MP FDA ने पतंजलि के काउ घी बैच को असुरक्षित घोषित किया, बुरहानपुर में वापसी का आदेश
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने पतंजलि फूड्स लिमिटेड के काउ घी के एक विशेष बैच को खाद्य सुरक्षा मानकों पर अनुत्तीर्ण पाते हुए उसे बाज़ार से वापस मंगाने का आदेश जारी किया है। कंपनी ने शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को एक्सचेंज फाइलिंग के माध्यम से यह जानकारी दी। यह कार्रवाई बुरहानपुर जिले में लागू की गई है और खाद्य सुरक्षा उल्लंघन के आधार पर की गई बताई जा रही है।
क्या है मामला
कंपनी की एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, मध्य प्रदेश FDA के अधिकारियों ने पतंजलि फूड्स के काउ घी का एक नमूना लिया था, जिसकी जांच में वह बैच फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (फूड प्रोडक्ट्स स्टैंडर्ड्स एंड फूड एडिटिव्स एंड कंटामिनेंट्स, टॉक्सिन्स एंड रेजिड्यूज) रेगुलेशंस, 2011 के तहत निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरा। इस आधार पर नामित अधिकारी ने उस बैच की बाज़ार वापसी का आदेश दे दिया।
गौरतलब है कि पतंजलि फूड्स ने स्पष्ट किया है कि कंपनी इस आदेश के खिलाफ अपील दायर कर रही है। कंपनी का कहना है कि इस कार्रवाई का उसकी 'वित्तीय और परिचालन गतिविधियों पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं है, सिवाय उस विशेष बैच के काउ घी के मूल्य के।'
शेयर बाज़ार पर असर
शेयर बाज़ार के आँकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को पतंजलि फूड्स का शेयर BSE पर 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ ₹351 पर बंद हुआ। पिछले 52 सप्ताहों में इस शेयर ने ₹613.95 का उच्चतम और ₹328.05 का न्यूनतम स्तर दर्ज किया है।
दीर्घकालिक प्रदर्शन की बात करें तो बीते एक वर्ष में कंपनी के शेयर में लगभग 41 प्रतिशत और पिछले तीन वर्षों में करीब 16 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। हालाँकि, पाँच वर्षों की अवधि में यह शेयर लगभग 5 प्रतिशत का सकारात्मक रिटर्न देने में सफल रहा है।
पुराने विवादों का संदर्भ
यह पहली बार नहीं है जब पतंजलि फूड्स किसी खाद्य सुरक्षा विवाद में घिरी हो। इससे पहले जून 2026 में कंपनी के ज्वार आटे के एक बैच को लेकर विवाद सामने आया था, जब केरल के कन्नूर जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने उस बैच में निर्धारित सीमा से अधिक कीटनाशक अवशेष पाए जाने पर बिक्री पर रोक लगा दी थी। उस घटना के बाद कंपनी के शेयर लगातार पाँच दिनों तक गिरावट में रहे थे।
यह ऐसे समय में आया है जब देश में खाद्य नियामकों की सक्रियता बढ़ी है और उपभोक्ता संगठन प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता जाँच पर ज़ोर दे रहे हैं। काउ घी से जुड़ा यह नया मामला पतंजलि फूड्स के लिए एक और नियामकीय चुनौती के रूप में सामने आया है।
आगे क्या होगा
कंपनी द्वारा दायर अपील का निपटारा नामित अधिकारी के समक्ष होना है। इस बीच, संबंधित बैच की बाज़ार वापसी की प्रक्रिया जारी रहेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अपील में राहत न मिली, तो कंपनी को उस बैच का पूरा मूल्य बट्टे खाते में डालना पड़ सकता है, हालाँकि समग्र व्यवसाय पर इसका असर सीमित बताया जा रहा है।