मुथूट फाइनेंस के शेयर Q1 FY2027 नतीजों के बाद 14% से अधिक टूटे, ₹2,671 के निचले स्तर पर पहुँचे
सारांश
मुख्य बातें
मुथूट फाइनेंस के शेयरों में सोमवार, 3 अगस्त को इंट्राडे कारोबार में 14.38 प्रतिशत की तीखी गिरावट दर्ज की गई, जब गोल्ड लोन क्षेत्र की इस प्रमुख कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (अप्रैल–जून) के वित्तीय नतीजे जारी किए। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर शेयर गिरकर ₹2,671 के दिन के निचले स्तर पर आ गया, हालाँकि बाद में इसमें आंशिक सुधार हुआ।
बाज़ार में क्या हुआ
NSE पर मुथूट फाइनेंस का शेयर सोमवार को 7.80 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹2,876 पर खुला। सत्र के दौरान बिकवाली का दबाव बढ़ता गया और शेयर 14.38 प्रतिशत गिरकर ₹2,671 के निचले स्तर तक पहुँच गया। खबर लिखे जाने तक स्टॉक 7.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹2,889 पर कारोबार कर रहा था।
गौरतलब है कि कंपनी का 52-हफ्ते का उच्चतम स्तर ₹4,149.50 और 52-हफ्ते का निम्नतम स्तर ₹2,476.60 है। इस साल अब तक शेयर की कीमत करीब 25 प्रतिशत गिर चुकी है, जबकि पिछले 6 महीनों में यह 20 प्रतिशत से अधिक टूट चुका है।
तिमाही नतीजे: मुनाफा बढ़ा, फिर भी बाज़ार निराश
मुथूट फाइनेंस ने Q1 FY2027 में ₹2,799 करोड़ का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही के ₹2,016 करोड़ की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। कंपनी की कुल आय भी 34.5 प्रतिशत बढ़कर ₹8,695 करोड़ हो गई, जबकि एक वर्ष पहले यह ₹6,466 करोड़ थी।
यह ऐसे समय में आया है जब बाज़ार विश्लेषक गोल्ड लोन कंपनियों के मार्जिन और नियामकीय दबाव को लेकर सतर्क हैं। मज़बूत मुनाफे के बावजूद बाज़ार की तीखी प्रतिक्रिया संकेत देती है कि निवेशकों की अपेक्षाएँ और भी ऊँची थीं, या नेतृत्व परिवर्तन की घोषणा ने अनिश्चितता पैदा की।
नेतृत्व में बड़े बदलाव
वित्तीय नतीजों के साथ-साथ कंपनी के बोर्ड ने महत्वपूर्ण प्रबंधकीय फेरबदल की भी घोषणा की। बोर्ड ने आगामी वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन, 1 अक्टूबर से अलेक्जेंडर जॉर्ज को नया प्रबंध निदेशक (MD) नियुक्त करने की सिफारिश की है।
साथ ही, केआर बिजिमोन को 1 अक्टूबर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद पर पदोन्नत करने को भी मंजूरी दी गई है। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, वर्तमान प्रबंध निदेशक जॉर्ज अलेक्जेंडर मुथूट कार्यकारी उपाध्यक्ष का पदभार ग्रहण करेंगे और कंपनी को रणनीतिक मार्गदर्शन देते रहेंगे।
अंतरराष्ट्रीय निवेश को भी मंजूरी
बोर्ड ने राइट्स इश्यू के माध्यम से श्रीलंका स्थित एशिया एसेट फाइनेंस पीएलसी में ₹32 करोड़ के निवेश को भी हरी झंडी दी है। यह कदम कंपनी की दक्षिण एशियाई बाज़ारों में विस्तार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
आगे क्या
नेतृत्व परिवर्तन की प्रभावी तिथि 1 अक्टूबर 2026 है, जो शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर है। बाज़ार विशेषज्ञों की नज़र इस बात पर होगी कि नया प्रबंधन गोल्ड लोन पोर्टफोलियो की वृद्धि को किस दिशा में ले जाता है और क्या कंपनी के शेयर अपने 52-हफ्ते के उच्चतम स्तर की ओर वापसी कर पाते हैं।