आईफोन फैक्ट्रियों में एक लाख महिलाओं को रोजगार मिल रहा है: अश्विनी वैष्णव
सारांश
Key Takeaways
- महिलाओं का सशक्तिकरण: 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत रोजगार के अवसर।
- रोजगार की संख्या: आईफोन फैक्ट्रियों में एक लाख से अधिक महिलाएं कार्यरत।
- प्रशिक्षण: कर्मचारियों को काम शुरू करने से पहले मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाता है।
मुंबई, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'मेक इन इंडिया' योजना से महिलाओं का सशक्तिकरण हो रहा है। इलेक्ट्रॉनिक निर्माण क्षेत्र महिलाओं के लिए नए रोजगार के अवसरों का सृजन कर रहा है और देश में स्थित आईफोन फैक्ट्रियों में एक लाख से अधिक महिलाएं काम कर रही हैं।
केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ पहल महिलाओं को सशक्त बना रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षेत्र महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहा है।"
उन्होंने आगे बताया कि "कई कारखानों में आधे से अधिक कर्मचारी महिलाएं हैं। अकेले आईफोन कारखानों में ही 1 लाख से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं। महिला कर्मचारी अत्यधिक जटिल सेमीकंडक्टर संयंत्रों में भी अपनी क्षमता साबित कर रही हैं।"
इसके साथ ही वैष्णव ने एक लेख साझा किया है जिसमें देश में आईफोन निर्माण के बढ़ते अवसरों के बारे में जानकारी दी गई है।
इस लेख के अनुसार, देश में एप्पल फॉक्सकॉन और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के माध्यम से पांच आईफोन फैक्ट्रियों का संचालन किया जा रहा है। इनमें पीक प्रोडक्शन साइकिल के दौरान 1,40,000 कर्मचारियों को रोजगार मिलता है, जिनमें से 1,00,000 महिलाएं हैं, जिनमें से अधिकांश की उम्र 19-24 वर्ष है।
इनमें से ज्यादातर महिलाओं के लिए यह पहली नौकरी है। हर कर्मचारी को काम शुरू करने से पहले एक छह हफ्ते की ट्रेनिंग दी जाती है, जो कि प्लांट चलाने वाली कंपनी द्वारा मुफ्त में प्रदान की जाती है, ताकि कर्मचारी एसेंबली लाइन पर जाने से पहले काम की सभी बारीकियों को समझ सकें।
एप्पल ने 2025 में भारत में उत्पादन को लगभग 53 प्रतिशत बढ़ाया है और इस दौरान लगभग 5.5 करोड़ यूनिट्स की असेंबली की है, जो कि पिछले वर्ष में 3.6 करोड़ यूनिट्स थी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, एप्पल अमेरिका में चीनी उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ से बचने के लिए भारत में अपने लगभग एक चौथाई फ्लैगशिप उत्पादों का उत्पादन कर रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एप्पल वैश्विक स्तर पर प्रतिवर्ष लगभग 22-23 करोड़ आईफोन का उत्पादन करता है, जिसमें भारत की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है। इसका कारण सरकार द्वारा प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) के तहत मिलने वाला प्रोत्साहन है।