एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का Q1 FY27 शुद्ध लाभ ₹795.95 करोड़, तिमाही आधार पर 4.3% की गिरावट
सारांश
मुख्य बातें
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) में शुद्ध लाभ तिमाही आधार पर 4.3 प्रतिशत घटकर ₹795.95 करोड़ रह गया, जबकि जनवरी-मार्च तिमाही में यह ₹831.87 करोड़ था। हालांकि, सालाना आधार पर बैंक के मुनाफे में 37 प्रतिशत की मज़बूत बढ़ोतरी दर्ज हुई — पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में शुद्ध लाभ ₹581 करोड़ था।
मुख्य वित्तीय प्रदर्शन
बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) — यानी ब्याज आय और ब्याज व्यय के बीच का अंतर — सालाना आधार पर 31.9 प्रतिशत बढ़कर ₹2,696 करोड़ हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में ₹2,044 करोड़ थी। यह वृद्धि बैंक के मुख्य कारोबार की मज़बूती को दर्शाती है।
ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी सालाना आधार पर 9.4 प्रतिशत बढ़कर ₹1,435 करोड़ पहुँचा, जो पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में ₹1,312 करोड़ था। यह संकेत देता है कि परिचालन दक्षता में सुधार जारी है।
प्रावधान और क्रेडिट कॉस्ट में राहत
समीक्षाधीन तिमाही में बैंक के प्रावधान (Provisions) सालाना आधार पर 30.4 प्रतिशत घटकर ₹371 करोड़ रह गए, जबकि पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह ₹533 करोड़ थे। प्रावधानों में यह कमी बैंक की क्रेडिट कॉस्ट में सुधार का संकेत मानी जा रही है।
एसेट क्वालिटी पर दबाव
30 जून 2026 तक बैंक का सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (GNPA) अनुपात बढ़कर 2.10 प्रतिशत हो गया, जो मार्च तिमाही के अंत में 2.03 प्रतिशत था। इसी प्रकार, शुद्ध एनपीए (NNPA) अनुपात भी 0.74 प्रतिशत से बढ़कर 0.76 प्रतिशत हो गया। हालांकि ये आँकड़े नियंत्रण में हैं, तिमाही आधार पर मामूली वृद्धि निगरानी में रखी जाएगी।
शेयर बाज़ार में प्रदर्शन
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का शेयर शुक्रवार को ₹1,002.25 पर बंद हुआ। पिछले 52 सप्ताह में शेयर ने ₹1,090.40 का उच्चतम और ₹682.50 का न्यूनतम स्तर छुआ है। हाल के हफ्तों में शेयर का प्रदर्शन व्यापक बाज़ार की तुलना में कमज़ोर रहा है — पिछले एक सप्ताह में 2.68 प्रतिशत, दो सप्ताह में 6.54 प्रतिशत, एक महीने में 6.11 प्रतिशत और तीन महीनों में 5.95 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।
इसी अवधि में बीएसई सेंसेक्स दो सप्ताह में 1.95 प्रतिशत और एक महीने में 1.21 प्रतिशत गिरा — यानी बैंक का शेयर बेंचमार्क इंडेक्स से काफी अधिक दबाव में रहा।
आगे की राह
NII में मज़बूत सालाना वृद्धि और प्रावधानों में कमी बैंक की बुनियादी सेहत की सकारात्मक तस्वीर पेश करती है। तिमाही आधार पर मुनाफे में आई गिरावट और एनपीए अनुपात में मामूली बढ़ोतरी पर निवेशकों की नज़र अगली तिमाही के नतीजों पर टिकी रहेगी।