाती है कि रेल लॉजिस्टिक्स व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य है — फिर भी यह अभी तक उद्योग-व्यापी मानक नहीं बना। पीएम गति शक्ति की सराहना करना एक बात है, लेकिन जब तक रेलवे की लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और टाइमलाइन विश्वसनीयता में सुधार नहीं होता, अन्य निर्माता इस मॉडल को अपनाने में हिचकिचाते रहेंगे। मारुति की खरखोदा साइडिंग योजना एक सही दिशा में कदम है, पर 35% का लक्ष्य तभी हासिल होगा जब रेलवे की क्षमता और कंपनी की उत्पादन वृद्धि दोनों एक साथ चलें।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मारुति सुजुकी ने रेलवे के जरिए 30 लाख वाहनों की डिस्पैच का रिकॉर्ड कब बनाया?
मारुति सुजुकी ने 13 मई 2026 को इस उपलब्धि की घोषणा की। 20 लाख से 30 लाख वाहनों का यह सफर मात्र 21 महीनों में पूरा किया गया, जो कंपनी के इतिहास में सबसे तेज़ वृद्धि है।
मारुति सुजुकी के रेल परिवहन की हिस्सेदारी कितनी बढ़ी है?
वित्त वर्ष 2014-15 में रेल परिवहन की हिस्सेदारी 5% थी, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 26.5% हो गई है। 2014 के बाद से रेल आधारित माल ढुलाई लगभग नौ गुना बढ़ चुकी है।
मारुति सुजुकी के किन प्लांट्स में रेलवे साइडिंग की सुविधा है?
मारुति सुजुकी के गुजरात के हंसलपुर और हरियाणा के मानेसर स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में इन-प्लांट रेलवे साइडिंग मौजूद है। इन दोनों की संयुक्त वार्षिक डिस्पैच क्षमता 7.5 लाख वाहन है।
मारुति सुजुकी का ग्रीन लॉजिस्टिक्स में निवेश कितना है और भविष्य की क्या योजना है?
कंपनी ने समर्पित ग्रीन लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹13,720 मिलियन से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। कंपनी वित्त वर्ष 2030-31 तक रेल आधारित डिस्पैच की हिस्सेदारी 35% तक पहुँचाना चाहती है और आगामी खरखोदा प्लांट में भी रेलवे साइडिंग स्थापित करेगी।
मारुति सुजुकी का रेल नेटवर्क देश के कितने शहरों को कवर करता है?
मारुति सुजुकी का रेल नेटवर्क हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत 22 हब्स के जरिए देश के 600 से अधिक शहरों को सेवाएँ प्रदान कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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