मुंबई प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन सितंबर 2026 में 12,622 पर, 14 साल का रिकॉर्ड; गणेश चतुर्थी ने दिया बड़ा बूस्ट
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के रियल एस्टेट बाज़ार ने सितंबर 2026 में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की — शहर में इस महीने 12,622 संपत्ति पंजीकरण हुए, जो पिछले 14 वर्षों में किसी भी सितंबर का सर्वोच्च स्तर है। प्रॉपर्टी कंसल्टेंट नाइट फ्रैंक इंडिया की 30 सितंबर 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, यह आँकड़ा पिछले वर्ष सितंबर में दर्ज 12,070 पंजीकरणों से 5 प्रतिशत अधिक है और पिछले एक दशक के औसत से भी काफी ऊपर है।
मासिक आँकड़ों का विश्लेषण
सितंबर के 12,622 पंजीकरण अगस्त 2026 के 12,580 यूनिट्स से भी अधिक रहे, जो लगातार दो महीनों की मज़बूती को दर्शाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह निरंतरता संकेत देती है कि मुंबई का आवासीय बाज़ार महज़ मौसमी उछाल पर नहीं, बल्कि टिकाऊ माँग पर टिका है।
हालाँकि, स्टांप ड्यूटी संग्रह में विपरीत रुझान देखा गया। सितंबर 2026 में स्टांप ड्यूटी से ₹1,227 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ, जो एक वर्ष पहले की तुलना में 5 प्रतिशत कम है। रिपोर्ट के अनुसार, यह अंतर यह दर्शाता है कि कुल माँग मज़बूत होने के बावजूद संपत्ति सौदों की संरचना और मूल्य श्रेणियों में कुछ बदलाव आया है — यानी कम कीमत वाले और मध्य-आय वर्ग के मकानों की हिस्सेदारी बढ़ी है।
गणेश चतुर्थी का त्योहारी असर
रिपोर्ट में विशेष रूप से गणेश चतुर्थी पर्व की भूमिका को रेखांकित किया गया है। 14 से 25 सितंबर के बीच त्योहारी अवधि में मुंबई में 5,379 प्रॉपर्टी पंजीकरण दर्ज हुए — पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक और पिछले चार वर्षों का सर्वोच्च त्योहारी आँकड़ा।
इसी अवधि में स्टांप ड्यूटी संग्रह भी 32 प्रतिशत उछलकर ₹640 करोड़ पर पहुँच गया, जो सितंबर के कुल स्टांप ड्यूटी राजस्व के आधे से अधिक है। यह ऐसे समय में आया है जब रियल एस्टेट क्षेत्र में त्योहारी सीज़न को माँग का सबसे बड़ा उत्प्रेरक माना जाता है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर शिशिर बैजल ने कहा कि मुंबई के आवासीय बाज़ार में माँग की मज़बूती लगातार बनी हुई है, जिसके कारण सितंबर में 14 वर्षों का सर्वाधिक पंजीकरण दर्ज हुआ। उन्होंने कहा कि गणेश चतुर्थी के दौरान बढ़ी खरीदार गतिविधियों ने इस प्रदर्शन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
बैजल ने यह भी कहा कि खरीदार अब पहले की तुलना में अधिक चयनात्मक रवैया अपना रहे हैं — अच्छी कनेक्टिविटी, मज़बूत सामाजिक और भौतिक अवसंरचना तथा बेहतर लोकेशन वाले प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दी जा रही है। गौरतलब है कि यह प्रवृत्ति मुंबई के प्रीमियम और मिड-सेगमेंट आवास की माँग को अलग-अलग दिशाओं में ले जा सकती है।
बाज़ार की दीर्घकालिक तस्वीर
रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2026 के आँकड़े पिछले एक दशक के औसत से काफी ऊपर हैं, जो दर्शाता है कि मुंबई का रियल एस्टेट बाज़ार महामारी के बाद की मंदी से पूरी तरह उबर चुका है। यह Nवाँ लगातार महीना है जब पंजीकरण संख्या एक दशक के औसत को पार करती है।
आगे आने वाले दिनों में नवरात्रि और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारी सीज़न की माँग यह तय करेगी कि क्या यह गति अक्टूबर-नवंबर 2026 में भी बरकरार रहती है।