7 अक्टूबर 2026
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यूपीआई एमडीआर से लेनदेन की मात्रा पर असर नहीं: आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा

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यूपीआई एमडीआर से लेनदेन की मात्रा पर असर नहीं: आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा

सारांश

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने साफ किया कि 15 अक्टूबर से लागू होने वाली 0.4% MDR फीस UPI वॉल्यूम को नहीं घटाएगी। NPCI के अनुसार 75% व्यापारी वैसे भी ₹2,000 की सीमा से नीचे काम करते हैं — यानी असर बेहद सीमित वर्ग पर पड़ेगा।

मुख्य बातें

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 7 अक्टूबर 2026 को कहा कि MDR से UPI वॉल्यूम पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा।
NPCI ने 15 अक्टूबर से ₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन पर 0.4% MDR शुल्क लागू करने की घोषणा की है।
भारत में 6 करोड़ से अधिक UPI व्यापारियों में से 75% ने कभी ₹2,000 से अधिक का लेनदेन नहीं किया, इसलिए उन पर MDR का असर नहीं होगा।
NPCI CEO दिलीप अस्बे ने कहा कि अधिकांश व्यापारी नई MDR नीति से अप्रभावित रहेंगे।
RBI ने ब्याज दरों में बदलाव की संभावना को खारिज करते हुए बैंक ऋण वृद्धि मज़बूत रहने का भरोसा जताया।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 7 अक्टूबर 2026 को मुंबई स्थित RBI मुख्यालय में कहा कि बेहद कम मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) से यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के लेनदेन की मात्रा पर कोई उल्लेखनीय प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्रीय बैंक को अब तक UPI वॉल्यूम में किसी प्रकार की गिरावट नहीं दिखी है।

गवर्नर का बयान

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मल्होत्रा ने कहा, 'फिलहाल हमें लेनदेन की मात्रा में कोई गिरावट नहीं दिख रही है और मुझे व्यक्तिगत रूप से नहीं लगता कि एक छोटी सी फीस लेनदेन की मात्रा पर कोई बड़ा प्रभाव डालेगी।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने 15 अक्टूबर से ₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन पर 0.4% MDR शुल्क लागू करने की घोषणा की है।

NPCI का रुख और व्यापारियों पर प्रभाव

इससे पहले NPCI के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिलीप अस्बे ने बताया था कि देश के करीब तीन-चौथाई डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारियों पर नई MDR नीति का कोई असर नहीं पड़ेगा। इसका कारण यह है कि इन व्यापारियों ने कभी भी ₹2,000 से अधिक का कोई UPI लेनदेन दर्ज नहीं किया।

भारत में 6 करोड़ से अधिक व्यापारी डिजिटल भुगतान स्वीकार करते हैं। इनमें से 75% ने आज तक ₹2,000 से ऊपर का एकल UPI लेनदेन नहीं किया है, जिससे MDR नीति का व्यापक प्रभाव सीमित रहने की संभावना है। अस्बे ने कहा, 'अधिकांश व्यापारी एमडीआर से प्रभावित नहीं होंगे।'

ब्याज दरें और ऋण वृद्धि

RBI की ओर से ब्याज दरें बढ़ाने और कटौती की संभावना को खारिज किए जाने के कुछ घंटों बाद मल्होत्रा ने कहा कि बैंक ऋण वृद्धि मज़बूत बनी रहने और व्यापक आर्थिक गतिविधियों को समर्थन मिलने की उम्मीद है। यह संकेत घरेलू अर्थव्यवस्था की स्थिरता को लेकर केंद्रीय बैंक के भरोसे को दर्शाता है।

गैर-बैंकिंग संस्थाओं पर सतर्कता

RBI गवर्नर ने यह भी स्वीकार किया कि केंद्रीय बैंक गैर-बैंकिंग ऋणदाताओं (Non-Bank Lenders) के पास मौजूद अतिरिक्त तरलता और उसके संपत्ति गुणवत्ता पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर सतर्क है। हालाँकि, उन्होंने कहा कि उन्हें इन चिंताओं के वास्तव में सच होने की संभावना कम ही लगती है।

आगे क्या होगा

15 अक्टूबर 2026 से NPCI की MDR नीति लागू होने के बाद डिजिटल भुगतान परिदृश्य में किस हद तक बदलाव आता है, यह देखने वाली बात होगी। RBI की निगरानी और NPCI के आँकड़े आने वाले महीनों में इस नीति के वास्तविक प्रभाव को स्पष्ट करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि क्या 0.4% MDR लंबे समय में बड़े व्यापारियों को UPI से दूर कर सकता है — यह वह वर्ग है जो UPI की कुल लेनदेन राशि में असमानुपातिक योगदान देता है। गौरतलब है कि UPI की सफलता की बुनियाद ही शून्य लागत रही है; किसी भी शुल्क की शुरुआत मनोवैज्ञानिक असर डाल सकती है, भले ही आँकड़े अभी स्थिरता दिखाएँ। NPCI का 75% वाला तर्क मात्रा-आधारित है, मूल्य-आधारित नहीं — और भुगतान प्रणाली की दीर्घकालिक टिकाऊता के लिए मूल्य अधिक मायने रखता है।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UPI पर MDR फीस क्या है और कब से लागू होगी?
NPCI ने 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन पर 0.4% MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) शुल्क लागू करने की घोषणा की है। यह शुल्क व्यापारियों पर लागू होगा जो बड़े मूल्य के UPI भुगतान स्वीकार करते हैं।
RBI गवर्नर ने MDR को लेकर क्या कहा?
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 7 अक्टूबर 2026 को कहा कि उन्हें UPI वॉल्यूम में अभी तक कोई गिरावट नहीं दिखी और एक छोटी सी MDR फीस लेनदेन की मात्रा पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं डालेगी। उनका कहना था कि डिजिटल भुगतान की वृद्धि जारी रहने की उम्मीद है।
कितने व्यापारियों पर MDR का असर पड़ेगा?
NPCI के अनुसार भारत के 6 करोड़ से अधिक UPI व्यापारियों में से करीब 75% ने कभी ₹2,000 से अधिक का एकल लेनदेन नहीं किया है। इसलिए नई MDR नीति का असर केवल शेष 25% व्यापारियों पर पड़ेगा जो बड़े मूल्य के लेनदेन करते हैं।
MDR लागू होने से आम उपभोक्ताओं पर क्या असर पड़ेगा?
फिलहाल यह MDR व्यापारियों पर लागू होगी, सीधे उपभोक्ताओं पर नहीं। हालाँकि अर्थशास्त्रियों का मानना है कि व्यापारी इस लागत को अप्रत्यक्ष रूप से मूल्य निर्धारण में शामिल कर सकते हैं, जिससे दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है।
RBI ने ब्याज दरों को लेकर क्या संकेत दिया?
RBI ने ब्याज दरें बढ़ाने या घटाने की संभावना को फिलहाल खारिज किया है और बैंक ऋण वृद्धि के मज़बूत बने रहने का भरोसा जताया है। गवर्नर मल्होत्रा ने गैर-बैंकिंग संस्थाओं की अतिरिक्त तरलता पर सतर्कता का उल्लेख किया, लेकिन बड़ी चिंता की संभावना से इनकार किया।
राष्ट्र प्रेस
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