नैटको फार्मा का Q1 मुनाफा 57% गिरा, लेनालिडोमाइड बिक्री में कमज़ोरी से ₹206.5 करोड़ पर आया
सारांश
मुख्य बातें
नैटको फार्मा लिमिटेड का वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 57 प्रतिशत गिरकर ₹206.5 करोड़ रह गया — जो एक साल पहले की समान तिमाही में ₹480.3 करोड़ था। कंपनी की नियामकीय फाइलिंग के अनुसार, इस तीव्र गिरावट का मुख्य कारण कैंसर उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवा लेनालिडोमाइड के जेनेरिक संस्करण की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कमज़ोर बिक्री रही।
राजस्व और परिचालन प्रदर्शन
कंपनी की परिचालन आय भी इस तिमाही में 44.7 प्रतिशत की तेज़ गिरावट के साथ ₹735.2 करोड़ पर आ गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह ₹1,328.9 करोड़ थी। परिचालन लाभ (EBITDA) सालाना आधार पर 67.4 प्रतिशत घटकर ₹186 करोड़ रह गया — एक साल पहले यह ₹571 करोड़ था। EBITDA मार्जिन भी 43 प्रतिशत से सिकुड़कर 25.3 प्रतिशत पर आ गया, जो बिक्री में आई कमी का सीधा असर दर्शाता है।
लागत नियंत्रण में आंशिक सफलता
गौरतलब है कि कंपनी ने खर्च घटाने के मोर्चे पर कुछ राहत ज़रूर पाई। अप्रैल-जून तिमाही में कुल व्यय ₹608.8 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के ₹818.7 करोड़ से कम है। हालाँकि राजस्व में आई तीखी गिरावट के सामने यह लागत कटौती मुनाफे पर दबाव को पूरी तरह थामने में नाकाफी साबित हुई।
खंडवार प्रदर्शन
घरेलू फार्मूलेशन कारोबार ने इस तिमाही में सकारात्मक रुख बनाए रखा — इस खंड का राजस्व बढ़कर ₹136.4 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹107 करोड़ था। इसी तरह, एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रीडिएंट्स (API) खंड में भी वृद्धि दर्ज हुई — राजस्व ₹52.6 करोड़ से बढ़कर ₹66.7 करोड़ पहुँचा।
इसके विपरीत, अंतरराष्ट्रीय फार्मूलेशन कारोबार में भारी गिरावट आई। इस खंड का राजस्व ₹1,120.9 करोड़ से घटकर ₹477.1 करोड़ रह गया। लेनालिडोमाइड की वैश्विक बिक्री में आई कमज़ोरी इस खंड की मंदी का प्रमुख कारण रही। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर लेनालिडोमाइड के जेनेरिक बाज़ार में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और मूल्य दबाव तेज़ हो रहा है।
बोर्ड के प्रमुख फैसले
तिमाही नतीजों के साथ कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शेयरधारकों को ₹1.50 प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम लाभांश देने की घोषणा की है। इसके अलावा, बोर्ड ने भविष्य की विकास योजनाओं के लिए क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) और अन्य अनुमत माध्यमों से ₹2,000 करोड़ तक की पूँजी जुटाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
आगे की राह
कंपनी का मानना है कि QIP के ज़रिये जुटाई जाने वाली पूँजी भविष्य के विस्तार और रणनीतिक निवेश के लिए वित्तीय लचीलापन प्रदान करेगी। घरेलू फार्मूलेशन और API खंडों की बढ़त संकेत देती है कि नैटको फार्मा लेनालिडोमाइड पर अपनी निर्भरता कम करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है — हालाँकि यह बदलाव कितनी तेज़ी से आएगा, यह आने वाली तिमाहियों में स्पष्ट होगा।