नैसकॉम का बड़ा फैसला: श्रीकांत वेलमाकन्नी बने नए चेयरपर्सन, AI युग में संभाली कमान
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 23 अप्रैल 2025 — भारत के सबसे प्रभावशाली आईटी उद्योग संगठन नैसकॉम (NASSCOM) ने गुरुवार, 23 अप्रैल 2025 को श्रीकांत वेलमाकन्नी को अपना नया चेयरपर्सन नियुक्त करने की घोषणा की। वेलमाकन्नी भारत के शुरुआती और अग्रणी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) केंद्रित उद्यमों के सह-संस्थापक हैं और यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक टेक्नोलॉजी उद्योग AI-आधारित परिवर्तन के एक निर्णायक दौर से गुजर रहा है।
किसकी जगह लेंगे वेलमाकन्नी?
श्रीकांत वेलमाकन्नी, एसएपी लैब्स इंडिया (SAP Labs India) की प्रबंध निदेशक सिंधु गंगाधरन का स्थान लेंगे, जिनका चेयरपर्सन के रूप में कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त हो रहा है। वेलमाकन्नी इससे पहले छह वर्षों से अधिक समय तक नैसकॉम के वाइस चेयरमैन और कार्यकारी परिषद के सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। यह अनुभव उन्हें संगठन की आंतरिक कार्यप्रणाली और उद्योग की जटिलताओं से पहले से परिचित बनाता है।
वेलमाकन्नी की प्राथमिकताएं और एजेंडा
नैसकॉम के प्रेसिडेंट राजेश नाम्बियार और कार्यकारी परिषद के साथ मिलकर, वेलमाकन्नी उद्योग के एजेंडे को परस्पर जुड़ी प्राथमिकताओं के माध्यम से आगे बढ़ाएंगे, जो वैश्विक टेक्नोलॉजी परिदृश्य की बदलती दिशा को प्रतिबिंबित करती हैं।
उनका मुख्य ध्यान AI के साथ सेवाओं के परिवर्तन को गति देने पर होगा। साथ ही वे उत्पाद नवाचार और एजेंटिक AI को बढ़ावा देकर भारत को वैश्विक बाजारों के लिए स्वायत्त मल्टीएजेंट सिस्टम और वर्टिकल AI उत्पादों के अग्रणी स्रोत के रूप में स्थापित करना चाहते हैं।
वेलमाकन्नी के शब्दों में, "AI की प्रगति से छोटे-बड़े सभी उद्यमों के लिए अपने कारोबार को नए सिरे से परिभाषित करने के अभूतपूर्व अवसर खुल रहे हैं। इस AI-आधारित परिवर्तन में भारत की अहम भूमिका होगी।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले वर्ष में कर्मचारियों को AI-नेतृत्व के लिए तैयार करना उनकी शीर्ष प्राथमिकता रहेगी।
नाम्बियार और गंगाधरन ने क्या कहा?
राजेश नाम्बियार ने वेलमाकन्नी की नियुक्ति पर कहा, "वे इस भूमिका में उद्यमशीलता की भावना और AI की गहरी समझ का एक दुर्लभ संयोजन लेकर आए हैं। उनके नेतृत्व में हम टेक्नोलॉजी उद्योग को विश्व के सबसे भरोसेमंद AI-आधारित परिवर्तन भागीदार के रूप में स्थापित करना जारी रखेंगे।"
विदाई लेती चेयरपर्सन सिंधु गंगाधरन ने कहा, "असाधारण महत्वाकांक्षा, गति और गहरी जिम्मेदारी की भावना के साथ AI के इस युग में कदम रखते हुए, मुझे विश्वास है कि श्रीकांत इस एजेंडे को इसके प्रभाव के अगले चरण तक ले जाएंगे।"
किशोर पाटिल बने नए वाइस चेयरमैन
नैसकॉम की कार्यकारी परिषद ने एक और महत्वपूर्ण नियुक्ति की घोषणा की। KPIT Technologies के सह-संस्थापक, सीईओ और प्रबंध निदेशक किशोर पाटिल को नैसकॉम का नया वाइस चेयरमैन चुना गया है। KPIT ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी में विशेषज्ञता रखने वाली एक प्रमुख भारतीय आईटी कंपनी है, और पाटिल का अनुभव नैसकॉम की रणनीतिक दिशा को और व्यापक बनाएगा।
भारतीय आईटी उद्योग के लिए क्या मायने रखती है यह नियुक्ति?
गौरतलब है कि यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर जेनरेटिव AI और एजेंटिक AI की दौड़ तेज हो गई है। अमेरिका, चीन और यूरोप AI में भारी निवेश कर रहे हैं। ऐसे में भारत के लिए यह जरूरी है कि उसका आईटी उद्योग महज सेवा प्रदाता से आगे बढ़कर वैश्विक AI उत्पादों का निर्माता बने। वेलमाकन्नी की पृष्ठभूमि — जो भारत के शुरुआती AI उद्यमों में से एक के सह-संस्थापक हैं — इस दृष्टि से बेहद प्रासंगिक है।
नैसकॉम के अनुसार, भारतीय आईटी उद्योग का वार्षिक राजस्व 250 अरब डॉलर से अधिक है और यह देश के सबसे बड़े रोजगारदाताओं में से एक है। ऐसे में नैसकॉम के नए नेतृत्व की दिशा लाखों आईटी पेशेवरों के करियर और भारत की वैश्विक तकनीकी छवि दोनों को प्रभावित करेगी।
आने वाले महीनों में नैसकॉम का वार्षिक प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन और AI नीति संवाद वेलमाकन्नी के नेतृत्व की पहली बड़ी परीक्षा होंगे, जहां उद्योग की नई दिशा और सरकार के साथ AI शासन पर रोडमैप स्पष्ट होने की उम्मीद है।